मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को एआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच किताबों से जुड़े रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि एआई काम को आसान कर सकता है और सवालों के जवाब दे सकता है लेकिन प्रश्न करना नहीं सिखा सकता। जिज्ञासा पैदा करने और सोचने की क्षमता विकसित करने में किताबों की अहम भूमिका है।
मुख्यमंत्री सोमवार को दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अमर उजाला की ओर से आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को तकनीक का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए लेकिन इसकी सीमा वहीं तक होनी चाहिए, जहां इसका प्रयोग लोक और राष्ट्र कल्याण में हो।
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बच्चों को दुलारते सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
किताबें ज्ञान का ऐसा माध्यम हैं, जो विद्यार्थी को किसी विषय को गहराई से समझने और उसके बारे में नए सवाल खड़े करने की क्षमता देती है। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में एआई की चर्चा है। तकनीक तेजी से बदल रही है और इसके माध्यम से कई कठिन काम आसान हो गए हैं।
विद्यार्थी इसका उपयोग पढ़ाई और ज्ञान बढ़ाने के लिए कर सकते हैं, लेकिन तकनीक को अपनी सोच का विकल्प नहीं बनने देना चाहिए। उत्तर आसानी से मिल जाना और सही सवाल पूछ पाना दो अलग बातें हैं। विद्यार्थी जिज्ञासु रहेंगे तो नई खोज और नवाचार का रास्ता भी खुलेगा।
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बच्चों को दुलारते सीएम योगी
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थितजन को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, यातायात नियमों के पालन और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा शर्मा कौशिक, दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओपी सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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सम्मानित करते सीएम योगी
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अगले सप्ताह शुरू होगी 500 खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी की सीधी भर्ती
गोरखपुर। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा, तकनीकी, स्टार्टअप के साथ ही खेलों को भी बढ़ावा दे रही है। ओलंपिक, एशियाड, कामनवेल्थ गेम्स में पदक विजेता को खूब नकद पुरस्कार देने साथ ही उन्हें सीधे सरकारी नौकरी दी जा रही है। अब तक 550 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले सप्ताह 500 और खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी की सीधी भर्ती शुरू होगी।
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शपथ लेते बच्चे
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कलाम का उदाहरण देकर बढ़ाया हौसला
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को असफलता से न घबराने की सीख देते हुए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कलाम फाइटर पायलट बनना चाहते थे लेकिन चयन नहीं हुआ। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और आगे चलकर देश के मिसाइल मैन बने।