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Gorakhpur News: जीआरपी तैनात को दीवान को हिरासत में लेकर पूछताछ
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गैंगस्टर बिल्ला का फर्जी पासपोर्ट मामला, पुलिस ने तेज की जांच
गोरखपुर। पंजाब के गैंगेस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला के फर्जी पासपोर्ट मामले में गोरखनाथ थाना पुलिस ने जीआरपी में तैनात एक दीवान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। वर्ष 2024 में पासपोर्ट बनने के समय वह गोरखनाथ थाने में तैनात था। पूछताछ में उसने फर्जी दस्तावेज, आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया से जुड़े कई लोगों के नाम बताए हैं।
पंजाब पुलिस की जांच में सामने आया कि अमृतसर देहात के अर्जन मांगा गांव निवासी बिल्ला ने नवंबर 2024 में दीप सिंह उर्फ दीपू के नाम से गोरखनाथ के लच्छीपुर इलाके का फर्जी पता और आधार कार्ड बनवाकर पासपोर्ट हासिल किया था। पूछताछ में उसने पंजाब-दिल्ली गिरोह के जरिये गोरखपुर के फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क से संपर्क होने की बात स्वीकार की है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इसे संगठित गिरोह का मामला मानकर जांच कर रही हैं। फर्जी पता उपलब्ध कराने, दस्तावेज तैयार करने और पुलिस सत्यापन में भूमिका निभाने वालों की पहचान की जा रही है। पासपोर्ट आवेदन, सत्यापन रिपोर्ट और अन्य अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है। मिलीभगत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। साथ ही पिछले वर्षों में फर्जी पतों पर बने पासपोर्ट, आधार कार्ड और निवास प्रमाणपत्रों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
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गोरखपुर। पंजाब के गैंगेस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला के फर्जी पासपोर्ट मामले में गोरखनाथ थाना पुलिस ने जीआरपी में तैनात एक दीवान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। वर्ष 2024 में पासपोर्ट बनने के समय वह गोरखनाथ थाने में तैनात था। पूछताछ में उसने फर्जी दस्तावेज, आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया से जुड़े कई लोगों के नाम बताए हैं।
पंजाब पुलिस की जांच में सामने आया कि अमृतसर देहात के अर्जन मांगा गांव निवासी बिल्ला ने नवंबर 2024 में दीप सिंह उर्फ दीपू के नाम से गोरखनाथ के लच्छीपुर इलाके का फर्जी पता और आधार कार्ड बनवाकर पासपोर्ट हासिल किया था। पूछताछ में उसने पंजाब-दिल्ली गिरोह के जरिये गोरखपुर के फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क से संपर्क होने की बात स्वीकार की है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इसे संगठित गिरोह का मामला मानकर जांच कर रही हैं। फर्जी पता उपलब्ध कराने, दस्तावेज तैयार करने और पुलिस सत्यापन में भूमिका निभाने वालों की पहचान की जा रही है। पासपोर्ट आवेदन, सत्यापन रिपोर्ट और अन्य अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है। मिलीभगत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। साथ ही पिछले वर्षों में फर्जी पतों पर बने पासपोर्ट, आधार कार्ड और निवास प्रमाणपत्रों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
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