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Gorakhpur News: सरकारी अस्पतालों में तीमारदारों के बैठने का भी होगा इंतजाम
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गोरखपुर। सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों के अलावा उनके एक तीमारदार के लिए भी बैठने का प्रबंध किया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल आए मरीजों से स्ट्रेचर या व्हीलचेयर जैसी सुविधा देने के लिए आधार कार्ड नहीं मांगा जाएगा।
जिला अस्पताल, सीएचसी-पीएचसी मिलाकर जिले में 110 सरकारी अस्पताल हैं। यहां हर दिन हजारों मरीज व उनके तीमारदार पहुंचते हैं। आमतौर पर ओपीडी में केवल मरीज के लिए ही बैठने का प्रबंध होता है। इनडोर मरीजों के साथ गए तीमारदार के लिए कोई प्रबंध नहीं होता। ऐसे में तीमारदारों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। कुछ बड़े अस्पतालों में रैन बसेरा का निर्माण होता है, लेकिन वहां भी बैठने या सोने का कोई प्रबंध नहीं होता। मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए स्ट्रेचर या व्हीलचेयर तभी मिलता है, जब तीमारदार अपना आधार कार्ड काउंटर पर जमा करते हैं। जिन मरीजों के तीमारदार आधार नहीं दे पाते, उन्हें स्ट्रेचर या व्हीलचेयर नहीं मिलता है।
शासन ने इन मामलों का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से यह व्यवस्था लागू की है कि अस्पताल आए मरीजों को व्हील चेयर या स्ट्रेचर देने के लिए किसी प्रकार के आधार कार्ड की कोई जरूरत नहीं होगी। इसी प्रकार ओपीडी या इनडोर मरीज के साथ एक तीमारदार के बैठने का भी प्रबंध किया जाएगा।
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कोट-
जिला अस्पताल, सीएचसी-पीएचसी, न्यू पीएचसी समेत सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों व तीमारदारों के बैठने का प्रबंध है। कुछ जगहों पर स्ट्रेचर या व्हील चेयर के लिए आधार कार्ड जमा कराने का नियम व्यवस्था बनाने के लिए होता है, क्योंकि लोग व्हील चेयर इधर-उधर रख देते हैं। शासन ने जो निर्देश जारी किया है उसका पालन कराने का निर्देश तत्काल जारी कर दिया गया है। तीमारदारों के बैठने का भी प्रबंध किया जा रहा है।
-डॉ. आशुतोष दूबे, सीएमओ
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जिला अस्पताल, सीएचसी-पीएचसी मिलाकर जिले में 110 सरकारी अस्पताल हैं। यहां हर दिन हजारों मरीज व उनके तीमारदार पहुंचते हैं। आमतौर पर ओपीडी में केवल मरीज के लिए ही बैठने का प्रबंध होता है। इनडोर मरीजों के साथ गए तीमारदार के लिए कोई प्रबंध नहीं होता। ऐसे में तीमारदारों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। कुछ बड़े अस्पतालों में रैन बसेरा का निर्माण होता है, लेकिन वहां भी बैठने या सोने का कोई प्रबंध नहीं होता। मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए स्ट्रेचर या व्हीलचेयर तभी मिलता है, जब तीमारदार अपना आधार कार्ड काउंटर पर जमा करते हैं। जिन मरीजों के तीमारदार आधार नहीं दे पाते, उन्हें स्ट्रेचर या व्हीलचेयर नहीं मिलता है।
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शासन ने इन मामलों का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से यह व्यवस्था लागू की है कि अस्पताल आए मरीजों को व्हील चेयर या स्ट्रेचर देने के लिए किसी प्रकार के आधार कार्ड की कोई जरूरत नहीं होगी। इसी प्रकार ओपीडी या इनडोर मरीज के साथ एक तीमारदार के बैठने का भी प्रबंध किया जाएगा।
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कोट-
जिला अस्पताल, सीएचसी-पीएचसी, न्यू पीएचसी समेत सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों व तीमारदारों के बैठने का प्रबंध है। कुछ जगहों पर स्ट्रेचर या व्हील चेयर के लिए आधार कार्ड जमा कराने का नियम व्यवस्था बनाने के लिए होता है, क्योंकि लोग व्हील चेयर इधर-उधर रख देते हैं। शासन ने जो निर्देश जारी किया है उसका पालन कराने का निर्देश तत्काल जारी कर दिया गया है। तीमारदारों के बैठने का भी प्रबंध किया जा रहा है।
-डॉ. आशुतोष दूबे, सीएमओ