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चिड़ियाघर: वन्यजीवों के इलाज के लिए बनेगा क्रिटिकल केयर सेंटर
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प्राणि उद्यान सोसाइटी की बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
बैठक के लिए चिड़ियाघर प्रशासन तैयार कर रहा एजेंडा
गोरखपुर। वन्यजीवों की मौत से सबक लेते हुए चिड़ियाघर प्रशासन भविष्य की तैयारियों में जुट गया है। आगे ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। अब वन्यजीवों के बेहतर इलाज के लिए चिड़ियाघर के अस्पताल में एक क्रिटिकल केयर सेंटर बनाया जाएगा। जल्द ही गोरखपुर प्राणि उद्यान सोसाइटी की बैठक आयोजित होने वाली है। इसमें इस प्रस्ताव को रखा जाएगा।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) अभी बर्ड फ्लू संक्रमण की वजह से दर्शकों के लिए बंद है। बाघिन शक्ति की बर्ड फ्लू से मौत हो गई थी। वहीं, बाघिन मैलानी, तेंदुए के दो शावक, हिमालयन गिद्ध और एक कॉकाटील भी संक्रमित हो गए थे। इसके बाद 26 मई इनका सैंपल जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
हालांकि, छह जून को दोबारा इनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट का अभी इंतजार है। इसके निगेटिव आने पर चिड़ियाघर को दर्शकों के लिए खोल दिया जाएगा।
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बर्ड फ्लू संक्रमण की वजह से ही इस वर्ष अभी प्राणि उद्यान सोसाइटी की बैठक नहीं हो पाई है। संक्रमण के बाद केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और शासन की ओर से नामित वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) की टीमें जांच के लिए चिड़ियाघर आई थीं। दोनों ने रिपोर्ट चिड़ियाघर प्रशासन को भेज दी है। इसमें कुछ सुझाव भी दिए हैं, जिन्हें चिड़ियाघर प्रशासन सोसाइटी की बैठक में रखेगा।
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अस्पताल में बढ़ेंगी सुविधाएं
निदेशक विकास यादव ने बताया कि प्राणि उद्यान के अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इलाज के लिए कुछ उपकरण की जरूरत है। छोटे शावकों के लिए क्रिटिकल केयर सेंटर बनाने का प्रस्ताव भी सोसाइटी की बैठक में रखा जाएगा। वहीं, भविष्य में यदि कोई समस्या आती है तो उसके लिए क्वारंटीन सेंटर भी बनाया जाएगा। बैठक में प्राणि उद्यान का बजट बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके लिए एजेंडा तैयार किया जा रहा है।
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बैठक के लिए चिड़ियाघर प्रशासन तैयार कर रहा एजेंडा
गोरखपुर। वन्यजीवों की मौत से सबक लेते हुए चिड़ियाघर प्रशासन भविष्य की तैयारियों में जुट गया है। आगे ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। अब वन्यजीवों के बेहतर इलाज के लिए चिड़ियाघर के अस्पताल में एक क्रिटिकल केयर सेंटर बनाया जाएगा। जल्द ही गोरखपुर प्राणि उद्यान सोसाइटी की बैठक आयोजित होने वाली है। इसमें इस प्रस्ताव को रखा जाएगा।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) अभी बर्ड फ्लू संक्रमण की वजह से दर्शकों के लिए बंद है। बाघिन शक्ति की बर्ड फ्लू से मौत हो गई थी। वहीं, बाघिन मैलानी, तेंदुए के दो शावक, हिमालयन गिद्ध और एक कॉकाटील भी संक्रमित हो गए थे। इसके बाद 26 मई इनका सैंपल जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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हालांकि, छह जून को दोबारा इनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट का अभी इंतजार है। इसके निगेटिव आने पर चिड़ियाघर को दर्शकों के लिए खोल दिया जाएगा।
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बर्ड फ्लू संक्रमण की वजह से ही इस वर्ष अभी प्राणि उद्यान सोसाइटी की बैठक नहीं हो पाई है। संक्रमण के बाद केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और शासन की ओर से नामित वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) की टीमें जांच के लिए चिड़ियाघर आई थीं। दोनों ने रिपोर्ट चिड़ियाघर प्रशासन को भेज दी है। इसमें कुछ सुझाव भी दिए हैं, जिन्हें चिड़ियाघर प्रशासन सोसाइटी की बैठक में रखेगा।
अस्पताल में बढ़ेंगी सुविधाएं
निदेशक विकास यादव ने बताया कि प्राणि उद्यान के अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इलाज के लिए कुछ उपकरण की जरूरत है। छोटे शावकों के लिए क्रिटिकल केयर सेंटर बनाने का प्रस्ताव भी सोसाइटी की बैठक में रखा जाएगा। वहीं, भविष्य में यदि कोई समस्या आती है तो उसके लिए क्वारंटीन सेंटर भी बनाया जाएगा। बैठक में प्राणि उद्यान का बजट बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके लिए एजेंडा तैयार किया जा रहा है।