Gorakhpur Weather: धूप खिलने से भ्रम में न आएं, रात में ठंड से रहें सतर्क
डॉ. राजीव कुमार जायसवाल ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ऐसे में खास तौर पर बुजुर्ग व बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही बीमार कर सकती है। ऐसे मौसम में हार्ट, दमा आदि के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
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गोरखपुर जिले में लगातार कड़ाके की ठंड के बाद दो दिन से धूप निकलने से राहत मिली है। धूप निकलने से दिन का तापमान तो चढ़ रहा है लेकिन रात में तापमान गिरने से ठंड सताने लग रही है। दो दिन से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में करीब चार गुना का अंतर देखा गया। ऐसे में तापमान में उतार चढ़ाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। थोड़ी सी भी लापरवाही करने वाले सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार की चपेट में आ जा रहे हैं। ऐसे में दिन में धूप के बहकावे में लोग रात में भी लापरवाही बरत रहें, जो उनके स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है।
मौसम विभाग ने मंगलवार को अधिकतम तापमान 23 व न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। दिन में चटक धूप के बाद शाम होते ही तापमान लुढ़क जा रहा है। रात में तापमान कम होने से ठंड सताने लग रही है। ऐसे में लापरवाही बरतने वाले लोगों पर भारी पड़ रहा है। दिन में कम ऊनी कपड़े पहनने के बाद शाम होते ही लोगों को ठंड सताने लग रही है। देर शाम तक बाहर रहने वह ठंड के शिकार होकर बीमार पड़ जा रहे हैं।
मंगलवार को न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस कम है। जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के बराबर रहा। लंबे समय बाद दिन में चटक धूप निकलने पर लोग छत, पार्क में बैठक कर आनंद लेते नजर आए।
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डॉ. राजीव कुमार जायसवाल ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ऐसे में खास तौर पर बुजुर्ग व बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही बीमार कर सकती है। ऐसे मौसम में हार्ट, दमा आदि के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने के कारण सतही स्तर पर हवा का रुख बदल कर पुरुवा/दक्षिणी-पूर्वी होने से वायु संचालन बढ़ गया है। जिससे वायुमंडलीय स्थिरता घटने के कारण कोहरा छंटने से धूप निकलने से ऊष्मा बढ़ने लगती है। ऐसे में अब शीत दिवस की स्थिति लगभग समाप्त हो गई।
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यद्यपि उत्तरोत्तर दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से मध्य क्षोभमंडलीय पछुवा हवाओं की निम्न क्षोभमंडलीय पुरवा हवाओं के साथ संभावित प्रतिक्रिया के चलते बुधवार और बृहस्पतिवार को बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बन रही है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा भी चलने की संभावना है। इसके बाद दो फरवरी को आंशिक अंतराल के बाद अगले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तीन व चार फरवरी को फिर कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।