UP Election 2022: सरहद के पार भी पहुंचा गोरखपुर का चुनावी बैलेट, जानिए कैसे
सर्विस वोटर लिस्ट के 8705 मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट भेजा गया। विदेश सेवा में तैनात नौ लोग भी इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट से मतदान करेंगे।
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गोरखपुर जिले में विधानसभा चुनाव-2022 के मतदान वाले दिन, देश की सरहद व विभिन्न सशस्त्र सेवाओं में तैनात सैनिकों ही नहीं, बल्कि विदेशों में तैनात नौ लोग भी मतदान करेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने इन्हें इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट सिस्टम (ईपीबीएस) के जरिए बृहस्पतिवार को ऑनलाइन पोस्टल बैलेट भेज दिया।
संबंधित सैनिक व विदेश सेवा में तैनात अफसर-कर्मचारी, इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट का प्रिंट निकालकर अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देंगे और फिर उसे डाक के जरिए जिला निर्वाचन कार्यालय को भेज देंगे। मतगणना वाले दिन यानी 10 मार्च को सुबह गणना शुरू होने से पहले 7:59 बजे तक प्राप्त होने वाले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी।
मतगणना शुरू होने के बाद ये पोस्टल बैलेट नहीं स्वीकार किए जाएंगे। जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक, सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों में विदेश में सेवारत और सैन्य सर्विस में तैनात जवानों एवं उनके परिवारों की मतदाता सूची अलग से तैयार की जाती है। जिले में 8705 ऐसे वोटर हैं जो इलेक्ट्रॉनिक बैलेट पेपर के जरिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।
विदेश सेवा के सबसे ज्यादा वोटर सदर विधानसभा क्षेत्र में हैं। यहां छह वोटर हैं, जबकि चौरीचौरा में दो और चिल्लूपार विधानसभा में एक वोटर हैं। कैम्पियरगंज, पिपराइच, ग्रामीण, सहजनवां, खजनी और बांसगांव विधानसभा क्षेत्र का कोई भी विदेश सेवा में नहीं है।
खजनी में सबसे अधिक सर्विस वोटर
सबसे अधिक सर्विस वोटर खजनी में हैं जबकि सबसे कम पिपराइच में। खजनी में 1372 पुरुष सर्विस वोटर और 29 महिला वोटर हैं। इसी तरह पिपराइच में सिर्फ 671 सर्विस वोटर हैं।
इन्हें कहते हैं सर्विस वोटर
यदि कोई व्यक्ति सेना में अपनी सेवा दे रहा है या अर्धसैनिक बलों जैसे सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ या किसी भी सैन्य सेवा में हैं और देश में या देश से बाहर अपनी सेवा दे रहे हैं, ऐसे लोगों को सर्विस वोटर की श्रेणी में रखा जाता है। राज्य के बाहर सैन्य सहित केंद्रीय सेवाओं में नौकरी कर रहे वोटरों को इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट पेपर्स (ईटीपीबीएस) के जरिए मतदान की सुविधा दी जा रही है।
निर्वाचन आयोग ने इंटरनेट के जरिए सर्विस वोटरों तक पोस्टल बैलेट पहुंचाने की व्यवस्था की है। सर्विस वोटर्स इस पर अपना मत अंकित करने के बाद पहले की तरह वापस डाक से भेजेंगे। डाक व्यवस्था का खर्च मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के स्तर पर वहन किया जाएगा।
डाउनलोड करने के लिए पड़ेगी ओटीपी की जरूरत
इस बार सर्विस वोटरों को पोस्टल बैलेट पेपर के साथ ही चार तरह के प्रपत्र डाक की बजाय ई-मेल माध्यम से भेजे जा रहे हैं। पोस्टल बैलेट की व्यवस्था सुरक्षित रखने के लिए इस कम्युनिकेशन को फिलहाल वन-वे ही रखा गया है। यानी मतदाताओं के पास इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट मेल के जरिए पहुंचेगा, लेकिन उन्हें इसे स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री के जरिए उसे वापस करना होगा।ईटीपीबीएस जो कि डाउनलोडेबल है। इसके लिए टू-लेयर सिक्योरिटी है। पहले इसे डाउनलोड करने के लिए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) की जरूरत पड़ेगी। इसे प्रिंट करने के लिए पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर (पिन) की जरूरत पड़ेगी जो कि ऑथराइज पर्सन या सर्विस वोटर को उनके मोबाइल या ई-मेल पर मिलेगा।
मतपत्रों की होगी क्यूआर स्कैनिंग
इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलेट के मतों की गिनती क्यूआर स्कैनिंग के जरिए होगी। फर्जीवाड़ा रोकने को लेकर सॉफ्टवेयर आधारित वेरिफिकेशन की व्यवस्था की गई है। प्राप्त होने वाले पोस्टल बैलेट में घोषणा पत्र (13) नहीं पाए जाने, इश्यू पोस्टल बैलेट आईडी का प्राप्त बैलेट आईडी से मिलान नहीं होने पर मत रद्द किया जा सकता है।विधानसभा सर्विस वोटर पुरुष सर्विस वोटर महिला विदेश सेवा कुल
कैम्पियरगंज - 1027 - 37 - 00 - 1064
पिपराइच - 654 - 17 - 00 - 671
शहर - 780 - 74 - 06 - 9003
ग्रामीण - 551 - 18 - 00 - 569
सहजनवां - 1313 - 43 - 00 - 1356
खजनी - 1372 - 29 - 00 - 1411
चौरीचौरा - 955 - 25 - 02 - 980
बांसगांव - 876 - 31 - 00 - 907
चिल्लूपार - 820 - 27 - 01 - 847