फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur university professor maintaining health during Corona curfew

गोरखपुर: कोरोना कर्फ्यू में संवार रहे बगिया और बना रहे सेहत, शिक्षकों ने बदल दी है अपनी दिनचर्या

Fri, 07 May 2021 02:08 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 07 May 2021 02:08 PM IST
सार

ऑनलाइन कक्षाएं बंद होने पर समय का सदुपयोग कर रहे शिक्षक

विज्ञापन
Gorakhpur university professor maintaining health during Corona curfew
गोविवि आचार्य प्रो. अजय शुक्ला और गोविवि सहायक आचार्य डॉ. तूलिका मिश्रा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोरोना कर्फ्यू में गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षक अपनी बगिया को संवारकर और योग, ध्यान आदि करते हुए सेहत बनाने में जुटे हैं। शिक्षकों ने अपनी दिनचर्या बदल दी है। कई शिक्षक सुबह और शाम का वक्त अपनी बागवानी में गुजार रहे हैं तो कुछ ने आसन व योग पर ध्यान केंद्रित किया है।
विज्ञापन


शिक्षकों का कहना है कि इससे उनमें सकारात्मकता आती है और टीवी चैनल से दूर रहकर समय गुजारने को अच्छा विकल्प मिल गया है। कोरोना कर्फ्यू के कारण विश्वविद्यालय और महाविद्यालय भी बंद हैं। ऑनलाइन कक्षाएं भी नहीं चल रहीं हैं। ऐसे में घरों में रहकर शिक्षक सकारात्मक रहते हुए माहौल को भी इसी अनुरूप बनाने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन


प्रकृति के बीच रहने का आनंद ही अलग
गोविवि आचार्य प्रो. अजय शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय बंद है और ऑनलाइन कक्षाएं भी स्थगित हैं। कहीं बाहर जा नहीं सकते हैं। ज्यादा समय इसलिए बागवानी में दे रहा हूं जिसके चलते दस दिनों में यह खूब हरा-भरा हो गया है। पौधे भी खूब लगाया हूं। इससे ऑक्सीजन की मात्रा तो बढ़ेगी ही, प्रकृति के बीच रहने का आनंद भी मिलेगा। सुबह उठकर घास पर बैठकर परिवार के सभी लोग योग भी कर रहे हैं। इससे सकारात्मक ऊर्जा आ रही है और मानसिक रूप से मजबूती मिल रही है। वहीं इन सबसे मेरा समय भी बहुत अच्छे से व्यतीत हो रहा है क्योंकि टीवी से मैंने दूरी बना ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुबह व शाम में कर रही हूं योग व आसन
गोविवि सहायक आचार्य डॉ. तूलिका मिश्रा ने कहा कि कोविड के समय में योग का महत्व बहुत ज्यादा है। इन दिनों हमारे पास समय भी पर्याप्त है। इसलिए योग के कई आसनों का नियमित अभ्यास करती हूं। इसके अलावा प्राणायाम, कपाल भांति व अनुलोम भी कर रही हूं। मेरे साथ विवि में कई और शिक्षिकाएं हैं जिन्होंने योग को दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है। कभी-कभी ऑनलाइन जुड़कर आसन को समझने में एक-दूसरे की मदद भी करते हैं। इससे सेहत तो दुरुस्त रहेगी ही, हमारा समय भी बेहतर तरीके से व्यतीत होगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed