गोरखपुर की उपलब्धि: एनआईआरएफ रैंकिंग में टॉप 50 में जगह पाना गोविवि का अगला लक्ष्य
पीएम, सीएम व राज्यपाल को पत्र लिखकर रिसर्च क्षेत्र में विशेष फंड मांगेंगे कुलपति।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
क्वाक्रैली सिमंड्स (क्यूएस) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में देश में 96वीं रैंक हासिल करने से उत्साहित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अब एनआईआरएफ रैंकिंग में टॉप 50 में जगह बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। कुलपति प्रो. राजेश सिंह जल्द ही रिसर्च आउटपुट में सुधार के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के साथ राज्यपाल को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय की इस विशेष उपलब्धि की जानकारी साझा करेंगे और रिसर्च के क्षेत्र में विशेष फंड उपलब्ध कराने की मांग भी रखेंगे।
कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग दिलाने में विवि की अकादमिक प्रतिष्ठा, नेशनल और इंटरनेशनल पब्लिकेशन की गुणवत्ता, उद्वरण (साईटेशन) और जर्नल इंपैक्ट फैक्टर ने अहम किरदार निभाया है। अब विश्वविद्यालय को आने वाले साल में एनईआरएफ और क्यूएस की टॉप 50 रैंकिंग में स्थान मिल सके, इसका प्रयास किया जाएगा।
ऐसी रैंकिंग केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईटी और राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों को मिलती है। जिन्हें मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से स्पोर्ट्स, एंटरप्रेन्योरशिप और आईटी के विकास के लिये 50 करोड़ तक कि धनराशि प्रदान की जाती है। जबकि राज्य विश्वविद्यालयों के रिसर्च और एकेडमिक गतिविधियों को कोई विशेष फंड नहीं उपलब्ध होता है।
ऐसे में राज्य सरकार को भी आगे आना चाहिए। कुलपति ने कहा कि क्यूएस रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन से विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, विद्यार्थियों व कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर लगातार बधाइयां मिल रहीं हैं। फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर लोग विवि को बधाई देने के साथ कुलपति प्रो. राजेश सिंह के नेतृत्व की सराहना कर रहे हैं।
क्यूएस रैकिंग में ऐसे मिले अंक
क्यूएस की तरफ से अकादमिक प्रतिष्ठा पर 40 प्रतिशत, नियोक्ता प्रतिष्ठा पर 10 प्रतिशत, संकाय शिक्षक/छात्र अनुपात पर 20 प्रतिशत, प्रकाशन एवं उद्वरण पर 20 प्रतिशत, अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी अनुपात पर 5 प्रतिशत, अंतरराष्ट्रीय छात्र अनुपात पर 5 प्रतिशत अंक प्रदान किए जाते हैं। इनके कई अहम मानकों पर विवि खरा उतरा है।
विवि के पास उत्कृष्ट फैकेल्टी
विश्वविद्यालय के पास सोशल साइंस और साइंस की उत्कृष्ट फैकेल्टी है। खासकर साइंस फैकल्टी का बेहतर साइंटिफिक कॉन्ट्रिब्यूशन है। प्रति व्यक्ति गुणवत्तापूर्ण पब्लिकेशन निकालने के मामले में विवि को 11.5 प्रतिशत अंक मिले हैं जो किसी अन्य विश्वविद्यालय की अपेक्षा बेहतर है।