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ताल सुमेरसागर : दोबारा टेंडर होगा, विवादित क्षेत्र छोड़कर ताल विकसित करेगा जीडीए
Sun, 30 Apr 2023 06:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 Apr 2023 06:49 AM IST
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ताल सुमेरसागर की प्रस्तावित डिजाइन
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गोरखपुर में दो साल पहले कब्जामुक्त कराए जाने के बाद अब सुमेर सागर ताल को विकसित करने के साथ ही इसके सुंदरीकरण को लेकर भी कवायद तेज हो गई है। कब्जे को लेकर कुछ भूखंड का विवाद अभी भी न्यायालय में लंबित है। ऐसे में काम प्रभावित न हो और वहां दोबारा कब्जा न शुरू हो जाए, इसलिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) विवादित क्षेत्र को छोड़कर बाकी हिस्से को विकसित करेगा। हालांकि दो बार के टेंडर में ज्यादा आवेदन नहीं आने पर प्राधिकरण फिर से टेंडर निकालने जा रहा है।
जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह के मुताबिक, अगले सप्ताह तक दोबारा टेंडर निकाल दिया जाएगा। पहले टेंडर में दो ही फर्म ने आवेदन किया था। बताया कि ताल को विकसित करने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 27 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को शासन की मंजूरी भी मिल चुकी है। ताल में पाथ-वे, म्यूजिकल फाउंटेन से लेकर बोटिंग की सुविधा विकसित की जाएगी। डीपीआर के मुताबिक ताल के चारों तरफ पक्का नाला बनाया जाएगा, जिससे गंदा पानी सीधे ताल में नहीं जा सके। ताल में म्यूजिकल फाउंटेन भी बनाएगा। बैठने के लिए भी व्यवस्था होगी।
पार्क के साथ जॉगिंग ट्रैक की होगी सुविधा
ताल के किनारे पार्क भी विकसित किया जाएगा। 1.437 किलोमीटर लंबाई में जॉगिंग ट्रैक बनाया जाएगा। इससे सुमेर सागर एवं आस-पास की 50 हजार से अधिक की आबादी को जहां सुबह-शाम टहलने की जगह मिलेगी वहीं बच्चों को खेलने के लिए पार्क मिलेगा। ताल के सुंदरीकरण के साथ-साथ फूड कोर्ट विकसित करने के लिए हाट भी बनाया जाएगा। गाड़ियों के लिए पार्किंग की सुविधा होगी, जहां तकरीबन 400 कार व बाइक खड़ी की जा सकेंगी।
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पंत पार्क चकाचक, ह्वी पार्क में सड़क टूटी, बिस्मिल में गंदगी
नए पार्क विकसित करने के फेर में जीडीए, उद्यान विभाग और नगर निगम पुराने पार्क की नजर पुराने पार्कों से हट जा रही है। अमर उजाला की पड़ताल में पंत पार्क में व्यवस्था चकाचक मिली। किड्स जोन में बच्चे झूलों समेत अन्य खिलौनों का इस्तेमाल करते दिखे तो वहीं युवा ओपन जिम पर वर्जिश कर रहे थे। पार्क के पीछे की तरफ 20-25 की संख्या में कराटे सीख रहे थे तो बुजुर्ग जाॅगर्स ट्रैक पर टहल रहे थे। बिस्मिल पार्क के एक किनारे में गंदगी का अंबार दिखा। मरी हुई बिल्ली से उठने वाले दुर्गंध से लोग उस तरफ जाने से कतरा रहे तो वहीं थोड़ी दूरी पर कचड़े का ढेर भी लगा था। इसी तरह ह्वी पर्का के भीतर की सड़कों की गिट्टी उखड़ जाने से टहलने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहां कुछ झूले भी टूट गए हैं तो लाइटें खराब पड़ी हैं जिससे शाम होते ही पार्क में अंधेरा हो जाने से लोग असुरक्षित महसूस करते हैं।
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जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह के मुताबिक, अगले सप्ताह तक दोबारा टेंडर निकाल दिया जाएगा। पहले टेंडर में दो ही फर्म ने आवेदन किया था। बताया कि ताल को विकसित करने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 27 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को शासन की मंजूरी भी मिल चुकी है। ताल में पाथ-वे, म्यूजिकल फाउंटेन से लेकर बोटिंग की सुविधा विकसित की जाएगी। डीपीआर के मुताबिक ताल के चारों तरफ पक्का नाला बनाया जाएगा, जिससे गंदा पानी सीधे ताल में नहीं जा सके। ताल में म्यूजिकल फाउंटेन भी बनाएगा। बैठने के लिए भी व्यवस्था होगी।
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पार्क के साथ जॉगिंग ट्रैक की होगी सुविधा
ताल के किनारे पार्क भी विकसित किया जाएगा। 1.437 किलोमीटर लंबाई में जॉगिंग ट्रैक बनाया जाएगा। इससे सुमेर सागर एवं आस-पास की 50 हजार से अधिक की आबादी को जहां सुबह-शाम टहलने की जगह मिलेगी वहीं बच्चों को खेलने के लिए पार्क मिलेगा। ताल के सुंदरीकरण के साथ-साथ फूड कोर्ट विकसित करने के लिए हाट भी बनाया जाएगा। गाड़ियों के लिए पार्किंग की सुविधा होगी, जहां तकरीबन 400 कार व बाइक खड़ी की जा सकेंगी।
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पंत पार्क चकाचक, ह्वी पार्क में सड़क टूटी, बिस्मिल में गंदगी
नए पार्क विकसित करने के फेर में जीडीए, उद्यान विभाग और नगर निगम पुराने पार्क की नजर पुराने पार्कों से हट जा रही है। अमर उजाला की पड़ताल में पंत पार्क में व्यवस्था चकाचक मिली। किड्स जोन में बच्चे झूलों समेत अन्य खिलौनों का इस्तेमाल करते दिखे तो वहीं युवा ओपन जिम पर वर्जिश कर रहे थे। पार्क के पीछे की तरफ 20-25 की संख्या में कराटे सीख रहे थे तो बुजुर्ग जाॅगर्स ट्रैक पर टहल रहे थे। बिस्मिल पार्क के एक किनारे में गंदगी का अंबार दिखा। मरी हुई बिल्ली से उठने वाले दुर्गंध से लोग उस तरफ जाने से कतरा रहे तो वहीं थोड़ी दूरी पर कचड़े का ढेर भी लगा था। इसी तरह ह्वी पर्का के भीतर की सड़कों की गिट्टी उखड़ जाने से टहलने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहां कुछ झूले भी टूट गए हैं तो लाइटें खराब पड़ी हैं जिससे शाम होते ही पार्क में अंधेरा हो जाने से लोग असुरक्षित महसूस करते हैं।

ताल सुमेरसागर की प्रस्तावित डिजाइन