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गोरखपुर: गोलघर सीरियल बम ब्लास्ट मामले में तारिक काजमी को उम्रकैद, 2.15 लाख रुपये जुर्माना
Mon, 21 Dec 2020 06:54 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 21 Dec 2020 06:54 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
गोरखपुर में गोलघर सीरियल बम ब्लास्ट मामले में आजमगढ़ के तारिक काजमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार सिंह ने आजमगढ़ के रानी की सहाय थाना क्षेत्र के ग्राम शंभूपुर निवासी अभियुक्त तारिक काजमी को सजा सुनाते हुए 2 लाख 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जानकारी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम प्रकाश सिंह एवं शरदेंदु प्रताप नारायण सिंह का कहना था कि इस मामले मुकदमा कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर निवासी वादी राजेश राठौर ने एक जागरूक नागरिक होने के नाते दर्ज कराया था।
उनका कहना था कि वह बलदेव प्लाजा पेट्रोल पम्प के निकट सरस्वती एजेंसी में बतौर सेल्समैन का कार्य करता है। 22 मई 2007 को समय करीब 7 बजे वह बलदेव प्लाजा पर मौजूद थे। उसी समय जलकल बिल्डिंग की तरफ से एक विस्फोट की आवाज सुनाई दी, जिससे भगदड़ मची हुई थी।
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इसी बीच दूसरा विस्फोट बलदेव प्लाजा पेट्रोल पम्प के बगल में साइकिल में टंगे झोले में रखे हुए बम के कारण हुआ। अफरा-तफरी का माहौल था। धड़ाधड दुकानें बंद होने लगी। लोग अभी कुछ समझ पाते कि तीसरा विस्फोट गणेश चौराहे पर हुआ।
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जानकारी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम प्रकाश सिंह एवं शरदेंदु प्रताप नारायण सिंह का कहना था कि इस मामले मुकदमा कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर निवासी वादी राजेश राठौर ने एक जागरूक नागरिक होने के नाते दर्ज कराया था।
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उनका कहना था कि वह बलदेव प्लाजा पेट्रोल पम्प के निकट सरस्वती एजेंसी में बतौर सेल्समैन का कार्य करता है। 22 मई 2007 को समय करीब 7 बजे वह बलदेव प्लाजा पर मौजूद थे। उसी समय जलकल बिल्डिंग की तरफ से एक विस्फोट की आवाज सुनाई दी, जिससे भगदड़ मची हुई थी।
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इसी बीच दूसरा विस्फोट बलदेव प्लाजा पेट्रोल पम्प के बगल में साइकिल में टंगे झोले में रखे हुए बम के कारण हुआ। अफरा-तफरी का माहौल था। धड़ाधड दुकानें बंद होने लगी। लोग अभी कुछ समझ पाते कि तीसरा विस्फोट गणेश चौराहे पर हुआ।
इसकी सूचना पाकर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई और विस्फोट वाले स्थानों से भीड़ को हटाने लगी। दौरान विवेचना अभियुक्त तारिक काजमी का नाम प्रकाश में आया और विवेचक ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। साक्ष्यों के आधार पर सोमवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया।