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Gorakhpur News: गांव के बच्चों में क्षमता बहुत, जरूरत उन्हें तराशने की
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एमएमएमयूटी के दीक्षांत समारोह में बोलीं राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल
गोरखपुर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जिन शिक्षकों और छात्रों ने किताबें लिखी हैं, वह भविष्य में काम आएंगी। अक्सर गांव के स्कूलों में लाइब्रेरी नहीं होती हैं, होती भी हैं तो पुस्तकें नहीं होती हैं, इसलिए राजभवन से हमेशा स्कूलों को पुस्तकें भेंट की जाती हैं। आप सब भी गांव के स्कूलों में पुस्तकें भेंट करें क्योंकि गांव के बच्चों में बहुत क्षमता है। बस उनकी प्रतिभा को तराशने की जरूरत है।
राज्यपाल मंगलवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के 10वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए विद्यार्थियों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को छात्रों के ज्ञान में वृद्धि के लिए अच्छी लाइब्रेरी की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही विश्वविद्यालयों को परिषदीय विद्यालयों में भी लाइब्रेरी की उपलब्धता की दिशा में कार्य करना चाहिए।
उन्होंने समारोह में आए स्कूली बच्चों की प्रतिभा की तारीफ करते हुए कहा कि गोद लिए गांव के छोटे-छोटे बच्चों की प्रतिभा यहां दिख रही और और उन्हें पूरा विश्वास है कि यदि हम ऐसे ही प्रयास करते रहे तो भारत आने वाले समय में विश्व गुरु अवश्य बनेगा।
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छात्रों को डिजिलॉकर की दें जानकारी
राज्यपाल ने कहा कि छात्रों को डिजिलॉकर के माध्यम से जारी डिग्री को डाउनलोड करने की प्रक्रिया के बारे में बताएं। पिछले वर्ष इसी तरह व्यवस्था की गई लेकिन जानकारी के अभाव में छात्र विश्वविद्यालय और कॉलेज पहुंचने लगे तो डिग्री की छपाई करानी पड़ी। पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की ओर से सीएसआईआर के माध्यम से विश्वविद्यालय में एक महिला छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। संस्था का यह कार्य उनके सीएसआईआर फंड के सदुपयोग को दर्शाता है। सीएसआईआर या अन्य माध्यम से हमें इस प्रकार के कार्यक्रम को निरंतर आगे बढ़ाना चाहिए। छात्रावास की व्यवस्था से दूरदराज के छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत होती है।
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गोरखपुर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जिन शिक्षकों और छात्रों ने किताबें लिखी हैं, वह भविष्य में काम आएंगी। अक्सर गांव के स्कूलों में लाइब्रेरी नहीं होती हैं, होती भी हैं तो पुस्तकें नहीं होती हैं, इसलिए राजभवन से हमेशा स्कूलों को पुस्तकें भेंट की जाती हैं। आप सब भी गांव के स्कूलों में पुस्तकें भेंट करें क्योंकि गांव के बच्चों में बहुत क्षमता है। बस उनकी प्रतिभा को तराशने की जरूरत है।
राज्यपाल मंगलवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के 10वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए विद्यार्थियों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को छात्रों के ज्ञान में वृद्धि के लिए अच्छी लाइब्रेरी की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही विश्वविद्यालयों को परिषदीय विद्यालयों में भी लाइब्रेरी की उपलब्धता की दिशा में कार्य करना चाहिए।
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उन्होंने समारोह में आए स्कूली बच्चों की प्रतिभा की तारीफ करते हुए कहा कि गोद लिए गांव के छोटे-छोटे बच्चों की प्रतिभा यहां दिख रही और और उन्हें पूरा विश्वास है कि यदि हम ऐसे ही प्रयास करते रहे तो भारत आने वाले समय में विश्व गुरु अवश्य बनेगा।
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छात्रों को डिजिलॉकर की दें जानकारी
राज्यपाल ने कहा कि छात्रों को डिजिलॉकर के माध्यम से जारी डिग्री को डाउनलोड करने की प्रक्रिया के बारे में बताएं। पिछले वर्ष इसी तरह व्यवस्था की गई लेकिन जानकारी के अभाव में छात्र विश्वविद्यालय और कॉलेज पहुंचने लगे तो डिग्री की छपाई करानी पड़ी। पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की ओर से सीएसआईआर के माध्यम से विश्वविद्यालय में एक महिला छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। संस्था का यह कार्य उनके सीएसआईआर फंड के सदुपयोग को दर्शाता है। सीएसआईआर या अन्य माध्यम से हमें इस प्रकार के कार्यक्रम को निरंतर आगे बढ़ाना चाहिए। छात्रावास की व्यवस्था से दूरदराज के छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत होती है।