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Gorakhpur News: निलंबित दो दरोगा व पुलिसकर्मी ने नहीं कराई आमद…दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी
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लूट के मामले में संदिग्ध पाए गए आरोपी तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू
जांच में दोषी पाए जाने पर हो सकती है बर्खास्तगी की कार्रवाई
गोरखपुर। राजस्थान के जयपुर निवासी रविशंकर को बंधक बनाकर लूटपाट के आरोप में निलंबित किए गए दो दरोगा समेत तीन पुलिस कर्मियों ने अब तक पुलिस लाइंस में आमद नहीं कराई है। अब तीनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। फिलहाल एसपी लाइन जल्द ही तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सकते हैं। इधर, निलंबित पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
5 अगस्त 2025 को बेलीपार क्षेत्र के पिछौरा गांव के मूल निवासी रविशंकर को क्राइम ब्रांच का दरोगा बताने वाले कार सवारों ने अगवा कर लिया था। तमंचा रखने के आरोप में जेल भेजने की धमकी देकर रविशंकर से 90 हजार रुपये लूट लिए थे। वारदात के बाद नौसड़ चौकी इंचार्ज शुभम श्रीवास्तव, दरोगा अर्चना राणा और सिपाही प्रवीण यादव मोबाइल बंद कर थाने की जीडी में एक किशोरी की बरामदगी दर्ज कर मुंबई रवाना हो गए थे। इसके चलते वह संदेह के घेरे में आ गए। मामला संज्ञान में आने के बाद एसएसपी आरके नय्यर ने शुक्रवार रात नौसड़ चौकी प्रभारी शुभम श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया था। इसके बाद रविवार को दरोगा अर्चना राणा व सिपाही प्रवीण यादव को भी निलंबित कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी है। इधर, निलंबन के 24 घंटे के भीतर लाइन में आमद न कराने पर उनके खिलाफ गैर हाजिरी रिपोर्ट लिखने के बाद दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
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आमद नहीं कराई तो भेजा जाएगा नोटिस नियमानुसार निलंबन के बाद तीनों पुलिस कर्मियों में से किसी ने भी आमद नहीं कराई तो उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा। तय समय पर यदि पुलिस कर्मी अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो उनके खिलाफ गैर हाजिरी रिपोर्ट लिखने के बाद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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विवेचना में दोषी पाए जाने पर केस दर्ज कर भेजा जाएगा जेल
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि सीओ कोतवाली के निर्देशन में थाना प्रभारी बेलीपार मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर विवेचना में तीनों पुलिसकर्मियों का नाम बढ़ाते हुए जेल भेजा जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस कर्मी अगर जेल जाते हैं तो उनके खिलाफ बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जा सकती है।
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कोट
निलंबित पुलिस कर्मियों ने पुलिस लाइंस में अभी आमद नहीं कराई है। लिहाजा उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा। यदि पुलिस कर्मी अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो उनके खिलाफ गैर हाजिरी रिपोर्ट लिखने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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जांच में दोषी पाए जाने पर हो सकती है बर्खास्तगी की कार्रवाई
गोरखपुर। राजस्थान के जयपुर निवासी रविशंकर को बंधक बनाकर लूटपाट के आरोप में निलंबित किए गए दो दरोगा समेत तीन पुलिस कर्मियों ने अब तक पुलिस लाइंस में आमद नहीं कराई है। अब तीनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। फिलहाल एसपी लाइन जल्द ही तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सकते हैं। इधर, निलंबित पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
5 अगस्त 2025 को बेलीपार क्षेत्र के पिछौरा गांव के मूल निवासी रविशंकर को क्राइम ब्रांच का दरोगा बताने वाले कार सवारों ने अगवा कर लिया था। तमंचा रखने के आरोप में जेल भेजने की धमकी देकर रविशंकर से 90 हजार रुपये लूट लिए थे। वारदात के बाद नौसड़ चौकी इंचार्ज शुभम श्रीवास्तव, दरोगा अर्चना राणा और सिपाही प्रवीण यादव मोबाइल बंद कर थाने की जीडी में एक किशोरी की बरामदगी दर्ज कर मुंबई रवाना हो गए थे। इसके चलते वह संदेह के घेरे में आ गए। मामला संज्ञान में आने के बाद एसएसपी आरके नय्यर ने शुक्रवार रात नौसड़ चौकी प्रभारी शुभम श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया था। इसके बाद रविवार को दरोगा अर्चना राणा व सिपाही प्रवीण यादव को भी निलंबित कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी है। इधर, निलंबन के 24 घंटे के भीतर लाइन में आमद न कराने पर उनके खिलाफ गैर हाजिरी रिपोर्ट लिखने के बाद दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
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आमद नहीं कराई तो भेजा जाएगा नोटिस नियमानुसार निलंबन के बाद तीनों पुलिस कर्मियों में से किसी ने भी आमद नहीं कराई तो उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा। तय समय पर यदि पुलिस कर्मी अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो उनके खिलाफ गैर हाजिरी रिपोर्ट लिखने के बाद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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विवेचना में दोषी पाए जाने पर केस दर्ज कर भेजा जाएगा जेल
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि सीओ कोतवाली के निर्देशन में थाना प्रभारी बेलीपार मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर विवेचना में तीनों पुलिसकर्मियों का नाम बढ़ाते हुए जेल भेजा जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस कर्मी अगर जेल जाते हैं तो उनके खिलाफ बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जा सकती है।
कोट
निलंबित पुलिस कर्मियों ने पुलिस लाइंस में अभी आमद नहीं कराई है। लिहाजा उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा। यदि पुलिस कर्मी अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो उनके खिलाफ गैर हाजिरी रिपोर्ट लिखने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी