{"_id":"685d9ede7684a2030b07dacc","slug":"gorakhpur-news-trains-will-soon-run-back-and-forth-between-govindnagar-babhanan-and-deoria-sadar-bhatni-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-983498-2025-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: गोविंदनगर-बभनान और देवरिया सदर-भटनी के बीच जल्द आगे-पीछे दौड़ेंगी ट्रेनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: गोविंदनगर-बभनान और देवरिया सदर-भटनी के बीच जल्द आगे-पीछे दौड़ेंगी ट्रेनें
विज्ञापन
ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के लिए होगा इंटरलॉकिंग काम, अगले महीने ब्लॉक लेने की तैयारी
बढ़ जाएगी ट्रैक की क्षमता, से वाराणसी और लखनऊ रूट पर ट्रेनों की बढ़ेगी रफ्तार
गोरखपुर। जल्द ही गोविंद नगर से बभनान और देवरिया सदर से भटनी के बीच ट्रेनें एक ही पटरी पर आगे-पीछे दौड़ेंगी। दोनों रेलखंड के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने का काम अंतिम चरण में है। अगले महीने प्री-इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य कराया जाएगा। इसके लिए यातायात ब्लॉक लेने की तैयारी चल रही है। इसके चलते ट्रेनों का संचलन प्रभावित रहेगा। इसके बाद गोरखपुर से वाराणसी और लखनऊ रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी।
ट्रेनों की गति 130 किमी प्रति घंटे के लिए छपरा से बाराबंकी (425 किमी) के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने काम अलग-अलग रेल खंड में चल रहा है। कुसम्ही से देवरिया और डोमिनगढ़ से बस्ती तक काम पूरा हो चुका है। अब गोविंद नगर से बभनान और देवरिया सदर से भटनी के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने का कार्य अंतिम चरण में है। रेल प्रशासन ने इस कार्य को अंतिम रूप देने के लिए यातायात ब्लॉक मांगा है। माना जा रहा है कि अगले महीने दोनों ही रेलखंडों पर काम के लिए तिथि मिल जाएगी। इस दौरान कुछ ट्रेनें निरस्त की जाएंगी और ज्यादातर ट्रेनों का मार्ग बदलेगा या शार्ट टर्मिनेट कर उन्हें बीच के स्टेशनों से चलाया जाएगा।
-
लोको पायलटों को मिलेंगे चार तरह के संकेत
आटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के तहत लोको पायलटों को सभी सिग्नल पर ग्रीन, येलो, डबल येलो और रेड कुल चार तरह के संकेत मिलेंगे। ट्रेनें संकेतों के आधार पर निर्धारित गति के अनुसार एक के पीछे एक चलती रहेंगी। पूर्वोत्तर रेलवे में अभी भी एब्सल्यूट ब्लाक सिग्नल सिस्टम (परंपरागत) के आधार पर ट्रेनें चल रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बढ़ जाएगी ट्रैक की क्षमता, से वाराणसी और लखनऊ रूट पर ट्रेनों की बढ़ेगी रफ्तार
गोरखपुर। जल्द ही गोविंद नगर से बभनान और देवरिया सदर से भटनी के बीच ट्रेनें एक ही पटरी पर आगे-पीछे दौड़ेंगी। दोनों रेलखंड के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने का काम अंतिम चरण में है। अगले महीने प्री-इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य कराया जाएगा। इसके लिए यातायात ब्लॉक लेने की तैयारी चल रही है। इसके चलते ट्रेनों का संचलन प्रभावित रहेगा। इसके बाद गोरखपुर से वाराणसी और लखनऊ रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी।
ट्रेनों की गति 130 किमी प्रति घंटे के लिए छपरा से बाराबंकी (425 किमी) के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने काम अलग-अलग रेल खंड में चल रहा है। कुसम्ही से देवरिया और डोमिनगढ़ से बस्ती तक काम पूरा हो चुका है। अब गोविंद नगर से बभनान और देवरिया सदर से भटनी के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने का कार्य अंतिम चरण में है। रेल प्रशासन ने इस कार्य को अंतिम रूप देने के लिए यातायात ब्लॉक मांगा है। माना जा रहा है कि अगले महीने दोनों ही रेलखंडों पर काम के लिए तिथि मिल जाएगी। इस दौरान कुछ ट्रेनें निरस्त की जाएंगी और ज्यादातर ट्रेनों का मार्ग बदलेगा या शार्ट टर्मिनेट कर उन्हें बीच के स्टेशनों से चलाया जाएगा।
विज्ञापन
-
लोको पायलटों को मिलेंगे चार तरह के संकेत
आटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के तहत लोको पायलटों को सभी सिग्नल पर ग्रीन, येलो, डबल येलो और रेड कुल चार तरह के संकेत मिलेंगे। ट्रेनें संकेतों के आधार पर निर्धारित गति के अनुसार एक के पीछे एक चलती रहेंगी। पूर्वोत्तर रेलवे में अभी भी एब्सल्यूट ब्लाक सिग्नल सिस्टम (परंपरागत) के आधार पर ट्रेनें चल रही हैं।
विज्ञापन