गोर्रा नदी में पलटी नाव के चलते डूबे कृष्ण कुमार उर्फ कृष्णा चतुर्वेदी (17) का शव रविवार दोपहर बाद खोज निकाला गया। करही घाट पर ग्रामीणों की सूचना पर एनडीआरएफ की टीम ने नदी में उतराते शव को बाहर निकाला। एकलौते बेटे का शव देखकर मां सुमन बेहोश होकर गिर पड़ीं।
2 of 7
मृतक कृष्ण कुमार चौबे व रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता मदनेश का रो-रोकर बुरा हाल था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। कृष्ण कुमार झंगहा थाना क्षेत्र के जोगिया गांव निवासी मदनेश चतुर्वेदी का एकलौता बेटा था। परिवार पहले ही एक बेटी को गंवा चुका है। करीब पांच वर्ष पहले गंभीर बीमारी से बड़ी बेटी सोनी की मौत हो गई थी।
3 of 7
घटनास्थल पर मौजूद लोग व पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब कृष्ण की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कृष्ण होनहार और बेहद संस्कारी लड़का था। वह गुजरात के बड़ोदरा में हायर सेकेंडरी में पढ़ाई के साथ वहीं की क्रिकेट एकेडमी से क्रिकेट की ट्रेनिंग ले रहा था। उसका सपना था कि एक दिन वह टीम इंडिया की जर्सी पहने लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
4 of 7
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे का मंजर अब भी दहला रहा दिल
शनिवार को पूर्वांह्न 11 बजे यात्रियों से भरी नाव करही की ओर जा रही थी। नाव में आठ लोग सवार थे जिनमें कृष भी शामिल था। नदी के बीच पहुंचते ही नाव में लगे दमकल इंजन को स्टार्ट करते ही नाव अचानक ठोकर से टकराई और टूटने लगी।
5 of 7
पलटी नाव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देखते ही देखते नाव में पानी भर गया और लोग जान बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। कई लोग तैरकर बाहर निकल आए लेकिन कृष्ण गहरे पानी में समा गया। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने घंटों तलाश के बाद रविवार सुबह शव को खोज निकाला।