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Gorakhpur News: बगहा देवार में सरयू का कटान तेज, संपर्क मार्ग के करीब पहुंचा बाढ़ का पानी
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सरयू नदी के पानी से घिरा बगहा देवार गांव।
सहजनवां में हरदी-कसरवल मार्ग पर रेलवे पुल के नीचे जलभराव, रास्ता बंद
बड़हलगंज क्षेत्र के मझवलिया गांव में राप्ती कर रही कटान, प्राथमिक विद्यालय और कटान पीड़ितों के आशियाने निशाने पर
चिल्लूपार। बड़हलगंज क्षेत्र में राप्ती और सरयू नदी का जलस्तर घटते ही बगहा देवार और मझवलिया गांव में कटान तेज हो गया है। सरयू नदी कटान करते संपर्क मार्ग के करीब पहुंचने वाली है। इससे संपर्क मार्ग पर आशियाना बनाकर रहे लोगों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय भी सरयू के कटान की जद में आने में लगा है। वहीं, आमी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे सहजनवां में हरदी-कसरवल मार्ग के रेलवे पुल के नीचे जलभराव से रास्ता बंद हो गया है।
मालूम हो कि, क्षेत्र में आई बाढ़ में लोग मुश्किल से चारे का इंतजाम करने को मजबूर हैं। बगहा गांव का प्राथमिक विद्यालय और 10 से ज्यादा घर सरयू के कटान के करीब हैं। अभी नदी का पानी ऊपर होने से मिट्टी के अंदर कटान हो रहा है। तटवर्ती लोगों ने बताया कि थोड़ा और पानी घटने पर यहां कटान की आशंका प्रबल है।
एक सप्ताह पूर्व नेपाल में बारिश होने से बड़हलगंज में नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा था। बाढ़ से कछार और दियारा के दो दर्जन गांवों में बाढ़ आ गई। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने पर नदी ने उग्र रूप धारण कर लिया था। सोमवार को पानी कम होना शुरू किया तो किसानों की जमीनों का कटने का सिलसिला शुरू हो गया। गांव के कनैया पाल, गया साहनी, चंद्र शेखर, गौरी साहनी, लालजी, प्रमोद ने संबंधित विभाग से कटान रोकने की मांग की है।
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सड़क पर अप्रवासियों की तरह कट रही जिंदगी
बड़हलगंज। कटान पीड़ित सड़क किनारे झोपड़ी में अप्रवासी की तरह जीवन जीने को मजबूर हैं। झब्बू साहनी, राम अवध पाल, सोनू साहनी, सत्येंद्र, सुरेंद्र यादव का कहना है कि सड़क पर किसी तरह एक एक दिन काटना मुश्किल हो रहा है। पीड़ितों का कहना है कि जनप्रतिनिधि या उच्चाधिकारी के आश्वासन से लगता है कि बाढ़ से मुक्ति पाने के लिए कोई ठोस व्यवस्था की जाएगी, लेकिन जैसे ही पानी कम होता है आश्वासन खत्म हो जाता है।
कटान पीड़ित मालती देवी, कमलावती देवी, रामनरायन पाल, झब्बू साहनी, सुरेंद्र यादव सहित सभी कटान पीड़ित जिम्मेदारों से यही गुहार लगा रहे हैं कि हम लोगों को बसने के लिए जमीन उपलब्ध करा दिजिए। इस संबंध में बाढ़ खंड द्वितीय सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुधांशु सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर कम होने को साथ कटान पर नियंत्रण हुआ है। बचाव कार्य के लिए विभाग तत्पर है। टीम निगरानी रख रही है।
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वर्जन
बरहज में सरयू खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर है जबकि राप्ती खतरे के निशान से काफी नीचे है। दोनों नदियों का जलस्तर घट रहा है। बगहा में बाढ़ में सिल्ट जमा हो गया है। कटान रोधी कार्य कराए जा रहे हैं। सहायक अभियंता और जेई बाढ़ क्षेत्र में डेरा जमाए हुए हैं।
-वैभव सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड दो, सिंचाई विभाग गोरखपुर
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आमी का जलस्तर बढ़ा, रेलवे पुल के नीचे पानी आने से रास्ता बंद
सहजनवां। क्षेत्र में आमी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके चलते मगहर रेलवे पुल के नीचे जलभराव से रास्ता लगभग बंद हो गया। कुछ लोग रेलवे पटरी का सहारा लेकर आ-जा रहे हैं। लगभग एक सप्ताह से आमी नदी के जलस्तर में धीरे धीर वृद्धि हो रही है। दो दिन पूर्व तक हरदी-कसरवल मार्ग पर स्थित रेलवे पुल के नीचे से स्थानीय लोग आ-जा रहे थे लेकिन बुधवार को पुल के नीचे पानी भर गया है। जिसके कारण रास्ता लगभग बंद हो गया है। कुछ लोग हरदी भीटी रावत से होते हुए मगहर की तरफ जा रहे है। इसके अलावा गहिरा में पानी बढ़ रहा है। यहां तहसील प्रशासन ने नाव की व्यवस्था की है। वहीं मैला भुआ शहीद मार्ग पर पानी चढ़ गया है। संवाद
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बड़हलगंज क्षेत्र के मझवलिया गांव में राप्ती कर रही कटान, प्राथमिक विद्यालय और कटान पीड़ितों के आशियाने निशाने पर
चिल्लूपार। बड़हलगंज क्षेत्र में राप्ती और सरयू नदी का जलस्तर घटते ही बगहा देवार और मझवलिया गांव में कटान तेज हो गया है। सरयू नदी कटान करते संपर्क मार्ग के करीब पहुंचने वाली है। इससे संपर्क मार्ग पर आशियाना बनाकर रहे लोगों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय भी सरयू के कटान की जद में आने में लगा है। वहीं, आमी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे सहजनवां में हरदी-कसरवल मार्ग के रेलवे पुल के नीचे जलभराव से रास्ता बंद हो गया है।
मालूम हो कि, क्षेत्र में आई बाढ़ में लोग मुश्किल से चारे का इंतजाम करने को मजबूर हैं। बगहा गांव का प्राथमिक विद्यालय और 10 से ज्यादा घर सरयू के कटान के करीब हैं। अभी नदी का पानी ऊपर होने से मिट्टी के अंदर कटान हो रहा है। तटवर्ती लोगों ने बताया कि थोड़ा और पानी घटने पर यहां कटान की आशंका प्रबल है।
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एक सप्ताह पूर्व नेपाल में बारिश होने से बड़हलगंज में नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा था। बाढ़ से कछार और दियारा के दो दर्जन गांवों में बाढ़ आ गई। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने पर नदी ने उग्र रूप धारण कर लिया था। सोमवार को पानी कम होना शुरू किया तो किसानों की जमीनों का कटने का सिलसिला शुरू हो गया। गांव के कनैया पाल, गया साहनी, चंद्र शेखर, गौरी साहनी, लालजी, प्रमोद ने संबंधित विभाग से कटान रोकने की मांग की है।
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सड़क पर अप्रवासियों की तरह कट रही जिंदगी
बड़हलगंज। कटान पीड़ित सड़क किनारे झोपड़ी में अप्रवासी की तरह जीवन जीने को मजबूर हैं। झब्बू साहनी, राम अवध पाल, सोनू साहनी, सत्येंद्र, सुरेंद्र यादव का कहना है कि सड़क पर किसी तरह एक एक दिन काटना मुश्किल हो रहा है। पीड़ितों का कहना है कि जनप्रतिनिधि या उच्चाधिकारी के आश्वासन से लगता है कि बाढ़ से मुक्ति पाने के लिए कोई ठोस व्यवस्था की जाएगी, लेकिन जैसे ही पानी कम होता है आश्वासन खत्म हो जाता है।
कटान पीड़ित मालती देवी, कमलावती देवी, रामनरायन पाल, झब्बू साहनी, सुरेंद्र यादव सहित सभी कटान पीड़ित जिम्मेदारों से यही गुहार लगा रहे हैं कि हम लोगों को बसने के लिए जमीन उपलब्ध करा दिजिए। इस संबंध में बाढ़ खंड द्वितीय सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुधांशु सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर कम होने को साथ कटान पर नियंत्रण हुआ है। बचाव कार्य के लिए विभाग तत्पर है। टीम निगरानी रख रही है।
वर्जन
बरहज में सरयू खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर है जबकि राप्ती खतरे के निशान से काफी नीचे है। दोनों नदियों का जलस्तर घट रहा है। बगहा में बाढ़ में सिल्ट जमा हो गया है। कटान रोधी कार्य कराए जा रहे हैं। सहायक अभियंता और जेई बाढ़ क्षेत्र में डेरा जमाए हुए हैं।
-वैभव सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड दो, सिंचाई विभाग गोरखपुर
आमी का जलस्तर बढ़ा, रेलवे पुल के नीचे पानी आने से रास्ता बंद
सहजनवां। क्षेत्र में आमी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके चलते मगहर रेलवे पुल के नीचे जलभराव से रास्ता लगभग बंद हो गया। कुछ लोग रेलवे पटरी का सहारा लेकर आ-जा रहे हैं। लगभग एक सप्ताह से आमी नदी के जलस्तर में धीरे धीर वृद्धि हो रही है। दो दिन पूर्व तक हरदी-कसरवल मार्ग पर स्थित रेलवे पुल के नीचे से स्थानीय लोग आ-जा रहे थे लेकिन बुधवार को पुल के नीचे पानी भर गया है। जिसके कारण रास्ता लगभग बंद हो गया है। कुछ लोग हरदी भीटी रावत से होते हुए मगहर की तरफ जा रहे है। इसके अलावा गहिरा में पानी बढ़ रहा है। यहां तहसील प्रशासन ने नाव की व्यवस्था की है। वहीं मैला भुआ शहीद मार्ग पर पानी चढ़ गया है। संवाद