{"_id":"68eeafeb0be2acf8300554bb","slug":"gorakhpur-news-refunds-of-150-people-stuck-due-to-bank-account-irregularities-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1103152-2025-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: बैंक खाते में गड़बड़ी से फंसा 150 लोगों का रिफंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: बैंक खाते में गड़बड़ी से फंसा 150 लोगों का रिफंड
विज्ञापन
पाम पैराडाइज में ईडब्ल्यूएस व एलआईजी फ्लैट के लिए किया था आवेदन
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की पाम पैराडाइज आवासीय योजना के तहत ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और एलआईजी (निम्न आय वर्ग) फ्लैटों के लिए आवेदन करने वाले लगभग 150 लोगों का रिफंड बैंक खाते में अंतर के कारण अटका हुआ है। प्राधिकरण ने ऐसे सभी आवेदकों की सूची तैयार कर ली है। जल्द ही बैंक से समन्वय कर उनकी तकनीकी समस्या दूर कर रिफंड जारी करने की तैयारी की जा रही है।
देवरिया बाइपास रोड स्थित इस योजना में करीब 9300 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से 120 आवेदकों को ई-लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटित किए गए, जबकि शेष आवेदकों को उनकी जमा धनराशि वापस की जानी है। अब तक लगभग 9000 लोगों को धन राशि वापस की जा चुकी है, जबकि 150 लोगों के खातों में गड़बड़ी के कारण धन वापसी नहीं हो सकी है। जीडीए हर आवेदक के खाते में 1000 रुपये की कटौती के बाद शेष राशि वापस कर रहा है। एलआईजी फ्लैटों के लिए 1,08,000 रुपये और ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के लिए 54,000 रुपये की जमा राशि ली गई थी। वरिष्ठ नागरिकों एवं एससी-एसटी वर्ग के आवेदकों को आधी धनराशि ही पंजीकरण शुल्क के रूप में देनी पड़ी थी।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि कुछ मामलों में आवेदकों की ओर से दिए गए बैंक खाते और भुगतान खाते में अंतर या आईएफएससी कोड की त्रुटि के कारण धन वापसी अटकी है। बैंक से समन्वय कर समस्या का निस्तारण किया जा रहा है। जल्द ही सभी के खाते में धनराशि पहुंच जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की पाम पैराडाइज आवासीय योजना के तहत ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और एलआईजी (निम्न आय वर्ग) फ्लैटों के लिए आवेदन करने वाले लगभग 150 लोगों का रिफंड बैंक खाते में अंतर के कारण अटका हुआ है। प्राधिकरण ने ऐसे सभी आवेदकों की सूची तैयार कर ली है। जल्द ही बैंक से समन्वय कर उनकी तकनीकी समस्या दूर कर रिफंड जारी करने की तैयारी की जा रही है।
देवरिया बाइपास रोड स्थित इस योजना में करीब 9300 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से 120 आवेदकों को ई-लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटित किए गए, जबकि शेष आवेदकों को उनकी जमा धनराशि वापस की जानी है। अब तक लगभग 9000 लोगों को धन राशि वापस की जा चुकी है, जबकि 150 लोगों के खातों में गड़बड़ी के कारण धन वापसी नहीं हो सकी है। जीडीए हर आवेदक के खाते में 1000 रुपये की कटौती के बाद शेष राशि वापस कर रहा है। एलआईजी फ्लैटों के लिए 1,08,000 रुपये और ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के लिए 54,000 रुपये की जमा राशि ली गई थी। वरिष्ठ नागरिकों एवं एससी-एसटी वर्ग के आवेदकों को आधी धनराशि ही पंजीकरण शुल्क के रूप में देनी पड़ी थी।
विज्ञापन
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि कुछ मामलों में आवेदकों की ओर से दिए गए बैंक खाते और भुगतान खाते में अंतर या आईएफएससी कोड की त्रुटि के कारण धन वापसी अटकी है। बैंक से समन्वय कर समस्या का निस्तारण किया जा रहा है। जल्द ही सभी के खाते में धनराशि पहुंच जाएगी।
विज्ञापन