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Gorakhpur News: रेलवे क्रॉसिंगः 12 मोहल्लों को शहर से जोड़ सकता है रामगढ़ताल पर केवल एक पुल

Wed, 18 Sep 2024 07:39 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2024 07:39 AM IST
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Gorakhpur News: Railway crossing: Only one bridge on Ramgarhtal can connect 12 localities to the city.
गोरखपुर। एम्स से डेढ़ किलोमीटर, एयरफोर्स से तीन किलोमीटर, गोरखपुर रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर दूर। केंद्रीय विद्यालय तो कैंट रेलवे स्टेशन से एकदम बगल में ही है, लेकिन इस इलाके में कोई बाहरी यहां किराए पर कमरा नहीं लेना चाहता। वजह यह कि अगर जरूरी सामान लेने जाएंगे तो कैंट रेलवे क्राॅसिंग पर फंसकर घंटों बर्बाद हो जाएंगे। अब तो यहां के लोग भी खुद को शहर से बाहर का मानने लगे हैं और बातचीत में कहते हैं कि शहर जाना है..। साथ ही एक सुर से सब बोलने लगे हैं कि रामगढ़ताल पर एक पुल ही उन्हें तेजी से सज रही गोरक्षनगरी से सीधे जोड़ सकता है..।
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हम बात कर रहे हैं शहर के वार्ड नंबर 18 गायत्रीनगर और इसके आसपास बसे 12 मोहल्लों की। कैंट रेलवे स्टेशन के बगल में बसे मोहल्ले वाले एक दशक से कैंट स्टेशन की क्रॉसिंग बार-बार उठने-गिरने से तंग हैं। रेलवे ने इस पर ओवरब्रिज बनवाने के लिए प्रस्ताव दिया है, लेकिन अभी यह मामला मंजूरी के स्तर पर है। अगर मंजूरी मिल भी जाए तो कम से कम तीन साल तो बनने में लगेंगे ही। जबकि, यहां दिक्कत रोजाना की है।
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नीना थापा इंटर कॉलेज के पास जनरल स्टोर की दुकान चलाने वाले विनोद सिंह कहते हैं-हमने तो ऐसी जगह दुकान की है, जहां ऑटो रिक्शा या पिकअप वाले सामान लेकर भी आना नहीं चाहते हैं। अगर मंडी से यहां तक आने को तैयार भी होते हैं तो केवल क्राॅसिंग के चलते ही दोगुना किराया मांगते हैं। इसलिए हम लोग मांग कर रहे हैं कि कैंट स्टेशन से रामगढ़ताल पुल पार कर आरएपीएफ ट्रेनिंग सेंटर के रास्ते मोहद्दीपुर-असुरन मुख्य मार्ग तक सड़क बनाकर इसे जोड़ दिया जाए..।
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कैंट रेलवे स्टेशन से जुड़े गोरखपुर रेलवे स्टेशन


सामाजिक कार्यकर्ता रामनाथ निषाद कहते हैं-हमारे मोहल्ले में एयर फोर्स हॉस्पिटल, केंद्रीय विद्यालय, नीना थापा इंटर कॉलेज, एयर फोर्स स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल, सेंट स्टीफेंस लिटिल कान्वेंट स्कूल, जानकी मॉडर्न स्कूल, जेसी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में शहर से बच्चे पढ़ने आते हैं। रेलवे काॅलोनियों के तमाम बच्चे भी यहां आते हैं। रेलवे लाइन के उत्तर तरफ से एक रास्ता वर्षों से चलता रहा है। रामगढ़ताल पुल पर पैदल पार करने के लिए जगह है, लेकिन इसके आगे रास्ता नहीं है। जो रास्ता था, उस पर जान-बूझकर मिट्टी गिरा दी गई। मजबूरी में सैनिक विहार कॉलोनी, पवन विहार कॉलोनी, एयरफोर्स कॉलोनी, विष्णु विहार कॉलोनी, टीचर्स कॉलोनी, कोड़ईया, गायत्री नगर, राहुल नगर, सिंहासनपुर, लालगंज, झरना टोला, मोहनपुर, उचवां झरना टोला, नाथनगर झरना टोला और बिछिया के लोग जीवन दांव पर लगाकर आते-जाते हैं।



सीएम से भी लगा चुके हैं गुहार



कैंट स्टेशन से बिछिया होते हुए असुरन-मोहद्दीपुर मुख्य मार्ग तक सड़क बनवाने की मांग करने वाले अभिषेक सिंह बताते हैं-हम लोग सीएम से भी गुहार लगा चुके हैं। हम कैंट स्टेशन के सामने से जाने वाली सड़क को चौड़ा करने और रामगढ़ताल पर नया पुल बनवाने की मांग कर रहे हैं। रेलवे के जीएम और डीआरएम को दर्जनों बार पत्रक दिया जा चुका है। रेलवे स्टेशन पर उतरे लोग रात में यहां से पैदल ही लाइन के किनारे जान हथेली पर लेकर बिछिया की तरफ जाते हैं। अंधेरे में कभी किसी के साथ कोई हादसा हो सकता है। गोड़धोइया नाले पर स्टेशन के पास ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है। वहां तक नाले के किनारे सड़क बन रही है। अगर रामगढ़ताल पर एक पुल बनाकर सड़क को आगे बढ़ाकर कैंट स्टेशन तक जोड़ दिया जाए तो इस इलाके के लोग सीधे मोहद्दीपुर-असुरन मुख्य मार्ग से जुड़ जाएंगे।



एक निजी स्कूल के अध्यापक क्रांति कुमार सिंह बताते हैं कि सड़क के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ढाई किलोमीटर दायरे में 22 स्कूल हैं, लेकिन यहां अब शहर के दूसरे हिस्सों से बच्चे आना कम हो गए हैं। वहीं इस इलाके के बच्चों को भी शहर के अन्य स्कूलों में भेजकर पढ़ाना कठिन है, क्योंकि रास्ता ही नहीं है। अगर रेल लाइन के किनारे रास्ता बन जाए तो 12 मोहल्लों को लोगों को भी शहरी होने का अहसास हो जाएगा।




वर्जन



कैंट स्टेशन के विस्तारीकरण के बाद अब वहां सेकेंड इंट्री के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, जिसके जल्द ही मंजूर होने की संभावना है। इसके अलावा क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज की भी डीपीआर मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। ओवरब्रिज बन जाने के बाद यह मोहल्ला सीधे मुख्य मार्ग से जुड़ जाएगा।



-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे
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