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Gorakhpur News: मंडी में आधी रात में छापा... 900 क्विंटल मछलियों की बिक्री पर रोक- करोड़ों का है अवैध कारोबार
Sun, 04 May 2025 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 May 2025 12:36 AM IST
सार
महेवा की मछली मंडी में दूसरे प्रदेशों से लाई गईं मछलियों पर कैंसर कारक केमिकल फार्मेलिन का लेप लगा होने की आशंका में शुक्रवार की आधी रात में छापा मारा गया। सुबह सात बजे तक 16 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मछलियों की जांच की। इस दौरान मछलियों के 11 नमूने लिए गए। करीब 900 क्विंटल मछलियों पर फार्मेलिन का लेप होने की आशंका में बिक्री पर दिनभर के लिए रोक लगाई गई थी।
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हेवा मंडी में छापा मारकर मछली बरामद किया गया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
महेवा की मछली मंडी में दूसरे प्रदेशों से लाई गईं मछलियों पर कैंसर कारक केमिकल फार्मेलिन का लेप लगा होने की आशंका में शुक्रवार की आधी रात में छापा मारा गया। सुबह सात बजे तक 16 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मछलियों की जांच की। इस दौरान मछलियों के 11 नमूने लिए गए। करीब 900 क्विंटल मछलियों पर फार्मेलिन का लेप होने की आशंका में बिक्री पर दिनभर के लिए रोक लगाई गई थी।
शाम को इनकी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बेचने की अनुमति दी गई। इसके अलावा मंडी में बिना खाद्य लाइसेंस लिए ही कारोबार करने वाले 40 मछली विक्रेताओं को नोटिस जारी किया गया है। इस मंडी की मछलियों में पिछले दिनों सर्विलांस जांच में कालरा बीमारी के वैक्टीरिया मिले थे।
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शाम को इनकी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बेचने की अनुमति दी गई। इसके अलावा मंडी में बिना खाद्य लाइसेंस लिए ही कारोबार करने वाले 40 मछली विक्रेताओं को नोटिस जारी किया गया है। इस मंडी की मछलियों में पिछले दिनों सर्विलांस जांच में कालरा बीमारी के वैक्टीरिया मिले थे।
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सुबह महेवा मंडी में जांच करने पहुंची खाद्य विभाग की टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महेवा की मछली मंडी में हर दिन दो करोड़ से ज्यादा की मछलियां मंगाई व बेची जाती हैं। यहां दक्षिण भारत से बड़ी मात्रा में मछलियां मंगाई जाती हैं। इसके अलावा आसपास के जिलों से मंगाई गईं मछलियों को पूर्वी भारत में भेजा जाता है। जहां मछली मंडी लगती है, उसके परिसर में बदबू व गंदगी के चलते लोगों को जाना मुश्किल होता है। इसकी दुर्गंध महेवा मंडी में भी आती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग को जानकारी मिली थी कि यहां आने वाली मछलियों और यहां से बाहर भेजी जाने वाली मछलियों को संरक्षित करने के लिए उन पर केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है। इसकी जांच के लिए सहायक आयुक्त खाद्य-2 डॉ. सुधीर कुमार सिह और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन तिवारी की अगुवाई में रात में दो बजे 16 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम मछली मंडी पहुंची। टीम ने सुबह सात बजे तक जांच की।
खाद्य सुरक्षा विभाग को जानकारी मिली थी कि यहां आने वाली मछलियों और यहां से बाहर भेजी जाने वाली मछलियों को संरक्षित करने के लिए उन पर केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है। इसकी जांच के लिए सहायक आयुक्त खाद्य-2 डॉ. सुधीर कुमार सिह और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन तिवारी की अगुवाई में रात में दो बजे 16 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम मछली मंडी पहुंची। टीम ने सुबह सात बजे तक जांच की।
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हैदराबाद समेत दक्षिण भारत की कई जगहों से मंगाई गई थीं मछलियां
जांच के दौरान हैदराबाद समेत दक्षिण भारत की कई जगहों से मंगाई गईं करीब 900 क्विंटल मछलियों पर हानिकारक केमिकल का लेप लगा होने की आशंका में उनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई। इसके साथ ही इनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया।
देर शाम सैंपल की रिपोर्ट आने पर इन मछलियों को बिक्री की अनुमति मिली। इस दौरान पूरे दिन मछली विक्रेता परेशान रहे। छानबीन के दौरान यह भी पता लगा कि यहां मछली का थोक कारोबार करने वाले 40 दुकानदारों के पास खाद्य सुरक्षा विभाग का लाइसेंस ही नहीं है। इस पर सभी को नोटिस जारी कर पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया।
जांच के दौरान हैदराबाद समेत दक्षिण भारत की कई जगहों से मंगाई गईं करीब 900 क्विंटल मछलियों पर हानिकारक केमिकल का लेप लगा होने की आशंका में उनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई। इसके साथ ही इनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया।
देर शाम सैंपल की रिपोर्ट आने पर इन मछलियों को बिक्री की अनुमति मिली। इस दौरान पूरे दिन मछली विक्रेता परेशान रहे। छानबीन के दौरान यह भी पता लगा कि यहां मछली का थोक कारोबार करने वाले 40 दुकानदारों के पास खाद्य सुरक्षा विभाग का लाइसेंस ही नहीं है। इस पर सभी को नोटिस जारी कर पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया।
मछलियों वाले ट्रक से वापस जाता है मैदा
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम यह जानकर चौंक गई कि हैदराबाद समेत अन्य शहरों से मछली लेकर आने वाले ट्रक गोरखपुर से लौटते समय उसी ट्रक में बिना किसी सफाई के मैदा व अन्य खाद्य वस्तुएं लेकर जाते हैं। मछली लाने के लिए भी स्वच्छता के मानकों का ख्याल नहीं रखा जाता। ट्रकों में ही तमाम मछलियां खराब भी हो जाती हैं। इसीलिए मछली मंडी की दुर्गंध से अगल-बगल के लोग परेशान रहते हैं।
कैंसर कारक है फार्मेलिन
मछलियों को खराब होने से बचाने के लिए उन पर लगाया जा रहा फार्मेलिन एक प्रकार का रासायनिक पदार्थ है, जो फॉर्मल्डिहाइड नामक गैस से बनाया जाता है। आम तौर पर इसका प्रयोग शवों को संरक्षित करने में होता है। इसके अलावा सौंदर्य सामग्री नेल पॉलिश और हेयर केयर उत्पादों में भी इसका प्रयोग होता है।
फार्मेलिन के संपर्क में आने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इससे त्वचा और आंखों में समस्याएं हो सकती हैं। फॉर्मेलिन के धुएं को सांस लेने से श्वसन संबंधी समस्याएं भी होती हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम यह जानकर चौंक गई कि हैदराबाद समेत अन्य शहरों से मछली लेकर आने वाले ट्रक गोरखपुर से लौटते समय उसी ट्रक में बिना किसी सफाई के मैदा व अन्य खाद्य वस्तुएं लेकर जाते हैं। मछली लाने के लिए भी स्वच्छता के मानकों का ख्याल नहीं रखा जाता। ट्रकों में ही तमाम मछलियां खराब भी हो जाती हैं। इसीलिए मछली मंडी की दुर्गंध से अगल-बगल के लोग परेशान रहते हैं।
कैंसर कारक है फार्मेलिन
मछलियों को खराब होने से बचाने के लिए उन पर लगाया जा रहा फार्मेलिन एक प्रकार का रासायनिक पदार्थ है, जो फॉर्मल्डिहाइड नामक गैस से बनाया जाता है। आम तौर पर इसका प्रयोग शवों को संरक्षित करने में होता है। इसके अलावा सौंदर्य सामग्री नेल पॉलिश और हेयर केयर उत्पादों में भी इसका प्रयोग होता है।
फार्मेलिन के संपर्क में आने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इससे त्वचा और आंखों में समस्याएं हो सकती हैं। फॉर्मेलिन के धुएं को सांस लेने से श्वसन संबंधी समस्याएं भी होती हैं।
मछलियों के सर्विलांस सैंपल में कालरा के वैक्टीरिया मिले थे। छानबीन करने पर पता लगा कि बाहर से आने वाली मछलियों पर हानिकारक केमिकल फार्मेलिन का लेप लगा होता है। इसकी जांच के लिए भी रात में छापा मारा गया था। पता लगा कि यहां 40 थोक स्टाकिस्टों में से किसी के पास भी खाद्य सुरक्षा विभाग का लाइसेंस नहीं है।
इन सभी को नोटिस दिया गया है। इसके अलावा 11 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। केमिकल लगा होने की आशंका में करीब 900 क्विंटल मछलियों की बिक्री रोकी गई थी, लेकिन शाम को मिली प्रारंभिक रिपोर्ट में केमिकल की पुष्टि नहीं होने पर इन्हें बिक्री के लिए निर्गत कर दिया गया। अब इस मंडी को निगरानी में रखा जाएगा: डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य
इन सभी को नोटिस दिया गया है। इसके अलावा 11 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। केमिकल लगा होने की आशंका में करीब 900 क्विंटल मछलियों की बिक्री रोकी गई थी, लेकिन शाम को मिली प्रारंभिक रिपोर्ट में केमिकल की पुष्टि नहीं होने पर इन्हें बिक्री के लिए निर्गत कर दिया गया। अब इस मंडी को निगरानी में रखा जाएगा: डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य