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सेहत से खिलवाड़ : 20 में से नौ दुकानों में मिलावटी चायपत्ती के इस्तेमाल की पुष्टि

Thu, 10 Apr 2025 01:23 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Apr 2025 01:23 AM IST
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Gorakhpur News: Playing with health: Use of adulterated tea leaves confirmed in nine out of 20 shops
खाद्य सुरक्षा विभाग ने धर्मशाला बाजार में चाय की 20 दुकानों में जांच की, नौ नमूनों में मिला रंग
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गोरखपुर। शहर में फुटपाथ और चाय की अन्य छोटी दुकानों में मिलावटी चायपत्ती का इस्तेमाल हो रहा है। ऐसी चाय की चुस्की आपकी सेहत बिगाड़ सकती है। बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। धर्मशाला बाजार इलाके की 20 दुकानों पर चाय की जांच हुई, जिसमें नौ जगह चायपत्ती मिलावटी पाई गई। इसमें हानिकारक रंग मिला हुआ था। दो महीने पहले इस तरह की चायपत्ती का बड़ा गोदाम नौसड़ में पकड़ा जा चुका है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के फूड सेफ्टी वैन और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम बुधवार को शहर के धर्मशाला बाजार के आसपास के क्षेत्रों की दुकानों में जांच करने पहुंची। मौके पर दुकानदारों को दिखाया गया कि चायपत्ती में रंग मिला है, यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जिन दुकानों के नमूने फेल हुए उनके नाम के साथ उन्होंने जहां से चायपत्ती मंगाई है, उसकी पूरी जानकारी ली गई। दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि यदि दोबारा जांच में चायपत्ती में रंग या कोई रसायन मिला पाया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रतिमा उपाध्याय, विनय शाही एवं लैब टेक्निशियन प्रीति चौबे आदि शमिल रहे।
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पार्षद की दुकान में भी मिलावटी चायपत्ती
धर्मशाला रोड पर एक चाय की दुकान नगर निगम के पार्षद की है। उस दुकान में भी केमिकल वाली चायपत्ती मिली। हालांकि, दुकानदार का कहना था कि वह जिस दुकान से यह चायपत्ती लाते हैं, वह इसे ब्रांडेड और बढि़या गुणवत्ता की बताकर बेचता है। जांच में मिलावटी होने की जानकारी मिली है। अब इस चायपत्ती बेचने वाले की शिकायत करेंगे।
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नौसड़ में सीज हुई थी 180 क्विंटल चायपत्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नौसड़ में चापयत्ती के गोदाम में छापा मारकर जांच की थी तो चमड़ा रंगने वाले रंग के मिलावट की पुष्टि हुई थी। टीम ने 180 क्विंटल चायपत्ती जब्त की थी। उसके बाद देवरिया में जांच हुई तो वहां भी बड़े पैमाने पर मिलावटी चायपत्ती मिली थी। इस कार्रवाई के बाद बाजार में फूड सेफ्टी वैन से जांच की गई। गोरखपुर से कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज के अलावा कानपुर को मिलावटी चायपत्ती की खेप भेजी गई थी। बाद में चायपत्ती की जांच रिपोर्ट में चमड़ा रंगने वाला रंग मिलाने की पुष्टि भी हुई थी।
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कोट-
चायपत्ती में केमिकल वाला रंग मिला होने से इसका नुकसान लिवर पर सबसे अधिक होगा। क्योंकि चाय बनाने के लिए पानी उबालने पर उसके साथ चायपत्ती भी उबलती है। इससे मिलावटी केमिकल उसे और अधिक हानिकारक बना देते हैं।

- डॉ. राजकिशोर सिंह, बीआरडी मेडिकल कॉलेज

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वर्जन
धर्मशाला इलाके में चायपत्ती की 20 दुकानों की जांच फूड सेफ्टी वैन की मदद से मौके पर ही की गई। इसमें से नौ नमूनों में केमिकल मिलाने की पुष्टि हुई। दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि यदि दूसरी बार जांच में नमूना फेल आया तो केस दर्ज कराया जाएगा। दुकानदारों को किसी सामान की गुणवत्ता पर संदेह हो तो फूड सेफ्टी वैन में नि:शुल्क जांच करा सकते हैं।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
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