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Gorakhpur News: 100 से ज्यादा रजिस्ट्री जिसमें कई हिस्सेदार...पैन नंबर लगा एक का ही

Fri, 19 Sep 2025 01:49 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 01:49 AM IST
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Gorakhpur News: More than 100 registries with multiple stakeholders...only one person has a PAN number.
सीए की रिपोर्ट में मिला था फर्जी पैन नंबर, फिर जांच करने आई आयकर टीम
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आयकर विभाग की जांच में रजिस्ट्री विभाग के इंडेक्स और सीए की रिपोर्ट मिली एक समान
तीन साल में हुई 54 हजार जमीनों की रजिस्ट्री में फर्जी पैन लगाने की चल रही है जांच
गोरखपुर। जमीनों की रजिस्ट्री में गलत पैन नंबर दर्ज कराते हुए लेन-देन छिपाने के मामले में आयकर विभाग की जांच में 100 से ज्यादा मामले मिले हैं। इसमें कई हिस्सेदार हैं और सिर्फ एक का ही पैन नंबर लगाया गया है। ये सभी मामले 70 लाख से ज्यादा की संपत्ति की है। इसमें 10 से 15 रजिस्ट्री कराने वाली ऐसी फर्में हैं जिन्होंने लखनऊ और वाराणसी में भी निवेश किए हैं।
अब तक दो साल की रजिस्ट्री की जांच हो चुकी है और करीब साढ़े बारह सौ विलेख में फर्जी पैन नंबर मिले हैं। सूत्रों की माने तो आयकर विभाग पहले बड़े मामलों में नोटिस जारी कर जवाब मांगेगा। इसके बाद कम निवेश वाले रजिस्ट्री में आयकर चोरी की जांच की जाएगी।
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दरअसल, आयकर विभाग को यह सूचना मिली थी कि शहरी क्षेत्र में बड़े निवेशकों ने लेन-देन को छिपाकर आयकर चोरी की है। इसके बाद आयकर विभाग ने निबंधन कार्यालय के चार्टर्ड अकाउंटेंट की ओर से उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन डेटा को खंगाला तो आयकर चोरी का शक गहरा गया। चार्टर्ड अकाउंटेंट हर साल मार्च में रजिस्ट्री का डेटा ऑनलाइन फीड करके आयकर भेजते हैं। पहले तो आयकर विभाग को शक हुआ कि रजिस्ट्री विभाग के इंडेक्स में खेल हुआ है। इसकी जांच करने पांच अगस्त 2025 को लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर आयकर विभाग की क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम रजिस्ट्री दफ्तर पहुंची थी और पहले से चिन्हित 100 दस्तावेजों की मूल कॉपी मंगाकर जांच की। इसमें 75 रजिस्ट्री में लगाए गए पैन नंबर फर्जी मिले।
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फिर महानगर क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-2025 में हुई कुल 54 हजार रजिस्ट्री का ब्योरा भी पैन ड्राइव में टीम साथ ले गई। सूत्रों की मानें तो जांच में सीए की रिपोर्ट और रजिस्ट्री विभाग के इंडेक्स में अंतर नहीं पाया गया है। बहरहाल, निबंधन अधिकारियों ने रिपोर्ट में समानता मिलने पर राहत की सांस ली है, वरना डेढ़ लाख जुर्माना तो देना ही पड़ता वे भी जांच के दायरे में आ जाते।
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