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Gorakhpur News: मेराज शरीफ कल, मस्जिदों में होगी इबादत
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- माह रजब की 27वीं रात की अहमियत, कजा नमाज अदा करने के साथ होगी मगफिरत की दुआ
गोरखपुर। इस्लामी माह रजब की 27वीं रात को शब-ए-मेराज मनाई जाएगी। यह मुकद्दस रात शुक्रवार, 16 जनवरी को है। इस मौके पर शहर की मस्जिदों और घरों में रातभर इबादत की जाएगी। इस दौरान लोग मगफिरत की दुआ करेंगे।
कारी मुहम्मद अनस रजवी ने बताया कि इसी रात पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की अल्लाह से मुलाकात हुई थी। अरबी में शब का अर्थ रात होता है, इसलिए इसे अल्लाह से मुलाकात की रात भी कहा जाता है।
हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि शब-ए-मेराज का इस्लाम धर्म में विशेष महत्व है। मुसलमान कजा व नफ्ल नमाज अदा करते हैं और कुरआन-ए-पाक की तिलावत करते हैं। कई लोग रजब की 26 और 27 तारीख का रोजा भी रखते हैं।
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मौलाना महमूद रजा कादरी ने बताया कि शब-ए-मेराज के मौके पर शहर की कई मस्जिदों में विशेष महफिलें सजेंगी। सलातुत-तस्बीह, कजा व अन्य नफ्ल नमाजें अदा की जाएंगी। घरों और मस्जिदों में कुरआन की तिलावत होगी तथा रातभर अल्लाह और रसूल का जिक्र किया जाएगा।
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गोरखपुर। इस्लामी माह रजब की 27वीं रात को शब-ए-मेराज मनाई जाएगी। यह मुकद्दस रात शुक्रवार, 16 जनवरी को है। इस मौके पर शहर की मस्जिदों और घरों में रातभर इबादत की जाएगी। इस दौरान लोग मगफिरत की दुआ करेंगे।
कारी मुहम्मद अनस रजवी ने बताया कि इसी रात पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की अल्लाह से मुलाकात हुई थी। अरबी में शब का अर्थ रात होता है, इसलिए इसे अल्लाह से मुलाकात की रात भी कहा जाता है।
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हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि शब-ए-मेराज का इस्लाम धर्म में विशेष महत्व है। मुसलमान कजा व नफ्ल नमाज अदा करते हैं और कुरआन-ए-पाक की तिलावत करते हैं। कई लोग रजब की 26 और 27 तारीख का रोजा भी रखते हैं।
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मौलाना महमूद रजा कादरी ने बताया कि शब-ए-मेराज के मौके पर शहर की कई मस्जिदों में विशेष महफिलें सजेंगी। सलातुत-तस्बीह, कजा व अन्य नफ्ल नमाजें अदा की जाएंगी। घरों और मस्जिदों में कुरआन की तिलावत होगी तथा रातभर अल्लाह और रसूल का जिक्र किया जाएगा।