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Gorakhpur News: आर्म्स एक्ट के पुराने मामले में हाजिर हुआ माफिया सुधीर सिंह, पुलिस खोजती रह गई

Sat, 14 Jun 2025 12:40 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 14 Jun 2025 12:40 AM IST
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Gorakhpur News: Mafia Sudhir Singh appeared in an old Arms Act case, police kept searching for him
2013-14 में लखनऊ के गाजीपुर थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के पुराने मामले में हुआ हाजिर
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बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे न्यायालय में हाजिर होने के बाद भेजा गया न्यायिक अभिरक्षा में
जिले की एसटीएफ, पुलिस और क्राइम ब्रांच की आंख में धूल झोंक लखनऊ में हो गया हाजिर



गोरखपुर। माफिया सुधीर सिंह ने लखनऊ न्यायालय में एक पुराने आर्म्स एक्ट के मामले में बृहस्पतिवार को सरेंडर कर दिया। 2012-2013 में लखनऊ के गाजीपुर थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले में सरेंडर के बाद उसे जेल भेज दिया गया। गोरखपुर की खजनी पुलिस के साथ जिले की क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीमें लगातार सुधीर के गिरफ्तारी का प्रयास कर ही थी।



खजनी क्षेत्र में 27 मई की रात एक व्यापारी के घर आयोजित दावत में हुए जानलेवा हमले के बाद माफिया सुधीर सिंह फरार हो गया था। इस घटना में बेलीपार के भौवापार निवासी अंकुर शाही गंभीर रूप से घायल हुआ था। अंकुर ने सुधीर के खिलाफ खजानी थाने में केस दर्ज कराया था। इसी के बाद से सुधीर सिंह फरार चल रहा था। केस दर्ज होते ही एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और खजनी थाने की पुलिस लगातार सुधीर की तलाश में दबिश दे रही थी। लखनऊ, देवरिया के साथ ही कई जिलों में छापेमारी हुई लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसी बीच सुधीर ने एक पुराने मामले में सरेंडर कर दिया।
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खजनी पुलिस भेजेगी वारंट बी



जिले के खजनी थाने की पुलिस हत्या की कोशिश के मामले में लखनऊ जेल में वारंट बी भेजेगी। इसी वारंट के आधार पर खजनी में दर्ज केस में ट्रायल शुरू होगा। अगर सरेंडर के मामले में जमानत हो जाएगी तो भी वारंट बी की वजह से सुधीर सिंह जेल से बाहर नहीं आ पाएगा। इसके अलावा मामले में पेशी पर गोरखपुर भी आ सकता है। लखनऊ के पुराने मामले में अगर जमानत मिली तो गोरखपुर जेल में भी शिफ्ट किया जा सकता है। हाजिर होने की सूचना के बाद उम्मीद है वारंट बी पुलिस भेज देगी।
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एक-47 साथ लेकर चलने की सूचना थी एसटीएफ को, अवैध तमंचे के साथ पकड़ा गया



साल 2013-14 में एसटीएफ को सूचना मिली थी को सुधीर लखनऊ में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने वाला है। सूत्रों के मुताबिक सूचना ये थी कि सुधीर



एके-47 के साथ वारदात को अंजाम देगा। इस बीच एसटीएफ और लखनऊ पुलिस सुधीर की गिरफ्तारी में अपनी तैयारी में थी। सूचना मिली कि सुधीर स्कूटी से गाजीपुर थानाक्षेत्र के पास कहीं आ रहा है। एसटीएफ और पुलिस ने घेरकर रोका तो उसके बैग से एक तमंचा बरामद हुआ। इसी मामले में सुधीर को जेल भेजा गया था।

दो वर्ष की हो चुकी है सजा, ससुर को भी हुई थी सजा



जिले के टॉप-10 व प्रदेश की सूची में शामिल माफिया सुधीर सिंह को गोरखपुर सीजेएम कोर्ट से आर्म्स एक्ट के मुकदमे में दो वर्ष की सजा और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया जा चुका है। शस्त्र अधिनियम का उल्लंघन करने में दोषी पाए जाने पर सुधीर के ससुर को भी तीन माह की सजा हुई थी। चूंकि सजा के वक्त माफिया सुधीर सिंह पहले से जमानत पर बाहर था, लिहाजा कोर्ट ने उसे 20 हजार के व्यक्तिगत बंधपत्र पर अपील अवधि तक जमानत पर रिहा कर दिया था।



2023 में करोड़ों की संपत्ति हो चुकी है कुर्क



गीडा पुलिस द्वारा माफिया सुधीर सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। अक्टूबर-2023 में उसकी पांच भू-संपत्तियों को कुर्क किया गया। इन संपत्तियों को अपराध के जरिये अर्जित किया था। उसकी 200 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई थी। इसके एक सप्ताह पूर्व उसके और उसकी पत्नी पूनम सिंह के साथ दिवंगत भाई के नाम से दर्ज 100 करोड़ रुपये की (भूमि) संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई की गई थी। ये कुर्की तहसीलदार सहजनवां और क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज के नेतृत्व में की गई थी।



लंबे समय तक साइकिल स्टैंड पर भी था कब्जा

सूत्र बताते हैं कि सुधीर सिंह का लंबे समय तक शहर के एक चर्चित साइकिल स्टैंड की पार्किंग पर भी कब्जा था। स्टैंड का लाइसेंस भी उसके परिवार के नाम पर ही था। इसका संचालन दूसरा करता था। लेकिन, पिछले डेढ़ वर्ष से अब उस स्टैंड का संचालन वही दूसरा व्यक्ति अपने नाम से करता है।


सर्किट हाउस में जमती थी मंडली



समाजवादी सरकार के समय प्रबंधक और पूर्व एमएलसी के साथ मंत्रियों की अक्सर मंडली सजती थी। एक चुनाव के दौरान लगभग 12 से 14 दिन तक सरकार के एक मंत्री ने सर्किट हाउस में डेरा जमाया था। उस समय जमीन और अन्य विवादों को लेकर मंडली के बीच चर्चा होने के बाद मंत्री द्वारा अधिकारियों पर अपना अधिकार जमा मामले को सुधीर के पक्ष में किए जाने का दबाव बनाया जाता था।
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