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Gorakhpur News: गवाही से पीछे नहीं हटने पर माफिया सुधीर सिंह और गुर्गों ने दी धमकी, केस
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कन्हैया लाल हत्याकांडः पिता की हत्या के केस में बेटी को धमकाने का आरोप, एक महीने बाद शाहपुर थाने में दर्ज हुई रिपोर्ट
गोरखपुर। माफिया सुधीर सिंह और उसके गुर्गों की ओर से गवाही से पीछे न हटने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शाहपुर इलाके के बिछिया में वर्ष 2010 में कन्हैया लाल की हत्या के मामले में उनकी बेटी स्नेहलता को गवाही से हटने के लिए धमकाने के साथ ही जबरन दो लाख रुपये भी दिए गए। इस मामले में तहरीर देने के एक महीने बाद अब जाकर शाहपुर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
छह जून 2010 को जंगल तुलसीराम, बिछिया इलाके में कन्हैया लाल की भूमि पर कब्जे के विवाद में हत्या कर दी गई थी। इसमें उनकी बेटी स्नेहलता चश्मदीद गवाह है। पिता की हत्या उनकी आंखों के सामने की गई थी और वर्तमान में मामला न्यायालय में विचाराधीन है। स्नेहलता का आरोप है कि अदालत में जिरह शुरू होने के बाद से ही माफिया सुधीर सिंह, केएन सिंह और उनके सहयोगी लगातार उन पर कोर्ट में गवाही से पीछे हटने का दबाव बना रहे थे।
आरोप है कि बीते 24 सितंबर की शाम जब वह अपने मायके बिछिया से लौट रही थीं तो पीएसी गेट के पास रामलीला मैदान जाने वाले रास्ते पर कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। उन्हें जबरन दो लाख रुपये दिए गए और कहा गया कि अदालत में बता देना कि उन्होंने हत्या होते नहीं देखी।
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स्नेहलता के अनुसार, जब उन्होंने विरोध किया तो धमकी दी गई कि गवाही से पीछे नहीं हटने पर उसकी भी हत्या पिता की तरह कर दी जाएगी। उन्होंने अगले दिन 25 सितंबर को अदालत में पेश होकर पूरी घटना न्यायालय के समक्ष बताई और वह दो लाख रुपये भी अदालत में प्रस्तुत किए जो उसे रिश्वत के तौर पर दिए गए थे।
पीड़िता ने इसके बाद शाहपुर थाने में तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब एक महीने बाद पुलिस ने माफिया सुधीर सिंह, केएन सिंह और उसके अन्य गुर्गों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि पीड़िता की सुरक्षा को लेकर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। अदालत में पेश की गई रिश्वत की रकम को भी साक्ष्य के तौर पर जब्त किया गया है।
वर्ष 2010 में हुई थी कन्हैया लाल की हत्या
जंगल तुलसीराम, बिछिया इलाके में 2010 में कन्हैया लाल की हत्या कर दी गई थी। शाहपुर पुलिस ने मृतक के बेटे धीरज कुमार की तहरीर पर ओमप्रकाश यादव, केएन सिंह, माफिया सुधीर सिंह, गोपाल चौधरी और रमाशंकर पासवान के विरुद्ध केस दर्ज किया था। 13 अगस्त को न्यायालय में दाखिल किए गए प्रार्थना पत्र में स्नेहलता ने लिखा है कि आरोपियों की तरफ से न केवल डराया-धमकाया जा रहा है, बल्कि बयान बदलने के लिए लगातार दबाव डाला जा रहा है।
62 माफिया की सूची में शामिल है सुधीर सिंह
माफिया सुधीर सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार की 62 माफिया की सूची में शामिल है। उसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। हाल ही में खजनी थाना क्षेत्र में हत्या की कोशिश के मामले में जब पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, तब उसने लखनऊ में सरेंडर किया था।
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गोरखपुर। माफिया सुधीर सिंह और उसके गुर्गों की ओर से गवाही से पीछे न हटने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शाहपुर इलाके के बिछिया में वर्ष 2010 में कन्हैया लाल की हत्या के मामले में उनकी बेटी स्नेहलता को गवाही से हटने के लिए धमकाने के साथ ही जबरन दो लाख रुपये भी दिए गए। इस मामले में तहरीर देने के एक महीने बाद अब जाकर शाहपुर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
छह जून 2010 को जंगल तुलसीराम, बिछिया इलाके में कन्हैया लाल की भूमि पर कब्जे के विवाद में हत्या कर दी गई थी। इसमें उनकी बेटी स्नेहलता चश्मदीद गवाह है। पिता की हत्या उनकी आंखों के सामने की गई थी और वर्तमान में मामला न्यायालय में विचाराधीन है। स्नेहलता का आरोप है कि अदालत में जिरह शुरू होने के बाद से ही माफिया सुधीर सिंह, केएन सिंह और उनके सहयोगी लगातार उन पर कोर्ट में गवाही से पीछे हटने का दबाव बना रहे थे।
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आरोप है कि बीते 24 सितंबर की शाम जब वह अपने मायके बिछिया से लौट रही थीं तो पीएसी गेट के पास रामलीला मैदान जाने वाले रास्ते पर कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। उन्हें जबरन दो लाख रुपये दिए गए और कहा गया कि अदालत में बता देना कि उन्होंने हत्या होते नहीं देखी।
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स्नेहलता के अनुसार, जब उन्होंने विरोध किया तो धमकी दी गई कि गवाही से पीछे नहीं हटने पर उसकी भी हत्या पिता की तरह कर दी जाएगी। उन्होंने अगले दिन 25 सितंबर को अदालत में पेश होकर पूरी घटना न्यायालय के समक्ष बताई और वह दो लाख रुपये भी अदालत में प्रस्तुत किए जो उसे रिश्वत के तौर पर दिए गए थे।
पीड़िता ने इसके बाद शाहपुर थाने में तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब एक महीने बाद पुलिस ने माफिया सुधीर सिंह, केएन सिंह और उसके अन्य गुर्गों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि पीड़िता की सुरक्षा को लेकर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। अदालत में पेश की गई रिश्वत की रकम को भी साक्ष्य के तौर पर जब्त किया गया है।
वर्ष 2010 में हुई थी कन्हैया लाल की हत्या
जंगल तुलसीराम, बिछिया इलाके में 2010 में कन्हैया लाल की हत्या कर दी गई थी। शाहपुर पुलिस ने मृतक के बेटे धीरज कुमार की तहरीर पर ओमप्रकाश यादव, केएन सिंह, माफिया सुधीर सिंह, गोपाल चौधरी और रमाशंकर पासवान के विरुद्ध केस दर्ज किया था। 13 अगस्त को न्यायालय में दाखिल किए गए प्रार्थना पत्र में स्नेहलता ने लिखा है कि आरोपियों की तरफ से न केवल डराया-धमकाया जा रहा है, बल्कि बयान बदलने के लिए लगातार दबाव डाला जा रहा है।
62 माफिया की सूची में शामिल है सुधीर सिंह
माफिया सुधीर सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार की 62 माफिया की सूची में शामिल है। उसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। हाल ही में खजनी थाना क्षेत्र में हत्या की कोशिश के मामले में जब पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, तब उसने लखनऊ में सरेंडर किया था।