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Gorakhpur News: पढ़ाई के साथ ले रहा था प्रशिक्षण, हिम्मत हार गया कबड्डी खिलाड़ी

Sun, 13 Apr 2025 01:02 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Apr 2025 01:02 AM IST
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Gorakhpur News: Kabaddi player was taking training along with studies, lost courage
सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज में पढ़ रहे गोला इलाके के 17 वर्षीय राजीव सिंह ने शुक्रवार को कर ली थी खुदकुशी
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घर का इकलौता चिराग था राजीव, कॉलेज में छात्रों से कहासुनी के बाद लगाया फंदा

घरावल गांव में शनिवार को भोर में लाया गया शव, ओमान से आ रहे पिता का इंतजार
जानीपुर (गोरखपुर)। राजीव अच्छा खेलता था, इसलिए अधिकतर मैचों में जीत मिलती थी, लेकिन कबड्डी का यह खिलाड़ी हिम्मत हार गया और उसने खुदकुशी कर ली। वह पढ़ाई के साथ कबड्डी का प्रशिक्षण ले रहा था।
ये बातें शनिवार को उसके परिजनों ने बताईं। गोला क्षेत्र के घरावल गांव निवासी रामकरन सिंह के इकलौते बेटे राजीव सिंह (17) ने सैफई के स्पोर्ट्स कॉलेज में छात्रों से कहासुनी के बाद शुक्रवार को फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। शनिवार को भोर में उसका शव गांव लाया गया। ओमान से आ रहे पिता का इंतजार किया जा रहा है।जानकारी के मुताबिक, घरावल गांव निवासी रामकरन सिंह ओमान में रहते हैं। उनका बेटा राजीव सिंह कबड्डी का होनहार खिलाड़ी था। कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर उसने टीम को जीत दिलाई थी। 14 जनवरी 2022 को सातवीं कक्षा में सैफई के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज में प्रवेश लिया था। तभी से वह वहां पढ़ाई के साथ ही कबड्डी का प्रशिक्षण ले रहा था।
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शुक्रवार सुबह पांच बजे वह अन्य छात्रों के साथ स्टेडियम गया। दोपहर एक बजे के करीब छात्रावास के द्वितीय तल पर स्थित कमरा नंबर 18 में आठवीं के छात्र शिवम ने उसे फंदे से लटका देखकर कर्मचारियों को सूचना दी। बताया जा रहा है कि साथ में खेलने वाले छात्रों से उसकी कहासुनी हुई थी, जिससे वह परेशान चल रहा था। फिलहाल, सैफई पुलिस खुदकुशी के कारणों का पता लगा रही है।
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राजीव की बड़ी बहन अन्नी सिंह और मां अमिता गोरखपुर शहर में किराए का कमरा लेकर रहती हैं। अमिता सिंह अक्सर बीमार रहती हैं। इसलिए गांव के घर पर कम ही आना-जाना होता है।



होली में आया था घर, शनिवार को आया शव
राजीव के बड़े पिता शंभू सिंह ने बताया कि शुक्रवार को उसने सुबह अभ्यास किया था। इसके बाद उसकी मैडम ने बाकी फीस मांगी थी। राजीव के पास मोबाइल नहीं था। आखिरी बार उसने सोमवार को वार्डन के मोबाइल से फोन किया था। मार्च में होली पर वह घर भी आया था। राजीव के पिता के आने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद दाह संस्कार किया जाएगा।
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