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Gorakhpur News: शातिर खिलाड़ी है इमरान, 10 हजार में अंकपत्र और 700 में तैयार कर देता था अंगूठे का निशान

Wed, 07 May 2025 01:12 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 07 May 2025 01:12 AM IST
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Gorakhpur News: Imran is a shrewd player, he used to prepare marksheet for 10 thousand and thumb impression for 700
मेघालय, झांसी व शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) विश्वविद्यालय का फर्जी अंकपत्र बरामद
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शाही मार्केट की दुकान पर छापा, फार्मेसी की आठ तैयार और 10 अधूरी मार्कशीट जब्त
गिरोह में शामिल अन्य चार सदस्यों के नाम पता की जानकारी लेकर गिरफ्तारी में जुटी पुलिस

कई संस्थाओं के संचालकों के कहने पर 10 से 15 हजार रुपये में बनाते थे फर्जी अंकपत्र

गोरखपुर। कोतवाली पुलिस ने महराजगंज के इमरान खान और शाहपुर निवासी श्याम बिहारी गुप्ता को दबोचा है। इसमें इमरान खान फोटोशाॅप कर फर्जी दस्तावेज बनाने का शातिर खिलाड़ी है। यह 10 हजार रुपये में देश की बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी के मेडिकल का अंकपत्र और 700 से 1500 रुपये खर्च करने पर अंगूठे का निशान (क्लोन) तैयार कर देता था। दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई हैरान कर देने वाली जानकारी पुलिस को मिली है।

पुलिस को इमरान ने बताया है कि फोटोशाॅप साॅफ्टवेयर की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। परिचितों के लिए 100 रुपये में भी डिग्री तैयार कर देता था। एक जयंत नाम का व्यक्ति उसे अक्सर व्हाट्सएप पर सीएमजे यूनिवर्सिटी मेघालय, जेएस यूनिवर्सिटी शिकोहाबाद और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का अंकपत्र बनाने का काम दिया करता है। इसके अलावा तबरेज नाम का व्यक्ति उसे आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए भेजता था, जिसे फोटोशाॅप साॅफ्टवेयर की मदद से स्कैन करके वह तैयार करता था। इमरान के मोबाइल में व्हाट्एसप खोलने पर विभिन्न नंबरों से फर्जी अंकपत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करने की चैटिंग मिली है।
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बटर पेपर पर बनाता था मार्कशीट

पुलिस के मुताबिक, इमरान के व्हाट्सएप पर जयंत विभिन्न विश्वविद्यालयों का अंकपत्र भेजता था, जिसे स्कैन कर बटर पेपर पर प्रिंट निकलवाता था। जो हूबहू असली अंकपत्र की तरह दिखता था। इसके अलावा वह हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंकपत्र का नंबर भी स्कैन करके बढ़ा देता था। श्याम बिहारी इसके पास काम लेकर आता था। धीरे-धीरे इमरान ने भी अपनी पहचान बना ली थी। इमरान इतना शातिर है कि व्हाट्सएप पर ही वह संदिग्ध लोगों से बातें करता था। पुलिस के मुताबिक, इमरान को काम देने वाला व्यक्ति 10 से 15 हजार रुपये तक लोगों से वसूल करता था। उसके पकड़े जाने पर कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
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इस तरह तैयार करता था क्लोन
पुलिस के मुताबिक, शाही मार्केट में श्याम बिहारी अपनी दुकान चलाता है। उसने बताया कि दुकान पर बहुत से लोग अंगूठे का क्लोन बनवाने आते थे, उनसे 700 से लगाए 1500 रुपये तक में डील तय करता था। इसके बाद उस व्यक्ति का सफेद कागज पर अंगूठे का निशान ले लेता था। पेपर को अपने साथी संदीप शाही की शाही मार्केट स्थित दुकान पर ले जाकर स्कैन कराकर पेनड्राइव में ले लेता था, जिसे हुमायूंपुर उत्तरी में अपने साथी इमरान खान को पहुंचा देता था। इमरान उससे थ्रीडी फ्रिंगर प्रिंट बनाकर ट्रेसिंग पेपर पर प्रिंट निकालता था। इसके बाद फ्लेक्स एवं पॉलीमर स्टांप एक्सपोजर मशीन से अंगूठे का क्लोन बनाता था।



इस विश्वविद्यालय के मिले अंकपत्र
दोनों आरोपियों के पास से पुलिस को मेघालय, झांसी व शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) विश्वविद्यालय का फर्जी मेडिकल का अंकपत्र मिला है। इसमें चंद्रजीत, जुबैर अख्तर, चंद्रजीत पटेल, शैलेंद्र कुमार, विनय कुमार गुप्ता, सर्वजीत गुप्ता के नाम पर बीएमएस की डिग्री मिली है। साथ ही राधिका चौहान नाम से अंकपत्र व प्रमाण पत्र भी मिला है। इमरान के किराए के कमरे में 14 कूटरचित अंकपत्र व प्रमाणपत्र, आठ कूटरचित अधूरे अंकपत्र, एक माॅनीटर, एक प्रिंटर, एक डाई कटर मशीन, एक फ्लेक्स एवं पाॅलीमर स्टांप एक्सपोजर मशीन, एक सीपीयू, दो इमेज डार्कर लिक्विड, एक वाईफाई राउटर, तीन थ्रीडी फ्रिंगर प्रिंट, एक लेमिनेशन मशीन, दो पाॅलीमर स्टांप मशीन की टेपिंग, तीन डुअल साइड पेपर, एक बंडल बैंक शीट, एक मोबाइल, एक पेन ड्राइव व दो टैब सहित अन्य उपकरण बरामद हुआ है।


वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई

शहर के शाही मार्केट में एक दुकान में अंगूठे का क्लोन बनाने का वीडियो दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में एक दुकान पर अगूंठे का क्लोन बनाया जा रहा था। इसके बाद यह कार्रवाई की है। पुलिस के हत्थे चढ़े इमरान ने पूछताछ में बताया कि गणेश चौक पर स्थित ओमप्रकाश पंडित भी इस काम में मदद करता था।
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गिरोह पर की जाएगी गैंगस्टर की कार्रवाई

सीओ ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि गिरोह के अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को गैंग चार्ट बनाकर भेजा जाएगा।
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जेएस यूनिवर्सिटी के डॉक्टर के पास से मिली थी फर्जी डिग्री

खोराबार पुलिस ने 24 फरवरी को पीएचसी के संविदा डॉ. राजेश कुमार और उसके दोस्त संतकबीरनगर जिले निवासी सुशील कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया था। इनके पास से देश के नौ कॉलेजों की 21 मेडिकल की डिग्री मिली थी। इसमें जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद जनपद फिरोजाबाद की चार डिग्री थी। इसके अलावा आयुर्वेदिक व यूनानी, तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड उप्र जनपद लखनऊ की दो, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद की तीन, आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी तीन, राजस्थान के चूरू के ओपीजेएस यूनिवर्सिटी की दो, उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल लखनऊ की एक, कर्नाटका, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मेरठ की यूनिवर्सिटी की सात डिग्रियां मिली थीं। सत्यापन में अभी तक 11 डिग्रियां फर्जी मिल चुकी हैं।
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कोट-
इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश चल रही है। यह एक बड़ा गिरोह है, इसमें इमरान फोटोशाॅप पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का शातिर खिलाड़ी है। यही फोटोशाॅप साॅफ्टवेयर की मदद से क्लोन व फर्जी अंकपत्र तैयार कर देता था।

अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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