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Gorakhpur News: करना पड़ा इंतजार.. आठ को ही पड़ना था जीएसटी का छापा
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आयकर विभाग की कार्रवाई पहले शुरू हो गई, बाद में पहुंचने का लिया निर्णय
गोरखपुर। कर चोरी की लगातार मिल रहीं शिकायतों का संज्ञान लेकर जीएसटी विभाग बीते आठ जनवरी को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में छापा मारने वाला था। इसी बीच आयकर विभाग की टीम सुबह 8 बजे ही जांच करने पहुंच गई। जीएसटी की टीम ने आयकर विभाग की जांच पूरा होने का इंतजार किया और सोमवार को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के साथ गोरखपुर क्लब पर भी छापा मार दिया।पिछले पांच दिनों से आयकर विभाग की टीम गोरखपुर-बस्ती मंडल के 27 ठिकानों पर कर चोरी की आशंका में जांच कर रही है। रामगढ़ताल में संचालित फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में भी कर चोरी की आशंका है। दरअसल, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के संचालक का एडमिल व्यवसाय भी है। उनके और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट से जुड़े दो अन्य लोगों के घर से लेकर दफ्तर तक आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी है। इसी बीच सोमवार दोपहर में अचानक जीएसटी की टीम ने भी छापा मार दिया।
सूत्रों ने बताया कि जीएसटी विभाग की टीम ने संचालक को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट पर बुलाने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। नए साल के स्वागत में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की तरफ से खाने, ड्रिंक्स, स्नैक्स, एंट्री और अन्य व्यवस्थाओं पर जो ऑफर दिया गया था, उसकी जांच की जा रही रही है। इसके अलावा फर्म पर खाने-पीने के सामान की खरीद और बिक्री की जांच की गई। सूत्रों ने बताया कि खरीद-बिक्री के दरों में काफी अंतर पाया गया है। खबर लिखे जाने तक छापा जारी था।
फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के आर्किटेक्ट के परिसर की भी आईटी ने जांच की
फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के एक आर्किटेक्ट के घर की भी आयकर विभाग ने जांच की। जगेसर पासी चौराहे के पास स्थित आवास पर बृहस्पतिवार की सुबह टीम पहुंची थी और सोमवार की सुबह जांच कर लौटी।
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सवा दो करोड़ नकद और सवा किलो बुलियन सोना करवाया जमा, आयकर टीम लौटी
आयकर विभाग की टीम ने पांच दिन के दौरे पर कई अलग-अलग जगहों पर छापा मारा था। सोमवार को टीम ने जांच के दौरान बिना लिखा-पढ़ी के करीब सवा दो करोड़ रुपये नकद और सवा किलो से अधिक बुलियन सोना बरामद किया। इसे बैंक में जमा करवाया गया। फाइलें, हार्ड डिस्क (क्लोन) लेकर टीम लौट गई। बाकी एस्टीमेट का हिसाब फाइल सत्यापन के बाद किया जाएगा। आशंका है कि इन फाइलों और हार्ड डिस्क में सैकड़ों करोड़ रुपयों के हेरफेर किया गया है।
वर्जन
ऑर्बिट अपनी मेहनत, ईमानदारी और पूर्ण सत्यनिष्ठा और लगन की वजह से इतने कम समय में इस मुकाम तक पहुंचा है। ऑर्बिट विश्वास की कसौटी पर पूरी तरह कल भी खरा था, आज भी है और आगे भी हमेशा बना रहेगा, हम यह विश्वास दिलाते हैं। किसी भी व्यापार में जांच प्रक्रिया प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा होता है। जांच में आयकर विभाग की टीम का पूरा सहयोग किया गया। आगे भी पूरा सहयोग किया जाएगा।
-अभिषेक अग्रवाल, निदेशक, ऑर्बिट
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गोरखपुर। कर चोरी की लगातार मिल रहीं शिकायतों का संज्ञान लेकर जीएसटी विभाग बीते आठ जनवरी को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में छापा मारने वाला था। इसी बीच आयकर विभाग की टीम सुबह 8 बजे ही जांच करने पहुंच गई। जीएसटी की टीम ने आयकर विभाग की जांच पूरा होने का इंतजार किया और सोमवार को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के साथ गोरखपुर क्लब पर भी छापा मार दिया।पिछले पांच दिनों से आयकर विभाग की टीम गोरखपुर-बस्ती मंडल के 27 ठिकानों पर कर चोरी की आशंका में जांच कर रही है। रामगढ़ताल में संचालित फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में भी कर चोरी की आशंका है। दरअसल, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के संचालक का एडमिल व्यवसाय भी है। उनके और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट से जुड़े दो अन्य लोगों के घर से लेकर दफ्तर तक आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी है। इसी बीच सोमवार दोपहर में अचानक जीएसटी की टीम ने भी छापा मार दिया।
सूत्रों ने बताया कि जीएसटी विभाग की टीम ने संचालक को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट पर बुलाने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। नए साल के स्वागत में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की तरफ से खाने, ड्रिंक्स, स्नैक्स, एंट्री और अन्य व्यवस्थाओं पर जो ऑफर दिया गया था, उसकी जांच की जा रही रही है। इसके अलावा फर्म पर खाने-पीने के सामान की खरीद और बिक्री की जांच की गई। सूत्रों ने बताया कि खरीद-बिक्री के दरों में काफी अंतर पाया गया है। खबर लिखे जाने तक छापा जारी था।
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फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के आर्किटेक्ट के परिसर की भी आईटी ने जांच की
फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के एक आर्किटेक्ट के घर की भी आयकर विभाग ने जांच की। जगेसर पासी चौराहे के पास स्थित आवास पर बृहस्पतिवार की सुबह टीम पहुंची थी और सोमवार की सुबह जांच कर लौटी।
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सवा दो करोड़ नकद और सवा किलो बुलियन सोना करवाया जमा, आयकर टीम लौटी
आयकर विभाग की टीम ने पांच दिन के दौरे पर कई अलग-अलग जगहों पर छापा मारा था। सोमवार को टीम ने जांच के दौरान बिना लिखा-पढ़ी के करीब सवा दो करोड़ रुपये नकद और सवा किलो से अधिक बुलियन सोना बरामद किया। इसे बैंक में जमा करवाया गया। फाइलें, हार्ड डिस्क (क्लोन) लेकर टीम लौट गई। बाकी एस्टीमेट का हिसाब फाइल सत्यापन के बाद किया जाएगा। आशंका है कि इन फाइलों और हार्ड डिस्क में सैकड़ों करोड़ रुपयों के हेरफेर किया गया है।
वर्जन
ऑर्बिट अपनी मेहनत, ईमानदारी और पूर्ण सत्यनिष्ठा और लगन की वजह से इतने कम समय में इस मुकाम तक पहुंचा है। ऑर्बिट विश्वास की कसौटी पर पूरी तरह कल भी खरा था, आज भी है और आगे भी हमेशा बना रहेगा, हम यह विश्वास दिलाते हैं। किसी भी व्यापार में जांच प्रक्रिया प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा होता है। जांच में आयकर विभाग की टीम का पूरा सहयोग किया गया। आगे भी पूरा सहयोग किया जाएगा।
-अभिषेक अग्रवाल, निदेशक, ऑर्बिट