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गोरखपुर महोत्सव : पुस्तक मेले में साहित्य के प्रति दिख रही युवाओं की रुचि
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साहित्य से जुड़ी किताबों की मांग
बेहतर जिंदगी का रास्ता, किताबों से होकर जाता है
गोरखपुर। गोरखपुर महोत्सव में पुस्तक मेले में पहले दिन से युवाओं की काफी भीड़ देखी जा रही है। आम तौर पर मोबाइल और सोशल मीडिया की वजह से किताबों से दूर रहने वाले युवा अपनी रूचि की किताबें खरीदने में व्यस्त दिख रहे हैं। पुस्तक मेले में युवाओं के अलावा बच्चों, बुजुर्गों और गृहणियों की संख्या भी अच्छी खासी है। प्रकाशकों के अनुसार कविता, कहानियां, उपन्यास, यात्रा वृतांत और इतिहास की किताबों में पाठकों विशेष रुचि ले रहे हैं। पाठकों को लुभाने के लिए सभी प्रकाशक विशेष छूट भी दे रहे हैं।
गोरखपुर ने महोत्सव के अंतर्गत आयोजित पुस्तक मेले में युवाओं को साहित्य और आध्यात्म से जुड़ी पुस्तकें काफी पसंद आ रहीं हैं। गोरखपुर से जुड़ी किताबों की भी काफी मांग है। आमतौर पर फेसबुक, सोशल मीडिया की लत की वजह से किताबों से दूर रहने वाले युवाओं की अच्छी संख्या देखकर प्रकाशक भी उत्साहित हैं। एक प्रकाशक के सदस्य ने बताया कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक किताबें खरीद रहे हैं। कुछ छात्र कोर्स से जुड़ी किताबें खरीदने के लिए भी पुस्तक मेले में पहुंच रहे हैं।
सर्द हवाओं के बीच गोरखपुर महोत्सव में भीड़ कम नहीं हो रही है। परिसर में हर तरफ भीड़ है लेकिन पुस्तक मेला सभी को आकर्षित कर रहा है। पुस्तक मेले में हिन्दी साहित्य के विद्वानों, इतिहासकारों व सामाजिक विभूतियों की साहित्यिक कृतियां मिल रही हैं। मेले में किसी पाठक के हाथ में प्रेमचंद दिख रहे हैं तो कहीं अज्ञेय नजर आ रहे हैं। सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविताएं, दिनकर की रश्मिरथी पाठकों को अपनी ओर खींच रही हैं। कक्षा बारहवीं की छात्रा प्राची ने बताया कि साहित्य से जुड़ी किताबें खरीदेने आई हूं। प्रकाशकों का कहना है कि बीते कुछ समय में उपन्यास (हिंदी, अंग्रेजी) युवाओं की पसंद बन गई है।
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बेहतर जिंदगी का रास्ता, किताबों से होकर जाता है
गोरखपुर। गोरखपुर महोत्सव में पुस्तक मेले में पहले दिन से युवाओं की काफी भीड़ देखी जा रही है। आम तौर पर मोबाइल और सोशल मीडिया की वजह से किताबों से दूर रहने वाले युवा अपनी रूचि की किताबें खरीदने में व्यस्त दिख रहे हैं। पुस्तक मेले में युवाओं के अलावा बच्चों, बुजुर्गों और गृहणियों की संख्या भी अच्छी खासी है। प्रकाशकों के अनुसार कविता, कहानियां, उपन्यास, यात्रा वृतांत और इतिहास की किताबों में पाठकों विशेष रुचि ले रहे हैं। पाठकों को लुभाने के लिए सभी प्रकाशक विशेष छूट भी दे रहे हैं।
गोरखपुर ने महोत्सव के अंतर्गत आयोजित पुस्तक मेले में युवाओं को साहित्य और आध्यात्म से जुड़ी पुस्तकें काफी पसंद आ रहीं हैं। गोरखपुर से जुड़ी किताबों की भी काफी मांग है। आमतौर पर फेसबुक, सोशल मीडिया की लत की वजह से किताबों से दूर रहने वाले युवाओं की अच्छी संख्या देखकर प्रकाशक भी उत्साहित हैं। एक प्रकाशक के सदस्य ने बताया कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक किताबें खरीद रहे हैं। कुछ छात्र कोर्स से जुड़ी किताबें खरीदने के लिए भी पुस्तक मेले में पहुंच रहे हैं।
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सर्द हवाओं के बीच गोरखपुर महोत्सव में भीड़ कम नहीं हो रही है। परिसर में हर तरफ भीड़ है लेकिन पुस्तक मेला सभी को आकर्षित कर रहा है। पुस्तक मेले में हिन्दी साहित्य के विद्वानों, इतिहासकारों व सामाजिक विभूतियों की साहित्यिक कृतियां मिल रही हैं। मेले में किसी पाठक के हाथ में प्रेमचंद दिख रहे हैं तो कहीं अज्ञेय नजर आ रहे हैं। सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविताएं, दिनकर की रश्मिरथी पाठकों को अपनी ओर खींच रही हैं। कक्षा बारहवीं की छात्रा प्राची ने बताया कि साहित्य से जुड़ी किताबें खरीदेने आई हूं। प्रकाशकों का कहना है कि बीते कुछ समय में उपन्यास (हिंदी, अंग्रेजी) युवाओं की पसंद बन गई है।
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