{"_id":"6967efa5a3a0398c700cd2c8","slug":"gorakhpur-news-four-people-including-the-operator-were-arrested-in-the-case-of-death-of-cattle-in-kanha-upvan-gorakhpur-news-c-7-gkp1006-1197982-2026-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: कान्हा उपवन में मवेशियों की मौत मामले में संचालक समेत चार गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: कान्हा उपवन में मवेशियों की मौत मामले में संचालक समेत चार गिरफ्तार
विज्ञापन
- नगर निगम की जांच में गोवंश की देखभाल में लापरवाही उजागर
- पशु कल्याण अधिकारी की तहरीर पर दर्ज की गई थी प्राथमिकी
गोरखपुर। कान्हा उपवन में गोवंश की मौत के मामले में रामगढ़ताल पुलिस ने संचालक समेत चार आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। नगर निगम की जांच में लापरवाही उजागर होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. रॉबिन चंद्रा की तहरीर पर रामगढ़ताल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
सोमवार को शहर में गोवंश की मौत से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। निगम अधिकारियों ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान कान्हा उपवन में साफ-सफाई, चारा व्यवस्था और निगरानी में कई खामियां सामने आईं। इसके बाद कान्हा उपवन के संचालक राजकुमार नायक व तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जेल भेजे गए आरोपियों की पहचान बेलीपार के भौवापार कौवाबाग निवासी सोनू साहनी (ट्रैक्टर चालक व गोबर सफाई कर्मी), चौरीचौरा के जोधपुर सूकही निवासी महेंद्र कुमार पासवान (भूसा रख-रखाव व लेखा-जोखा देखने वाला), बस्ती के कटरूआ वीरसिंह निवासी राजाराम यादव (रात्रि वॉचमैन) और कान्हा गोशाला के संचालक बड़हलगंज के महुआपार गढ़वारामपुर निवासी राजकुमार नायक के रूप में हुई है। संचालक सिद्धार्थ एनक्लेव में मनोज त्रिपाठी के मकान में किराये पर रह रहा था। पुलिस के अनुसार, सभी की भूमिका लापरवाही से जुड़ी पाई गई। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि संचालक समेत चार लोगों को जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
वहीं इस मामले के बाद नगर निगम ने कान्हा उपवन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। निगम की टीमें लगातार गोशाला परिसर में सफाई अभियान चला रही हैं। परिसर और आसपास जमा कचरे को हटाकर स्वच्छ वातावरण बनाए जाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि संक्रमण या बीमारी का खतरा न रहे। ठंड को देखते हुए गोवंश के लिए भूसा, पुआल, तिरपाल और अस्थायी शेड की व्यवस्था की गई है।
अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र ने बताया कि फिलहाल सभी गोवंश सुरक्षित हैं। उनकी देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन
- पशु कल्याण अधिकारी की तहरीर पर दर्ज की गई थी प्राथमिकी
गोरखपुर। कान्हा उपवन में गोवंश की मौत के मामले में रामगढ़ताल पुलिस ने संचालक समेत चार आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। नगर निगम की जांच में लापरवाही उजागर होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. रॉबिन चंद्रा की तहरीर पर रामगढ़ताल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
सोमवार को शहर में गोवंश की मौत से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। निगम अधिकारियों ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान कान्हा उपवन में साफ-सफाई, चारा व्यवस्था और निगरानी में कई खामियां सामने आईं। इसके बाद कान्हा उपवन के संचालक राजकुमार नायक व तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
जेल भेजे गए आरोपियों की पहचान बेलीपार के भौवापार कौवाबाग निवासी सोनू साहनी (ट्रैक्टर चालक व गोबर सफाई कर्मी), चौरीचौरा के जोधपुर सूकही निवासी महेंद्र कुमार पासवान (भूसा रख-रखाव व लेखा-जोखा देखने वाला), बस्ती के कटरूआ वीरसिंह निवासी राजाराम यादव (रात्रि वॉचमैन) और कान्हा गोशाला के संचालक बड़हलगंज के महुआपार गढ़वारामपुर निवासी राजकुमार नायक के रूप में हुई है। संचालक सिद्धार्थ एनक्लेव में मनोज त्रिपाठी के मकान में किराये पर रह रहा था। पुलिस के अनुसार, सभी की भूमिका लापरवाही से जुड़ी पाई गई। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि संचालक समेत चार लोगों को जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
वहीं इस मामले के बाद नगर निगम ने कान्हा उपवन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। निगम की टीमें लगातार गोशाला परिसर में सफाई अभियान चला रही हैं। परिसर और आसपास जमा कचरे को हटाकर स्वच्छ वातावरण बनाए जाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि संक्रमण या बीमारी का खतरा न रहे। ठंड को देखते हुए गोवंश के लिए भूसा, पुआल, तिरपाल और अस्थायी शेड की व्यवस्था की गई है।
अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र ने बताया कि फिलहाल सभी गोवंश सुरक्षित हैं। उनकी देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।