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Gorakhpur News: सीएम योगी ने 25.65 करोड़ की अर्बन फ्लड रिस्क मैनेजमेंट परियोजना का किया लोकार्पण
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अब बारिश के बाद नाले में पानी भरने पर स्वत: चालू हो जाएंगे पंपिंग स्टेशन
जलभराव में सीधे सफाई निरीक्षकों के पास पहुंचेगी जानकारी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को 25.65 करोड़ रुपये की अर्बन फ्लड रिस्क मैनेजमेंट परियोजना का लोकार्पण किया। नगर निगम इस परियोजना को अपनाने वाला प्रदेश का पहला नगर निगम बना। अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल (यूएफएमसी) के जरिये संचालित इस परियोजना ने जलभराव की समस्या पर काबू पाने में सफलता हासिल की है।
मुख्यमंत्री ने यूएफएमसी का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की जानकारी ली। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि परियोजना में अर्बन फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम लागू किए गए हैं। ये सिस्टम रीयल टाइम अलर्ट देकर नागरिकों को राहत देते हैं और बाढ़ नीति निर्माण में सहायता करते हैं। शहर में 28 जलभराव हॉटस्पॉट और 85 संवेदनशील बिंदु चिह्नित किए गए हैं। 110 ऑटोमेटिक वाटर लेवल रिकॉर्डर हर 2 से 15 मिनट में जलस्तर की जानकारी भेजते हैं। जलस्तर 80 प्रतिशत से अधिक होने पर ऑटोमेटेड अलर्ट जारी होता है। पंपिंग स्टेशनों के संपवेल में 60 प्रतिशत से अधिक जलस्तर पर स्काडा और पीएलसी सिस्टम से पंप स्वत: चालू हो जाते हैं। सभी पंपिंग स्टेशनों का पूर्ण ऑटोमेशन हो चुका है। दो ऑटोमेटिक रेन मेजर्स हर 15 मिनट में वर्षा का डेटा भेजते हैं।
शिकायतों का 1-2 घंटे में निस्तारण
नगर आयुक्त ने बताया कि परियोजना से जलभराव शिकायतों पर प्रतिक्रिया समय 10-12 घंटे से घटकर 1-2 घंटे हो गया है। पंप खराबी की घटनाएं 60 प्रतिशत कम हुई है। चार महीनों में 250 से अधिक शिकायतों में 70 प्रतिशत का त्वरित निस्तारण हुआ। रीयल टाइम चेतावनियों और प्रीडिक्ट-प्रिपेयर-प्रोटेक्ट रणनीति से पुराने जलभराव क्षेत्रों में इस बार बाढ़ की स्थिति नहीं बनी।
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दिवंगत सफाई मित्र के परिजन को दी एक लाख की सहायता
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी ने नगर निगम के सफाई मित्र कल्याण कोष से दिवंगत सफाई मित्र रुक्मणी देवी के पुत्र समीर को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए जलकल विभाग के सफाई मित्र बेलास, सुबराती, जम्मू, स्वास्थ्य विभाग की उर्मिला और अन्नू को भी सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट पार्षदों को मिला पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य के लिए राप्तीनगर की पूनम सिंह, विकास नगर के अजय कुमार ओझा, गोपलापुर की गुंजा, गिरधरगंज के रणंजय सिंह जुगनू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर की आरती सिंह, चंद्रशेखर आजाद नगर के धर्मेंद्र सिंह, सिविल लाइंस प्रथम के अजय राय, शक्तिनगर की आशा, बसंतपुर के बिजेंद्र अग्रहरि और आत्माराम नगर के अभिषेक शर्मा को सम्मानित किया। चरगांवा की सरोज पासवान, सालिकराम नगर की सरिता यादव और विजय चौक की मनु जायसवाल को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
सीएम ने 13 आधुनिक स्वच्छता वाहनों को दिखाई हरी झंडी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता और कूड़ा निस्तारण को गति देने के लिए 1.13 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गए 13 आधुनिक स्वच्छता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें सात सीएनजी डोर-टू-डोर मैजिक वाहन (55.85 लाख रुपये) शामिल हैं। इनमें छह इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सीएसआर फंड और एक नगर निगम निधि से खरीदा गए हैं। दो सिल्ट मैजिक वाहन (18.64 लाख रुपये) नालों की सफाई और सिल्ट निस्तारण के लिए हैं। तीन ढाला मैजिक वाहन (27.97 लाख रुपये) पार्षद वरीयता के तहत और एक ट्रैक्टर मय टैंकर (11.26 लाख रुपये, 5000 लीटर क्षमता) पौधों पर जल छिड़काव के लिए खरीदे गए।
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जलभराव में सीधे सफाई निरीक्षकों के पास पहुंचेगी जानकारी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को 25.65 करोड़ रुपये की अर्बन फ्लड रिस्क मैनेजमेंट परियोजना का लोकार्पण किया। नगर निगम इस परियोजना को अपनाने वाला प्रदेश का पहला नगर निगम बना। अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल (यूएफएमसी) के जरिये संचालित इस परियोजना ने जलभराव की समस्या पर काबू पाने में सफलता हासिल की है।
मुख्यमंत्री ने यूएफएमसी का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की जानकारी ली। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि परियोजना में अर्बन फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम लागू किए गए हैं। ये सिस्टम रीयल टाइम अलर्ट देकर नागरिकों को राहत देते हैं और बाढ़ नीति निर्माण में सहायता करते हैं। शहर में 28 जलभराव हॉटस्पॉट और 85 संवेदनशील बिंदु चिह्नित किए गए हैं। 110 ऑटोमेटिक वाटर लेवल रिकॉर्डर हर 2 से 15 मिनट में जलस्तर की जानकारी भेजते हैं। जलस्तर 80 प्रतिशत से अधिक होने पर ऑटोमेटेड अलर्ट जारी होता है। पंपिंग स्टेशनों के संपवेल में 60 प्रतिशत से अधिक जलस्तर पर स्काडा और पीएलसी सिस्टम से पंप स्वत: चालू हो जाते हैं। सभी पंपिंग स्टेशनों का पूर्ण ऑटोमेशन हो चुका है। दो ऑटोमेटिक रेन मेजर्स हर 15 मिनट में वर्षा का डेटा भेजते हैं।
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शिकायतों का 1-2 घंटे में निस्तारण
नगर आयुक्त ने बताया कि परियोजना से जलभराव शिकायतों पर प्रतिक्रिया समय 10-12 घंटे से घटकर 1-2 घंटे हो गया है। पंप खराबी की घटनाएं 60 प्रतिशत कम हुई है। चार महीनों में 250 से अधिक शिकायतों में 70 प्रतिशत का त्वरित निस्तारण हुआ। रीयल टाइम चेतावनियों और प्रीडिक्ट-प्रिपेयर-प्रोटेक्ट रणनीति से पुराने जलभराव क्षेत्रों में इस बार बाढ़ की स्थिति नहीं बनी।
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दिवंगत सफाई मित्र के परिजन को दी एक लाख की सहायता
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी ने नगर निगम के सफाई मित्र कल्याण कोष से दिवंगत सफाई मित्र रुक्मणी देवी के पुत्र समीर को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए जलकल विभाग के सफाई मित्र बेलास, सुबराती, जम्मू, स्वास्थ्य विभाग की उर्मिला और अन्नू को भी सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट पार्षदों को मिला पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य के लिए राप्तीनगर की पूनम सिंह, विकास नगर के अजय कुमार ओझा, गोपलापुर की गुंजा, गिरधरगंज के रणंजय सिंह जुगनू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर की आरती सिंह, चंद्रशेखर आजाद नगर के धर्मेंद्र सिंह, सिविल लाइंस प्रथम के अजय राय, शक्तिनगर की आशा, बसंतपुर के बिजेंद्र अग्रहरि और आत्माराम नगर के अभिषेक शर्मा को सम्मानित किया। चरगांवा की सरोज पासवान, सालिकराम नगर की सरिता यादव और विजय चौक की मनु जायसवाल को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
सीएम ने 13 आधुनिक स्वच्छता वाहनों को दिखाई हरी झंडी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता और कूड़ा निस्तारण को गति देने के लिए 1.13 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गए 13 आधुनिक स्वच्छता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें सात सीएनजी डोर-टू-डोर मैजिक वाहन (55.85 लाख रुपये) शामिल हैं। इनमें छह इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सीएसआर फंड और एक नगर निगम निधि से खरीदा गए हैं। दो सिल्ट मैजिक वाहन (18.64 लाख रुपये) नालों की सफाई और सिल्ट निस्तारण के लिए हैं। तीन ढाला मैजिक वाहन (27.97 लाख रुपये) पार्षद वरीयता के तहत और एक ट्रैक्टर मय टैंकर (11.26 लाख रुपये, 5000 लीटर क्षमता) पौधों पर जल छिड़काव के लिए खरीदे गए।