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Gorakhpur News: ध्वस्त किए जाएंगे जिले के जर्जर स्कूल
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शिक्षा विभाग ने दिए हैं जर्जर विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन नहीं करने के निर्देश
जिल में 50 विद्यालय के भवन हैं जर्जर
गोरखपुर। जिले में जर्जर परिषदीय स्कूलों के भवन में पढ़ाई से बच्चों की जान को खतरा हो सकता है। कई ऐसे विद्यालय हैं जहां स्कूल के जर्जर भवन पढ़ाई चल रही है। बीएसए ने ऐसे जर्जर स्कूलों को चिंह्नित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जर्जर स्कूलों को ध्वस्त कराने की कार्यवाही की जाएगी। बीएसए ने प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी दशा में जर्जन भवन में बच्चों की पढ़ाई न कराई जाए।
जिले के करीब 50 स्कूलों के भवन जर्जर हाल हाल में हैं। इनमें से कई में जहां बच्चे खतरे के बीच पढ़ाई करते हैं तो वहीं, कुछ के बच्चों को निकट के सुरक्षित भवनों में शिफ्ट कर शिक्षा विभाग द्वारा पठन-पाठन की व्यवस्था कराई गई है। राजस्थान में हुई घटना के बाद बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह ने जर्जर विद्यालयों को चिंह्नित कर उसके पठन-पाठन तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जर्जर भवन को ध्वस्त कराने की कवायद भी शुरू करा दी गई है।
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यह भवन हो चुके हैं जर्जर
जिले के सहजनवां ब्लाॅक के कोड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रांगण स्थित दो कमरे ध्वस्तीकरण के योग्य घोषित हो चुके हैं। प्राथमिक विद्यालय रेवड़ा में छत टपकता है। पिपरौली स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन भी जर्जर हो चुका है। बावजूद इसके यहां बच्चे पढ़ते हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोल्हुई का भवन भी जर्जर है।
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वर्जन
जिले के जर्जर विद्यालयों को चिंह्नित किया जा रहा है। चिंह्नित होने के बाद पूरी तरह से जर्जर हो चुके विद्यालयों को गिराकर नए भवन के निर्माण की कार्यवाही कराई जाएगी। प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है जर्जर भवन में पढ़ाई बिल्कुल भी न कराएं।
रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए
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जिल में 50 विद्यालय के भवन हैं जर्जर
गोरखपुर। जिले में जर्जर परिषदीय स्कूलों के भवन में पढ़ाई से बच्चों की जान को खतरा हो सकता है। कई ऐसे विद्यालय हैं जहां स्कूल के जर्जर भवन पढ़ाई चल रही है। बीएसए ने ऐसे जर्जर स्कूलों को चिंह्नित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जर्जर स्कूलों को ध्वस्त कराने की कार्यवाही की जाएगी। बीएसए ने प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी दशा में जर्जन भवन में बच्चों की पढ़ाई न कराई जाए।
जिले के करीब 50 स्कूलों के भवन जर्जर हाल हाल में हैं। इनमें से कई में जहां बच्चे खतरे के बीच पढ़ाई करते हैं तो वहीं, कुछ के बच्चों को निकट के सुरक्षित भवनों में शिफ्ट कर शिक्षा विभाग द्वारा पठन-पाठन की व्यवस्था कराई गई है। राजस्थान में हुई घटना के बाद बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह ने जर्जर विद्यालयों को चिंह्नित कर उसके पठन-पाठन तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जर्जर भवन को ध्वस्त कराने की कवायद भी शुरू करा दी गई है।
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यह भवन हो चुके हैं जर्जर
जिले के सहजनवां ब्लाॅक के कोड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रांगण स्थित दो कमरे ध्वस्तीकरण के योग्य घोषित हो चुके हैं। प्राथमिक विद्यालय रेवड़ा में छत टपकता है। पिपरौली स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन भी जर्जर हो चुका है। बावजूद इसके यहां बच्चे पढ़ते हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोल्हुई का भवन भी जर्जर है।
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वर्जन
जिले के जर्जर विद्यालयों को चिंह्नित किया जा रहा है। चिंह्नित होने के बाद पूरी तरह से जर्जर हो चुके विद्यालयों को गिराकर नए भवन के निर्माण की कार्यवाही कराई जाएगी। प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है जर्जर भवन में पढ़ाई बिल्कुल भी न कराएं।
रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए