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Gorakhpur News: दो माह पहले लापता युवक का मिला शव, परिजनों ने किया प्रदर्शन
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खजनी क्षेत्र की घटना, परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप, पांच पर केस दर्ज
आधे घंटे खजनी-सिकरीगंज मार्ग पर लगा रहा जाम
उनवल। दो माह पहले लापता मोहन निषाद (40) का खजनी-सिकरीगंज सड़क मार्ग से सटे पोखरे में सोमवार को उतराता शव मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। परिजनों ने बताया कि पुलिस को सूचना देने के बाद लापरवाही बरतने की वजह से मौत हुई है। हत्या की आशंका जाहिर करते हुए खजनी तिराहे पर बैठकर प्रदर्शन भी किया। इस दौरान वहां करीब आधे घंटे तक जाम लग गया। थाना प्रभारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तब परिजन माने। इधर, मामले में मोहन निषाद की पत्नी रीना देवी की तहरीर पर पांच के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। इसमें पड़ियापार के ही शत्रुधन, सुरेश, अशोक, रोहित और साेनू शामिल हैं।
दरअसल, 13 दिसंबर की रात को खजनी के पड़ियापार निवासी मोहन निषाद को चोरी के आरोप में हरिजन बस्ती से दौड़ाया गया था। इस दौरान उसके लाल गमछे भी मिले थे। परिजनों ने 14 दिसंबर को मोहन के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने एनडीआरएफ टीम की मदद से 12 घंटे तक खोजबीन की, लेकिन शव नहीं मिला। परिजनों ने कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। दो माह बाद मोहन का शव उसी पोखरे में मिला, जहां उसकी तलाश की गई थी। शव नायलॉन के कपड़े में बंधा हुआ था। परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर पुलिस ने गंभीरता से जांच की होती तो शव पहले ही मिल जाता। खजनी थाना प्रभारी अर्चना सिंह ने बताया कि दोपहर के समय शव मिला है। शव का पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। रिपोर्ट आने पर मौत की वजह पता चलेगी। रिपोर्ट के आधार आगे कार्रवाई की जाएगी।
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आधे घंटे खजनी-सिकरीगंज मार्ग पर लगा रहा जाम
उनवल। दो माह पहले लापता मोहन निषाद (40) का खजनी-सिकरीगंज सड़क मार्ग से सटे पोखरे में सोमवार को उतराता शव मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। परिजनों ने बताया कि पुलिस को सूचना देने के बाद लापरवाही बरतने की वजह से मौत हुई है। हत्या की आशंका जाहिर करते हुए खजनी तिराहे पर बैठकर प्रदर्शन भी किया। इस दौरान वहां करीब आधे घंटे तक जाम लग गया। थाना प्रभारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तब परिजन माने। इधर, मामले में मोहन निषाद की पत्नी रीना देवी की तहरीर पर पांच के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। इसमें पड़ियापार के ही शत्रुधन, सुरेश, अशोक, रोहित और साेनू शामिल हैं।
दरअसल, 13 दिसंबर की रात को खजनी के पड़ियापार निवासी मोहन निषाद को चोरी के आरोप में हरिजन बस्ती से दौड़ाया गया था। इस दौरान उसके लाल गमछे भी मिले थे। परिजनों ने 14 दिसंबर को मोहन के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने एनडीआरएफ टीम की मदद से 12 घंटे तक खोजबीन की, लेकिन शव नहीं मिला। परिजनों ने कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। दो माह बाद मोहन का शव उसी पोखरे में मिला, जहां उसकी तलाश की गई थी। शव नायलॉन के कपड़े में बंधा हुआ था। परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर पुलिस ने गंभीरता से जांच की होती तो शव पहले ही मिल जाता। खजनी थाना प्रभारी अर्चना सिंह ने बताया कि दोपहर के समय शव मिला है। शव का पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। रिपोर्ट आने पर मौत की वजह पता चलेगी। रिपोर्ट के आधार आगे कार्रवाई की जाएगी।
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