{"_id":"670effcc5f6d4079d80e04e7","slug":"gorakhpur-news-councilor-gave-application-to-ssp-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-717003-2024-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: पार्षद ने एसएसपी को दिया प्रार्थना पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: पार्षद ने एसएसपी को दिया प्रार्थना पत्र
विज्ञापन
रामलीला कमेटी की शिकायत करने महिलाओं संग पार्षद पहुंची पुलिस ऑफिस।
गोरखपुर। रामलीला मंचन से पहले बिजली काटने के विवाद के बीच ही पार्षद लाली गुप्ता ने महिलाओं के साथ एसएसपी से मुलाकात कर प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने एसएसपी को बताया कि रामलीला कमेटी ने वर्षों पुरानी परंपरा को तोड़ा है। हर वर्ष रथ को रोका जाता है और महिलाएं आरती करतीं हैं। लेकिन इस वर्ष रथ को भगाने की कोशिश की गई। महिलाओं के हाथ से आरती की थाली छीन ली गई। एसएसपी ने जांच का आश्वासन दिया है।
पार्षद लाली गुप्ता ने दिए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि उनके पति दिनेश गुप्ता ने रामलीला कमेटी की ओर से फैलाए गए भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाया है। इसके बाद से ही कमेटी के अध्यक्ष गणेश वर्मा व अन्य लोग साजिश रच रहे हैं। बताया कि रथ आने से पहले महिलाएं आरती के लिए एकत्र हो गई थीं। परंपरा के अनुसार पार्षद के तौर पर मुझे महिलाओं के साथ आरती करनी थी। लेकिन अध्यक्ष व अन्य लोगों ने रथ न रोकने की बात कहते हुए भगाने को कहा।
इस वजह से पीछे चल रहे जेनरेटर का तार टूट गया और अंधेरा हो गया। इसे लेकर गलत अफवाह फैलाई गई और परंपरा को तोड़ते हुए रथ आगे लेकर चले गए। जबकि, रास्ते में कई पदाधिकारियों के घर रथ को रोका गया, जो कभी नहीं हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
पार्षद लाली गुप्ता ने दिए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि उनके पति दिनेश गुप्ता ने रामलीला कमेटी की ओर से फैलाए गए भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाया है। इसके बाद से ही कमेटी के अध्यक्ष गणेश वर्मा व अन्य लोग साजिश रच रहे हैं। बताया कि रथ आने से पहले महिलाएं आरती के लिए एकत्र हो गई थीं। परंपरा के अनुसार पार्षद के तौर पर मुझे महिलाओं के साथ आरती करनी थी। लेकिन अध्यक्ष व अन्य लोगों ने रथ न रोकने की बात कहते हुए भगाने को कहा।
विज्ञापन
इस वजह से पीछे चल रहे जेनरेटर का तार टूट गया और अंधेरा हो गया। इसे लेकर गलत अफवाह फैलाई गई और परंपरा को तोड़ते हुए रथ आगे लेकर चले गए। जबकि, रास्ते में कई पदाधिकारियों के घर रथ को रोका गया, जो कभी नहीं हुआ था।
विज्ञापन