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Gorakhpur News: रजत का शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम, आंखें हुईं नम
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सहजनवां में घाट पर पहुंचे विधायक प्रदीप शुक्ला।
पिटाई से रजत की मौत का मामला
माता, पिता और बहन का रो-रो कर बुरा हाल, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
सहजनवां। थाना क्षेत्र के हरदी गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर हुई मारपीट में घायल युवक रजत सिंह की मौत के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। मंगलवार की रात मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रजत ने दम तोड़ दिया। बुधवार भोर में जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा, घर पर कोहराम मच गया।
गौरतलब है कि बीते शनिवार को जमीन पर कब्जा करने की नीयत से गांव के ही इंद्रेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर रजत के घर की बाउंड्रीवाल तोड़ दी थी। विरोध करने पर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला कर रजत, मोनू, सोनू और चंदू सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घटना के बाद चारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन रजत की हालत नाजुक बनी रही। तीन दिन तक मौत से संघर्ष करने के बाद आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
पूर्व प्रधान वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रजत छह भाइयों में सबसे छोटा था लेकिन घर की सारी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। शव पहुंचते ही उसके दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ गई। लोग परिवार को ढांढस बंधाने के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। घटना को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
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गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने किया दाह संस्कार से इन्कार
- विधायक के आश्वासन के बाद हुआ अंतिम संस्कार, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
सहजनवां। हरदी गांव के रजत सिंह की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार को आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने दाह संस्कार करने से इन्कार कर दिया और शव लेकर आमी नदी के किनारे पहुंच गए। परिजनों का कहना था कि जब तक मुख्य अभियुक्त और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिजनों ने पुलिस पर जानबूझकर लापरवाही करने और आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया।
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सहजनवां महेश चौबे मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। हालात को देखते हुए सीओ गीडा कमलेश सिंह भी मौके पर पहुंचे। स्थिति तनावपूर्ण होती देख मामले की जानकारी विधायक प्रदीप शुक्ल और पूर्व विधायक देवनारायण उर्फ जीएम सिंह को दी गई। दोनों नेता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मृतक के पिता रामजीत सिंह व अन्य परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने विधायक को बताया कि घटना को चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं किया है। इस पर विधायक प्रदीप शुक्ल ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक और पूर्व विधायक के आश्वासन के बाद परिजनों ने रजत सिंह का दाह संस्कार करने पर सहमति जताई। इस दौरान नदी किनारे बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। मौके पर शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इधर, गांव में अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है और लोग पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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माता, पिता और बहन का रो-रो कर बुरा हाल, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
सहजनवां। थाना क्षेत्र के हरदी गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर हुई मारपीट में घायल युवक रजत सिंह की मौत के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। मंगलवार की रात मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रजत ने दम तोड़ दिया। बुधवार भोर में जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा, घर पर कोहराम मच गया।
गौरतलब है कि बीते शनिवार को जमीन पर कब्जा करने की नीयत से गांव के ही इंद्रेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर रजत के घर की बाउंड्रीवाल तोड़ दी थी। विरोध करने पर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला कर रजत, मोनू, सोनू और चंदू सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घटना के बाद चारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन रजत की हालत नाजुक बनी रही। तीन दिन तक मौत से संघर्ष करने के बाद आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
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पूर्व प्रधान वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रजत छह भाइयों में सबसे छोटा था लेकिन घर की सारी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। शव पहुंचते ही उसके दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ गई। लोग परिवार को ढांढस बंधाने के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। घटना को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
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गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने किया दाह संस्कार से इन्कार
- विधायक के आश्वासन के बाद हुआ अंतिम संस्कार, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
सहजनवां। हरदी गांव के रजत सिंह की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार को आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने दाह संस्कार करने से इन्कार कर दिया और शव लेकर आमी नदी के किनारे पहुंच गए। परिजनों का कहना था कि जब तक मुख्य अभियुक्त और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिजनों ने पुलिस पर जानबूझकर लापरवाही करने और आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया।
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सहजनवां महेश चौबे मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। हालात को देखते हुए सीओ गीडा कमलेश सिंह भी मौके पर पहुंचे। स्थिति तनावपूर्ण होती देख मामले की जानकारी विधायक प्रदीप शुक्ल और पूर्व विधायक देवनारायण उर्फ जीएम सिंह को दी गई। दोनों नेता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मृतक के पिता रामजीत सिंह व अन्य परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने विधायक को बताया कि घटना को चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं किया है। इस पर विधायक प्रदीप शुक्ल ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक और पूर्व विधायक के आश्वासन के बाद परिजनों ने रजत सिंह का दाह संस्कार करने पर सहमति जताई। इस दौरान नदी किनारे बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। मौके पर शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इधर, गांव में अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है और लोग पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।