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Gorakhpur News: खलीलाबाद के रास्ते आई गोरखधाम, सत्याग्रह गई दिल्ली
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गोरखपुर। डोमिनगढ़ में चल रहे इंटरलाकिंग कार्य के चलते यात्रियों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। मंगलवार दिन में इस रूट पर साढ़े पांच घंटे का ब्लॉक रहा। इससे पहले सुबह पौने 10 बजे गोरखधाम एक्सप्रेस को कॉशन पर खलीलाबाद-डोमिनगढ़ के रास्ते ही गोरखपुर स्टेशन पर लाया गया। सुबह वंदेभारत, दोपहर में सत्याग्रह व रात में कृषक एक्सप्रेस को भी मेन रूट से भेजा गया। हालांकि दोपहर बाद दिल्ली जाने वाली गोरखधाम और वैशाली समेत अन्य ट्रेनों को बढ़नी के रास्ते चलाया गया।
डोमिनगढ़ स्टेशन से जगतबेला स्टेशन के बीच ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाया जा रहा है, जिसके बाद डोमिनगढ़ से चुरेब स्टेशन तक ट्रेनों को एक ही ट्रैक पर आगे-पीछे चलाना संभव हो सकेगा। इसके अलावा डोमिनगढ़ से गोरखपुर स्टेशन के बीच तीसरी लाइन की इंटरलाकिंग हो रही है। यह काम पूरा होने पर गोरखपुर स्टेशन पर आने व जाने वाली ट्रेनों को डोमिनगढ़ व आउटर सिग्नल पर लाइन क्लीयर के लिए नहीं रोकना पड़ेगा। इससे ट्रेनों की औसत गति में सुधार आएगा। मेगा ब्लॉक के दूसरे दिन भी सुबह करीब चार घंटे तक ट्रैक को ब्लॉक से बाहर रखा गया। इसका फायदा यह हुआ कि सुबह 6 बजे गोरखपुर स्टेशन से जाने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस मेन रूट से गुजरी। सुबह साढ़े चार बजे लखनऊ से आने वाली कृषक एक्सप्रेस इसी रास्ते गोरखपुर आई। सुबह करीब साढे नौ बजे दिल्ली के रास्ते बठिंडा से आनी वाली गोरखधाम एक्सप्रेस खलीलाबाद-डोमिनगढ़ के रास्ते गोरखपुर स्टेशन पर पहुंची।
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शाम को जाने वाली ट्रेनों में हुई धक्का-मुक्की
स्पेशल ट्रेनों के कैंसिल होने से उसके यात्रियों के लिए अब वैशाली, गोरखधाम और सत्याग्रह जैसी ट्रेनें ही विकल्प के तौर पर बची हैं। दोपहर 3:20 बजे गोरखपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर आई सत्याग्रह एक्सप्रेस में पहले से ही भीड़ थी। यहां पहुंचते ही और अधिक लोग जनरल डिब्बे में घुसने लगे। जब से एसी व स्लीपर कोच में वेटिंग टिकट वालों का प्रवेश रुका है, तब से जनरल कोच में और भीड़ बढ़ी गई है। गोरखधाम एक्सप्रेस के प्लेटफाॅर्म नंबर नौ पर आने से पहले ही यात्री प्लेटफाॅर्म पर जुट गए थे। वहीं वैशाली और बिहार संपर्क क्रांति के जनरल कोच में घुसने के लिए लोग धक्का-मुक्की करते रहे।
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पूछताछ काउंटर पर पता लगाते रहे
ट्रेनों का कैंसिलेशन शुरू होने के बाद से पूछताछ काउंटर पर भी यात्रियों की भीड़ बढ़ी है। लोग कैंसिल ट्रेनों की तारीख जानने पूछताछ काउंटर पर पहुंच रहे हैं। बाघ समेत कई ट्रेनें ऐसी हैं जिन्हें छपरा के रास्ते चलना है, उनके यात्री भी गोरखपुर स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेन की लोकेशन खोज रहे हैं। इससे पूछताछ व जनरल काउंटर पर भीड़ बढ़ी है।
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डोमिनगढ़ स्टेशन से जगतबेला स्टेशन के बीच ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाया जा रहा है, जिसके बाद डोमिनगढ़ से चुरेब स्टेशन तक ट्रेनों को एक ही ट्रैक पर आगे-पीछे चलाना संभव हो सकेगा। इसके अलावा डोमिनगढ़ से गोरखपुर स्टेशन के बीच तीसरी लाइन की इंटरलाकिंग हो रही है। यह काम पूरा होने पर गोरखपुर स्टेशन पर आने व जाने वाली ट्रेनों को डोमिनगढ़ व आउटर सिग्नल पर लाइन क्लीयर के लिए नहीं रोकना पड़ेगा। इससे ट्रेनों की औसत गति में सुधार आएगा। मेगा ब्लॉक के दूसरे दिन भी सुबह करीब चार घंटे तक ट्रैक को ब्लॉक से बाहर रखा गया। इसका फायदा यह हुआ कि सुबह 6 बजे गोरखपुर स्टेशन से जाने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस मेन रूट से गुजरी। सुबह साढ़े चार बजे लखनऊ से आने वाली कृषक एक्सप्रेस इसी रास्ते गोरखपुर आई। सुबह करीब साढे नौ बजे दिल्ली के रास्ते बठिंडा से आनी वाली गोरखधाम एक्सप्रेस खलीलाबाद-डोमिनगढ़ के रास्ते गोरखपुर स्टेशन पर पहुंची।
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शाम को जाने वाली ट्रेनों में हुई धक्का-मुक्की
स्पेशल ट्रेनों के कैंसिल होने से उसके यात्रियों के लिए अब वैशाली, गोरखधाम और सत्याग्रह जैसी ट्रेनें ही विकल्प के तौर पर बची हैं। दोपहर 3:20 बजे गोरखपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर आई सत्याग्रह एक्सप्रेस में पहले से ही भीड़ थी। यहां पहुंचते ही और अधिक लोग जनरल डिब्बे में घुसने लगे। जब से एसी व स्लीपर कोच में वेटिंग टिकट वालों का प्रवेश रुका है, तब से जनरल कोच में और भीड़ बढ़ी गई है। गोरखधाम एक्सप्रेस के प्लेटफाॅर्म नंबर नौ पर आने से पहले ही यात्री प्लेटफाॅर्म पर जुट गए थे। वहीं वैशाली और बिहार संपर्क क्रांति के जनरल कोच में घुसने के लिए लोग धक्का-मुक्की करते रहे।
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पूछताछ काउंटर पर पता लगाते रहे
ट्रेनों का कैंसिलेशन शुरू होने के बाद से पूछताछ काउंटर पर भी यात्रियों की भीड़ बढ़ी है। लोग कैंसिल ट्रेनों की तारीख जानने पूछताछ काउंटर पर पहुंच रहे हैं। बाघ समेत कई ट्रेनें ऐसी हैं जिन्हें छपरा के रास्ते चलना है, उनके यात्री भी गोरखपुर स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेन की लोकेशन खोज रहे हैं। इससे पूछताछ व जनरल काउंटर पर भीड़ बढ़ी है।