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धर्मनगरियों का मर्म नहीं समझा तो यूपी और भारत को नहीं जान पाएंगे : योगी

Wed, 30 Sep 2026 03:02 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 03:02 AM IST
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Speaking at the concluding session of the Bhagwat Katha, the Chief Minister stated that Sanatan is the foundational religion of India.
- भागवत कथा के विराम सत्र में बोले मुख्यमंत्री, कहा- सनातन भारत का मूल धर्म
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गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सनातन धर्मनगरियों की पहचान और उनके मर्म को समझे बिना प्रदेश और भारत को नहीं समझा जा सकता। अयोध्या की मर्यादा, काशी की चेतना, मथुरा-वृंदावन की भक्ति और प्रयागराज की सामाजिक समरसता भारत की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सनातन भारत का मूल धर्म है और इसके बिना देश की कल्पना नहीं की जा सकती।
मुख्यमंत्री मंगलवार शाम गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि समारोह के तहत आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के विराम सत्र को संबोधित कर रहे थे। कथा श्रवण के बाद उन्होंने कहा कि भारत के पास प्राचीन काल से ही समृद्ध और सुदृढ़ परंपरा रही है, लेकिन अपनी विरासत को भूलना हमारी कमी रही। मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा में गोमाता की प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि हर सनातनी को गोवंश संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सात हजार से अधिक गोशालाओं में 16 लाख से अधिक गोवंश का पालन किया जा रहा है। निराश्रित गोवंश के पालन के लिए किसानों को प्रति गोवंश प्रतिमाह 1500 रुपये की सहायता देने की बात भी उन्होंने कही।
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उन्होंने कहा कि धरती और पर्यावरण को बचाने के लिए गोवंश का संरक्षण जरूरी है। लोगों से गोशालाओं के संचालन में भागीदारी करने और गोवंश को गोद लेने का आह्वान किया।
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प्राकृतिक खेती को बताया समाधान
मुख्यमंत्री ने कैंसर, किडनी, लिवर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का जिक्र करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों और दवाओं के अत्यधिक इस्तेमाल से खाद्यान्न प्रभावित हुआ है। उन्होंने भारतीय नस्ल की गाय पर आधारित प्राकृतिक खेती को इसका समाधान बताया। उन्होंने दावा किया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित अन्न के सेवन से गंभीर बीमारियों और तनाव की समस्या कम हो सकती है। योगी ने बताया कि आयुष्मान योजना के अलावा गंभीर बीमारियों से पीड़ित गरीबों के इलाज के लिए उनके विवेकाधीन कोष से 1400 करोड़ रुपये दिए गए हैं।


कथा व्यास की सराहना
मुख्यमंत्री ने वृंदावन से आए कथा व्यास मलूकपीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्रदास द्वाराचार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदा के बावजूद श्रीमद्भागवत कथा निर्धारित समय पर निरंतर चलती रही। कथा के विराम पर मुख्यमंत्री, संतों और यजमानों ने श्रीमद्भागवत महापुराण और व्यासपीठ की आरती की। इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, अस्थल बोहर पीठ के महंत एवं राजस्थान के विधायक बालकनाथ, डॉ. रामकमल दास वेदांती, स्वामी रामदिनेशाचार्य, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास समेत संतजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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