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Gorakhpur News: आइसक्रीम फैक्टरी में हो रहा था प्रतिबंधित सैकरीन का इस्तेमाल, नोटिस जारी
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नौसड़ में आइसक्रीम फैक्टरी और पानी पैकिंग के कारखाने पर मारा छापा
अवैध रूप से संचालित पानी के कारखाने को सील कर सैंपल लिया
गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को नौसड़ स्थित पीयूष आइसक्रीम फैक्टरी में छापा मारकर पांच आइस कैंडी समेत छह खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। यहां मेटल क्लीनर के पैकेट में सैकरीन रखी थी। जबकि सैकरीन को इस तरह से खाद्य सामग्री में मिलाना प्रतिबंधित है। आइसक्रीम भी फ्रोजन डेजर्ट होने की आशंका है।
मिलावटखोरों ने आइसक्रीम को भी जहरीला कर दिया है। शहर में जिन कारखानों में आइसक्रीम बनाई जा रही है, वहां स्वाद के लिए सैकरीन मिलाई जा रही है। शहर में आइसक्रीम बनाने के जो भी कारखाने हैं, वहां स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं हो रहा है। इस तरह का इनपुट मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को नौसड़ स्थित पीयूष आइसक्रीम फैक्टरी में छापा मारा। यहां काफी गंदगी के बीच आइसक्रीम बनाने का काम हो रहा था। छानबीन में यह बात सामने आई कि आइसक्रीम बनाने के लिए दूध या क्रीम की जगह फ्रोजन डेजर्ट (कृत्रिम मलाई) का इस्तेमाल हो रहा है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि पूरी तरह से केमिकल से बने इस फ्रोजन डेजर्ट को मीठा बनाने के लिए सैकरीन का इस्तेमाल होता है।
वहां मिले एक पैकेट में मीठा करने वाला सामान रखा था जिसे खोलकर स्वाद चखा और नमूना लिया। खाने में मिलावट के लिए प्रतिबंधित सैकरीन को मेटल क्लीनर के रूप में पैक करके रखा था। इसकी जांच के लिए भी सैंपल भेजा गया है।
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इस दौरान सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन तिवारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रतिमा, श्रीनिवास, संतोष तिवारी एवं अंकुर मिश्र ने जांच एवं कार्रवाई की।
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अवैध रूप से संचालित पानी की फैक्टरी भी सील
नौसड़ के गोलताल में नन्हकू राय के पानी की फैक्टरी सील कर दी गई। वहां से पाउच और डब्बे में पानी की आपूर्ति की जाती थी। अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही थी इसलिए सील कर दिया गया। फैक्टरी में मिले 8,715 पाउच सील किए गए।
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वर्जन
नौसड़ में आइसक्रीम की फैक्टरी से छह नमूने लिए गए। यहां मेटल क्लीनर के पैकेट में सैकरीन मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। अवैध रूप से संचालित पानी की फैक्टरी भी सील कर दी गई।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा
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अवैध रूप से संचालित पानी के कारखाने को सील कर सैंपल लिया
गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को नौसड़ स्थित पीयूष आइसक्रीम फैक्टरी में छापा मारकर पांच आइस कैंडी समेत छह खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। यहां मेटल क्लीनर के पैकेट में सैकरीन रखी थी। जबकि सैकरीन को इस तरह से खाद्य सामग्री में मिलाना प्रतिबंधित है। आइसक्रीम भी फ्रोजन डेजर्ट होने की आशंका है।
मिलावटखोरों ने आइसक्रीम को भी जहरीला कर दिया है। शहर में जिन कारखानों में आइसक्रीम बनाई जा रही है, वहां स्वाद के लिए सैकरीन मिलाई जा रही है। शहर में आइसक्रीम बनाने के जो भी कारखाने हैं, वहां स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं हो रहा है। इस तरह का इनपुट मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को नौसड़ स्थित पीयूष आइसक्रीम फैक्टरी में छापा मारा। यहां काफी गंदगी के बीच आइसक्रीम बनाने का काम हो रहा था। छानबीन में यह बात सामने आई कि आइसक्रीम बनाने के लिए दूध या क्रीम की जगह फ्रोजन डेजर्ट (कृत्रिम मलाई) का इस्तेमाल हो रहा है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि पूरी तरह से केमिकल से बने इस फ्रोजन डेजर्ट को मीठा बनाने के लिए सैकरीन का इस्तेमाल होता है।
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वहां मिले एक पैकेट में मीठा करने वाला सामान रखा था जिसे खोलकर स्वाद चखा और नमूना लिया। खाने में मिलावट के लिए प्रतिबंधित सैकरीन को मेटल क्लीनर के रूप में पैक करके रखा था। इसकी जांच के लिए भी सैंपल भेजा गया है।
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इस दौरान सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन तिवारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रतिमा, श्रीनिवास, संतोष तिवारी एवं अंकुर मिश्र ने जांच एवं कार्रवाई की।
अवैध रूप से संचालित पानी की फैक्टरी भी सील
नौसड़ के गोलताल में नन्हकू राय के पानी की फैक्टरी सील कर दी गई। वहां से पाउच और डब्बे में पानी की आपूर्ति की जाती थी। अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही थी इसलिए सील कर दिया गया। फैक्टरी में मिले 8,715 पाउच सील किए गए।
वर्जन
नौसड़ में आइसक्रीम की फैक्टरी से छह नमूने लिए गए। यहां मेटल क्लीनर के पैकेट में सैकरीन मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। अवैध रूप से संचालित पानी की फैक्टरी भी सील कर दी गई।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा