रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल के अपहरण की साजिश उनके ही पड़ोसी ने व्यापार में हुए घाटा को पूरा करने के लिए रची थी। मुख्य आरोपी कमालुद्दीन को रिमांड पर लेकर पूछताछ में पुलिस को यह जानकारी मिली है। पुलिस पड़ोसी प्रदीप सोनी समेत तीन को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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घर पहुंचे डॉक्टर
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पुलिस के मुताबिक, आरोपी पड़ोसी ने व्यापार में घाटा होने पर अपने मित्र के जरिये अशोक जायसवाल के अपहरण की साजिश रची। इसके बाद एक अन्य साथी की मदद से करुणेश दुबे और कमालुद्दीन से संपर्क साधा था। रिमांड पर लिए गए कमालुद्दीन ने पूछताछ में बताया है कि अशोक जायसवाल के पड़ोस में रहने वाले प्रदीप सोनी ने कारोबार के नाम पर उनसे पांच लाख रुपये उधार लिए थे।
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एसएसपी का आभार जताते दंपति
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साथ ही प्रदीप सोनी ने अशोक के हॉस्पिटल में ही एक ज्वेलरी की दुकान खोली थी। यह दुकान घाटे में चली गई थी। कमालुद्दीन ने पुलिस को बताया कि अशोक को रुपये न देने पड़े इसलिए प्रदीप सोनी ने खोराबार के बुद्ध विहार तारामंडल निवासी तरुण त्रिपाठी संग मिलकर अशोक के अपहरण की साजिश रची।
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पुलिस का अभिवादन करते पहुंचे दंपति
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फिर तरुण ने ट्रांसपोर्टनगर निवासी गैंगस्टर मोनू त्रिपाठी से यह बात बताई। मोनू ने करुणेश दुबे और कमालुद्दीन को भी साजिश में शामिल कर लिया। इसके बाद साजिश के तहत बीते 25 जुलाई को रेलवे स्टेडियम जाते समय कौआबाग अंडरपास अशोक जायसवाल को अगवा कर लिया गया था। कमालुद्दीन ने बताया कि उन्हें यह भरोसा था कि अशोक जायसवाल को थोड़ा बहुत धमकाने के बाद ही रुपये मिल जाएंगे।
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भावुक पल
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पुलिस सोमवार को मामले का पर्दाफाश कर सकती है। हिरासत में लिया गया मोनू गोला थाने का गैंगस्टर है। उसके खिलाफ लूट व हत्या की कोशिश के सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।