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एम्स : ईडी पहुंचे गोरखपुर, कैंटीन संचालक ने सौंपा अपना पक्ष
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गोरखपुर। एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाॅल मंगलवार की शाम गोरखपुर पहुंच गए। आते ही उन्होंने एक बैठ क में हिस्सा लिया। उधर, देर शाम कैंटीन संचालक पुष्पा फूड एंड बेकर्स की तरफ से भी अपना पक्ष एम्स प्रशासन को सौंपा। माना जा रहा है कि इससे संबंधित दस्तावेज बुधवार को कार्यकारी निदेशक को सौंपे जाएंगे।
बेटे औरो पॉल को माइक्रो बायोलॉजी विभाग के पीजी सीट पर प्रवेश दिलाने में गड़बड़ी का आरोप झेल रहे कार्यकारी निदेशक करीब एक पखवाड़े बाद गोरखपुर आए हैं। वे एम्स पटना के वित्तीय फाइलों के निस्तारण में व्यस्त थे। पिछले सप्ताह वे दिल्ली में थे। वहां से उनके सीधे गोरखपुर आने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन रविवार से मंगलवार तक अवकाश के चलते वे दिल्ली से गोरखपुर न आकर पटना चले गए थे। नियुक्ति मामला चल ही रहा था कि एम्स में तीन कैंटीन व दो आउटलेट संचालित करने वाली संस्था पुष्पा फूड एंड बेकर्स का मामला उठ गया। दरअसल इसके कैंटीन में एक पराठे में कीड़ा मिलने व एक्सपायरी डेट की नमकीन मिलने की शिकायत पर एम्स प्रेसिडेंट देश दीपक वर्मा ने प्रशासन से इसकी जांच कराई।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आए कि संचालक के पास स्थानीय स्तर पर कैंटीन चलाने का लाइसेंस नहीं था। इसके अलावा जांच के दौरान ही एक्सपायरी डेट की नमकीन मिलने की बात भी सामने आई। इसके बाद कई और छात्र-छात्राओं ने खाने में गड़बड़ी का आरोप लगाना शुरू कर दिया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सैंपल जांच के लिए भेज दिया था। कैंटीन को भी अगले आदेश तक के लिए बंद करने की सूचना चस्पा करा दी गई। उधर, एम्स प्रशासन ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए कैंटीन संचालक को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।
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कैंटीन संचालक की तरफ से प्रशासनिक अफसरों के सामने पक्ष रखने के बाद मंगलवार को एम्स प्रशासन को भी लिखित जानकारी दी गई है। हालांकि, अभी इनके लिफाफे को खोला नहीं गया है। चर्चा है कि बुधवार को इसे कार्यकारी निदेशक के सामने रखा जाएगा।
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वर्जन
कैंटीन संचालक की तरफ से कुछ कागजात मेरे कार्यालय को उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन अभी हमने उन्हें देखा नहीं है। बुधवार को उनके कागजात को देखा जाएगा। साथ ही कैंटीन से संबंधित पूरे प्रकरण पर चर्चा होगी। इधर जो भी लंबित मामले हैं, सबका निस्तारण किया जाएगा।
-प्रो. जीके पॉल, कार्यकारी निदेशक, एम्स
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बेटे औरो पॉल को माइक्रो बायोलॉजी विभाग के पीजी सीट पर प्रवेश दिलाने में गड़बड़ी का आरोप झेल रहे कार्यकारी निदेशक करीब एक पखवाड़े बाद गोरखपुर आए हैं। वे एम्स पटना के वित्तीय फाइलों के निस्तारण में व्यस्त थे। पिछले सप्ताह वे दिल्ली में थे। वहां से उनके सीधे गोरखपुर आने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन रविवार से मंगलवार तक अवकाश के चलते वे दिल्ली से गोरखपुर न आकर पटना चले गए थे। नियुक्ति मामला चल ही रहा था कि एम्स में तीन कैंटीन व दो आउटलेट संचालित करने वाली संस्था पुष्पा फूड एंड बेकर्स का मामला उठ गया। दरअसल इसके कैंटीन में एक पराठे में कीड़ा मिलने व एक्सपायरी डेट की नमकीन मिलने की शिकायत पर एम्स प्रेसिडेंट देश दीपक वर्मा ने प्रशासन से इसकी जांच कराई।
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जांच के दौरान यह तथ्य सामने आए कि संचालक के पास स्थानीय स्तर पर कैंटीन चलाने का लाइसेंस नहीं था। इसके अलावा जांच के दौरान ही एक्सपायरी डेट की नमकीन मिलने की बात भी सामने आई। इसके बाद कई और छात्र-छात्राओं ने खाने में गड़बड़ी का आरोप लगाना शुरू कर दिया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सैंपल जांच के लिए भेज दिया था। कैंटीन को भी अगले आदेश तक के लिए बंद करने की सूचना चस्पा करा दी गई। उधर, एम्स प्रशासन ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए कैंटीन संचालक को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।
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कैंटीन संचालक की तरफ से प्रशासनिक अफसरों के सामने पक्ष रखने के बाद मंगलवार को एम्स प्रशासन को भी लिखित जानकारी दी गई है। हालांकि, अभी इनके लिफाफे को खोला नहीं गया है। चर्चा है कि बुधवार को इसे कार्यकारी निदेशक के सामने रखा जाएगा।
वर्जन
कैंटीन संचालक की तरफ से कुछ कागजात मेरे कार्यालय को उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन अभी हमने उन्हें देखा नहीं है। बुधवार को उनके कागजात को देखा जाएगा। साथ ही कैंटीन से संबंधित पूरे प्रकरण पर चर्चा होगी। इधर जो भी लंबित मामले हैं, सबका निस्तारण किया जाएगा।
-प्रो. जीके पॉल, कार्यकारी निदेशक, एम्स