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Gorakhpur News: एमओयू के बाद छात्रों को मिलेगा ‘स्वयं-एनपीटीईएल’ का लाभ
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डीडीयू और आईआईटी मद्रास के बीच होगा एमओयू
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय जल्द ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास के साथ ''''कोड चैप्टर'''' (सेंटर फॉर आउटरीच एंड डिजिटल एजुकेशन) कार्यक्रम के अंतर्गत एक समझौता ज्ञापन करने जा रहा है। इस एमओयू के बाद यहां के विद्यार्थियों और शिक्षकों को ‘स्वयं-एनपीटीईएल’ के जरिये गुणवत्तापूर्ण और कौशल आधारित शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे।
डीडीयू प्रशासन के मुताबिक, इस समझौते का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ‘स्वयं-एनपीटीईएल’ के माध्यम से उच्चस्तरीय, विविध विषयों के ऑनलाइन पाठ्यक्रम उपलब्ध कराना, कौशल विकास को बढ़ावा देना और एनईपी के लक्ष्यों के अनुरूप डिजिटल शिक्षा को सशक्त बनाना है। इससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन पाठ्यक्रमों तक पहुंच होगी। तकनीकी, प्रबंधन, विज्ञान और मानविकी विषयों में उन्नत एवं रोजगारोन्मुखी अध्ययन कर सकेंगे।
स्वयं के समन्वयक प्रो. अजय शुक्ल ने कहा कि इस समझौते से न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों को भी अत्याधुनिक शैक्षणिक संसाधनों और प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि आईआईटी मद्रास के साथ होने वाला यह समझौता हमारे छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और आधुनिक कौशल से जोड़ने में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इससे हमारे विद्यार्थियों का दृष्टिकोण व्यापक होगा और वे अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में सफल होने के लिए तैयार होंगे।
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय जल्द ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास के साथ ''''कोड चैप्टर'''' (सेंटर फॉर आउटरीच एंड डिजिटल एजुकेशन) कार्यक्रम के अंतर्गत एक समझौता ज्ञापन करने जा रहा है। इस एमओयू के बाद यहां के विद्यार्थियों और शिक्षकों को ‘स्वयं-एनपीटीईएल’ के जरिये गुणवत्तापूर्ण और कौशल आधारित शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे।
डीडीयू प्रशासन के मुताबिक, इस समझौते का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ‘स्वयं-एनपीटीईएल’ के माध्यम से उच्चस्तरीय, विविध विषयों के ऑनलाइन पाठ्यक्रम उपलब्ध कराना, कौशल विकास को बढ़ावा देना और एनईपी के लक्ष्यों के अनुरूप डिजिटल शिक्षा को सशक्त बनाना है। इससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन पाठ्यक्रमों तक पहुंच होगी। तकनीकी, प्रबंधन, विज्ञान और मानविकी विषयों में उन्नत एवं रोजगारोन्मुखी अध्ययन कर सकेंगे।
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स्वयं के समन्वयक प्रो. अजय शुक्ल ने कहा कि इस समझौते से न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों को भी अत्याधुनिक शैक्षणिक संसाधनों और प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि आईआईटी मद्रास के साथ होने वाला यह समझौता हमारे छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और आधुनिक कौशल से जोड़ने में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इससे हमारे विद्यार्थियों का दृष्टिकोण व्यापक होगा और वे अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में सफल होने के लिए तैयार होंगे।
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