{"_id":"6820fed80473217f3d0a270e","slug":"gorakhpur-news-38-prisoners-sent-from-district-jail-to-varanasi-jail-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-933341-2025-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: जिला कारागार से 38 कैदियों को भेजा वाराणसी जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: जिला कारागार से 38 कैदियों को भेजा वाराणसी जेल
विज्ञापन
हत्या और दहेज हत्या के अपराध में मिली है कोर्ट से आरोपियों को सजा
जिला कारागार में 1960 बंदियों में 350 हैं सजायाफ्ता कैदी
गोरखपुर। जिला कारागार में सजा काट रहे 38 कैदियों को रविवार को जेल प्रशासन ने वाराणसी सेंट्रल जेल भेज दिया। ये सभी कैदी हत्या और दहेज हत्या के मामलों में सजा काट रहे हैं। नियमानुसार सजायाफ्ता कैदियों को सेंट्रल जेल में शिफ्ट करना होता है। गोरखपुर रेंज के कैदियों को वाराणसी सेंट्रल जेल आवंटित है। जेल सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में और भी कैदियों को सेंट्रल जेल शिफ्ट किया जा सकता है।
दरअसल, जिला और मंडलीय जेल की क्षमता के अनुसार, यहां सिर्फ उन बंदियों को रखा जाता है, जिनका ट्रायल चल रहा है या फिर उनकी गिरफ्तारी होती है। ट्रायल के बाद सजा मिलने पर इन कैदियों को सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया जाता है। सेंट्रल जेल जाने से बचने के लिए कुछ कैदी किसी न किसी मामले में खुद को शामिल रखते हैं, ताकि उनकी जिले के कोर्ट में तारीख पर तारीख चलती रहे। इस स्थिति में उन्हें सेंट्रल जेल नहीं शिफ्ट किया जाता है।
इस संबंध में जेलर अरुण कुमार ने बताया कि जेल में कैदियों की संख्या अधिक हो गई थी। नियमानुसार 38 कैदियों को वाराणसी सेंट्रल जेल भेजा गया है।
विज्ञापन
जिला कारागार में 1960 बंदियों में 350 हैं सजायाफ्ता कैदी
गोरखपुर। जिला कारागार में सजा काट रहे 38 कैदियों को रविवार को जेल प्रशासन ने वाराणसी सेंट्रल जेल भेज दिया। ये सभी कैदी हत्या और दहेज हत्या के मामलों में सजा काट रहे हैं। नियमानुसार सजायाफ्ता कैदियों को सेंट्रल जेल में शिफ्ट करना होता है। गोरखपुर रेंज के कैदियों को वाराणसी सेंट्रल जेल आवंटित है। जेल सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में और भी कैदियों को सेंट्रल जेल शिफ्ट किया जा सकता है।
दरअसल, जिला और मंडलीय जेल की क्षमता के अनुसार, यहां सिर्फ उन बंदियों को रखा जाता है, जिनका ट्रायल चल रहा है या फिर उनकी गिरफ्तारी होती है। ट्रायल के बाद सजा मिलने पर इन कैदियों को सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया जाता है। सेंट्रल जेल जाने से बचने के लिए कुछ कैदी किसी न किसी मामले में खुद को शामिल रखते हैं, ताकि उनकी जिले के कोर्ट में तारीख पर तारीख चलती रहे। इस स्थिति में उन्हें सेंट्रल जेल नहीं शिफ्ट किया जाता है।
विज्ञापन
इस संबंध में जेलर अरुण कुमार ने बताया कि जेल में कैदियों की संख्या अधिक हो गई थी। नियमानुसार 38 कैदियों को वाराणसी सेंट्रल जेल भेजा गया है।