गोरखपुर: असम से चिड़ियाघर लाए गए दो गैंडे हर और गौरी, चार-पांच साल के हैं नए मेहमान
निदेशक एच राजामोहन ने बताया कि 27 मार्च को चिड़ियाघर की पहली वर्षगांठ है। प्रबंधन इस खास दिन को विशेष तौर पर मनाने की तैयारी में जुटा है। संभावना है कि इसी दिन दोनों गैंडों को बाड़े के बाहर दर्शकों के लिए निकाल दिया जाएगा।
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शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में बुधवार को असम के राज्य प्राणी उद्यान गुवाहाटी से दो गैंडे हर और गौरी (एक नर और एक मादा) पहुंच गए। प्राणी उद्यान प्रबंधन ने दोनों के पहुंचने पर उनका स्वागत किया।
चार से पांच वर्ष के बीच के हर और गौरी का वजन तकरीबन 1500 किलोग्राम है। प्राणि उद्यान के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह की टीम सड़क मार्ग से लेकर बुधवार को प्राणि उद्यान पहुंची। हर और गौरी दो अलग-अलग ट्रक में लाए गए। उनकी देखभाल करने वाले गुवाहाटी प्राणी उद्यान के दो जू कीपर भी साथ आए। सुबह लगभग आठ बजे प्राणि उद्यान के निदेशक डॉ. एच राजा मोहन, वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह, डीएफओ गोरखपुर विकास यादव समेत अन्य लोगों ने स्वागत किया।
डॉ. योगेश ने बताया कि हर और गौरी को अभी के मौसम में एक दिन में 140-140 किलोग्राम हरा चारा और पत्ता दिया जाएगा। तीन किलोग्राम केला और 12 से 15 किलोग्राम तक सब्जियां और फल दिए जाएंगे। इसके अलावा तीन से पांच किलोग्राम तक चना और चोकर दिया जाएगा। दोनों को गन्ना और हरे मक्के की बालियां भी पसंद हैं। फिलहाल, दोनों को उनके बाड़े में ही रखा गया है। अभी दर्शकों से दूर रखा जाएगा। इस दौरान उनके सांकेतिक क्वारंटाइन की अवधि भी पूरी हो जाएगी। इसके साथ बाड़े के अंदर रहते-रहते यहां के पर्यावरणीय माहौल के अनुकूल हो जाएंगे।
27 मार्च को चिड़ियाघर की पहली वर्षगांठ
निदेशक एच राजामोहन ने बताया कि 27 मार्च को चिड़ियाघर की पहली वर्षगांठ है। प्रबंधन इस खास दिन को विशेष तौर पर मनाने की तैयारी में जुटा है। संभावना है कि इसी दिन दोनों गैंडों को बाड़े के बाहर दर्शकों के लिए निकाल दिया जाएगा। इसके बाद सामान्य प्रक्रिया में अन्य वन्य जीवों की दिनचर्या में ये भी आ जाएंगे।