गोरखपुर गोड़धोइया नाला: 800 परिवारों को जल्द मिलेगा मुआवजा, 989 करोड़ रुपये की दी स्वीकृति
गोड़धोइया नाले का पानी जहां तक बह रहा है, वहां पड़ने वाली जमीन आदि के लिए मुआवजा नहीं दिया जाएगा। बाकी निर्माण के लिए अधिकतम सर्किल रेट के दोगुना के बराबर मुआवजा दिया जाएगा। मकान के लिए अलग से क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
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गोरखपुर के गोड़धोइया नाले के निर्माण से प्रभावित होने वाले 800 परिवारों को जल्द ही मुआवजा मिलेगा। कैबिनेट ने गोड़धोइया नाला और रामगढ़ ताल के जीर्णोद्धार के लिए 989 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। निर्माण कार्य के साथ तय मुआवजा मिलने से सभी धारकों को दूसरी जगह शिफ्ट होने या व्यापार में काफी सहूलियत मिलेगी।
जिलाधिकारी गोरखपुर की तरफ से 2023-24 वित्तीय वर्ष के बजट में 650 करोड़ रुपये का बजट किया गया था। प्रस्ताव को डीएम की तरफ से शासन में भेज दिया गया था। लेकिन, इसे स्वीकृति नहीं किया जा सका। इससे मुआवजे का काम और अन्य काम थोड़ा सुस्त हो गया था। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद लोगों को राहत की सांस मिलेगी।
सूत्रों के मुताबिक, गोड़धोइया नाले का पानी जहां तक बह रहा है, वहां पड़ने वाली जमीन आदि के लिए मुआवजा नहीं दिया जाएगा। बाकी निर्माण के लिए अधिकतम सर्किल रेट के दोगुना के बराबर मुआवजा दिया जाएगा। मकान के लिए अलग से क्षतिपूर्ति दी जाएगी। इसके लिए सर्किल रेट के साथ ही मकान कितना पुराना है, इसके मुताबिक रेट निर्धारित किया गया है। प्रस्ताव में इन सभी बिंदुओं को रखा गया है।
मेडिकल कॉलेज के पास से रामगढ़ ताल तक करीब 9.7 किलोमीटर लंबे बनने वाले गोड़धोइया नाला के दोनों ओर पांच मीटर चौड़ी सड़क भी बनाई जानी है। इससे मेडिकल कॉलेज की ओर से मोहद्दीपुर, पैडलेगंज की तरफ आना-जाना आसान हो जाएगा। परियोजना प्रबंधक रतनसेन सिंह ने बताया कि बजट कैबिनेट से स्वीकृत हो गया है। अब मुआवजे की राह आसान हो जाएगी। लंबे समय से लोगों को इसका इंतजार भी था।
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मुआवजे के बाद काम में आ जाएगी तेजी
मुआवजा फंसा होने से निर्माण काम में तेजी नहीं आ पा रही थी। जल निगम भी मुआवजे के स्वीकृत होने और इसे जारी करने का इंतजार कर रहा था। अब गोड़धोईया नाला के निर्माण, चौड़ीकरण के साथ अन्य कामाें में तेजी आ जाएगी।
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नाले के दोनों तरफ सर्विस लेन और बीच-बीच में पुलिया भी बनेगी
जलनिगम की ओर से तैयार की गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की तरफ नाले की चौड़ाई 11 मीटर तो रामगढ़ ताल की तरफ 32.5 मीटर होगी। इसके बाद दोनों ओर सर्विस लेन बनाई जाएगी। वहीं, जल निगम नाले के दोनों ओर ऊंची फेंसिंग भी लगाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति कूड़ा न फेंक सके। इस नाले के बनने से मेडिकल कॉलेज, चंद्रगुप्त कॉलोनी, बशारतपुर, राप्ती नगर समेत करीब 50 मोहल्लों की जलभराव की समस्या दूर हो जाएगी।
38 एमएलडी क्षमता का बनेगा एसटीपी
गोड़धोइया नाले के पानी को साफ करने के लिए नाले के दोनों तरफ सीवरेज लाइन बिछाई जाएगी। रामगढ़ ताल की तरफ 38 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता का एसटीपी 44,300 घरों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करेगा। इसके बाद रामगढ़ ताल में साफ पानी गिरेगा।