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खुशखबर: CHC श्रेणी में गोरखपुर को मिले आठ कायाकल्प पुरस्कार, मिलेंगे एक-एक लाख रुपये
Wed, 01 Jun 2022 11:47 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 01 Jun 2022 11:47 AM IST
सार
जिला प्रशासनिक कार्यक्रम सहायक (क्वालिटी) विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2021-22 के लिए 16 सीएचसी का आंतरिक मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 10 सीएचसी राज्य स्तर की स्पर्धा के लिए चयनित हुए थे। इन सभी का राज्य स्तरीय मूल्यांकन इसी साल फरवरी व मार्च में किया गया।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) श्रेणी में वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान हुई प्रतिस्पर्धा में जिले को आठ कायाकल्प पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। जिले की गगहा और पाली सीएचसी को पहली बार यह पुरस्कार मिला है। इन सभी सीएचसी को पुरस्कार के तौर पर एक-एक लाख रुपये शासन से मिलेंगे।
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सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने सीएचसी की सभी टीम को बधाई दी है। बताया कि जिले में जंगल कौड़िया सीएचसी सबसे ज्यादा 84.14 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। पिपरौली, कैंपियरगंज, भटहट, पिपराइच और सहजनवां को भी यह पुरस्कार हासिल हुआ है। प्रदेश में कुल 265 सीएचसी ऐसे हैं, जिन्होंने 70 फीसदी से अधिक अंक हासिल कर यह पुरस्कार प्राप्त किया है।
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कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. नंद कुमार ने बताया कि मिशन निदेशक ने सभी जिलों को पत्र भेजकर पुरस्कार की सूचना दी है। पत्र में प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार, पुरस्कार राशि का 75 फीसदी हिस्सा चिकित्सा इकाई के गैप क्लोजर, सुदृढ़ीकरण, रखरखाव व स्वच्छता व्यवस्था आदि पर खर्च किया जाना है, जबकि 25 फीसदी हिस्सा संबंधित इकाई के अधिकारियों व कर्मचारियों के उत्साहवर्धन के लिए खर्च किया जाना है। बताया कि इकाई के अधीक्षक, वहां की टीम, जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई और जिला क्वालिटी एश्योरेंस सेल के सम्मिलित प्रयासों से यह सफलता हासिल हुई है।
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10 इकाइयों का हुआ था मूल्यांकन
जिला प्रशासनिक कार्यक्रम सहायक (क्वालिटी) विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2021-22 के लिए 16 सीएचसी का आंतरिक मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 10 सीएचसी राज्य स्तर की स्पर्धा के लिए चयनित हुए थे। इन सभी का राज्य स्तरीय मूल्यांकन इसी साल फरवरी व मार्च में किया गया।इन आधारों पर होता है मूल्यांकन
- अस्पताल का रखरखाव।
- स्वच्छता व साफ-सफाई।
- बॉयोमेडिकल बेस्ट मैनेजमेंट।
- इंफेक्शन कंट्रोल प्रैक्टिसेज।
- हाईजीन प्रमोशन।
- पेशेंट फीडबैक का मूल्यांकन।