{"_id":"634598bfdca96d07777f5e5c","slug":"gorakhpur-flood-rivers-flowing-in-gorakhpur-are-in-spate-schools-will-remain-closed-till-12th-tomorrow","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur Flood : गोरखपुर की नदियों में उफान, बारिश के बाद शहर में जलभराव, आज बंद रहेंगे 12वीं तक स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur Flood : गोरखपुर की नदियों में उफान, बारिश के बाद शहर में जलभराव, आज बंद रहेंगे 12वीं तक स्कूल
Wed, 12 Oct 2022 03:09 AM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Wed, 12 Oct 2022 03:09 AM IST
सार
राप्ती नदी के उफनाने से शहर के बंधों पर भी दबाव बढ़ गया है। शहर क्षेत्र में जलभराव का संकट खड़ा हो गया है। ग्रीन सिटी क्षेत्र से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पंपिंग सेट लगा है, लेकिन पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहा है।
विज्ञापन
गोरखपुर में बारिश
- फोटो : अमर उजाला-फाइल फोटो
विस्तार
जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को जनपद के बोर्ड एवं परिषद के नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे। जिला प्रशासन ने यह निर्णय जिले में भारी बारिश के बाद जलभराव का संकट होने के कारण दिया है।
विज्ञापन
राप्ती नदी के उफनाने से शहर के बंधों पर भी दबाव बढ़ गया है। शहर क्षेत्र में जलभराव का संकट खड़ा हो गया है। ग्रीन सिटी क्षेत्र से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पंपिंग सेट लगा है, लेकिन पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहा है। अब गोरखनाथ क्षेत्र से आने वाला पानी नहीं निकल पाएगा। सब ग्रीन सिटी क्षेत्र में जमा होगा। घर, स्कूल व कॉलेज में पानी घुस जाएगा।
विज्ञापन
गोरखपुर से होकर छह नदियां बहती हैं, जिनमें से पांच खतरे का निशान पार कर चुकी हैं। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, राप्ती, रोहिन, सरयू और कुआनो खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं। सोमवार शाम चार बजे तक गोर्रा नदी ने भी खतरे के निशान को छू लिया। देर रात तक इसका जलस्तर खतरे का निशान पार कर गया। आमी नदी भी उफनाई है। हालांकि, आमी नदी का जलस्तर नहीं मापा जाता है।
विज्ञापन
राप्ती, रोहिन, सरयू, कुआनो और गोर्रा नदी से जुड़े कई गांव हैं, जिनका संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। ऐसे गांवों में लोगों की मदद के लिए करीब 67 नावें लगाई गई हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है। करीब 2849 हेक्टेयर फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है।