गोरखपुर में फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले सात आरोपियों को भेजा जेल, एसएसपी बोले- अभिभावक रहें सतर्क
- दो कार, एक पल्सर बाइक, तमंचा बरामद, छह से सात लोगों की पहचान करने में जुटी पुलिस
- सीसी टीवी फुटेज, दुकानदारों और आम लोगों के बयान को साक्ष्य के तौर पर किया जाएगा इस्तेमाल
- फरार दो इनामी बदमाशों की सरगर्मी से तलाश, असलहा उपलब्ध कराने वाले की भी खोजबीन शुरू
- एसएसपी बोले, लगाएंगे गैंगेस्टर-रासुका, ताकि कोई भी इस तरह की वारदात की हिम्मत ना जुटा पाए
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कूड़ाघाट से मोहद्दीपुर तक चार किलोमीटर तक फिल्मी अंदाज में फायरिंग कर दहशत फैलाने के सात आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस की जांच में 6-7 अज्ञात लोगों के घटना में शामिल होने की जानकारी मिली है। उनकी पहचान करने में पुलिस लग गई है। मामले के मुख्य आरोपित और 25-25 हजार रुपये के इनामी शुभम सिंह सिंघाड़ा और शुभम सिंह की तलाश भी पुलिस सरगर्मी से कर रही है।
पुलिस के मुताबिक जेल भेजे गए आरोपियों में सुमित चंदेल निवासी जटहा रोड, पडरौना, कुशीनगर, शुभम राव निवासी हाटा, कुशीनगर, अविनाश सिंह निवासी भैरोपुर, बांसगांव, प्रज्जवल सिंह निवासी हाटा कुशीनगर, विक्रांत पासवान निवासी गिरधरगंज, दरोगा पुत्र और सिरौरा निवासी प्रिंस शाही और आदर्श शुक्ला निवासी, आवास विकास कॉलोनी, कूड़ाघाट के रूप में हुई है। सभी शहर में किराए या फिर खुद के मकान में रहते हैं।
घटना का पर्दाफाश करते हुए एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि 20 सितंबर को तीन बजे पैडलेगंज स्थित पॉशा रेस्त्रां में दो गुटों में विवाद हुआ था। विवाद की सूचना पर पैडलेगंज चौकी इंचार्ज फोर्स के साथ गए थे। इस दौरान एक पक्ष के लीडर अविनाश सिंह और दूसरे पक्ष से शुभम सिंह का नाम सामने आया। पुलिस ने मौके से आदर्श शुक्ला, शुभम सिंह को पकड़ लिया और चौकी पर सुलह समझौता करा दिया।
पॉशा रेस्त्रां के मैनेजर पर भी एफआईआर दर्ज
दोनों पक्ष के विवाद के दौरान वहां पर मौजूद प्रवीण उर्फ प्रणव राय ने बीच बचाव किया जिससे गलतफहमी में अविनाश के पक्ष के लोगों ने उन्हें शुभम पक्ष का समझ लिया था। 20 सितंबर की रात में ही फिर से विवाद हुआ और प्रणव राय की पिटाई कर दी गई थी। इसके बाद ही विवाद बढ़ा और 21 सितंबर को शुभम पक्ष के लोगों ने कार से आ रहे अविनाश को घेरकर हमला कर दिया था। इस दौरान फायरिंग हुई और तरकुलहा की ओर आ रहे प्रणव को अविनाश पक्ष ने शुभम पक्ष का समझकर दौड़ा लिया और साथ बैठे जितेंद्र को गोली मार दी।
एसएसपी ने बताया कि दो इनामी बदमाश शुभम सिंह सिंघाड़ा और शुभम सिंह फरार हैं। इनकी तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं, जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। इसके अलावा इस मामले में कोर्ट से सजा हो सके इसके लिए पुलिस मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत करेगी। मौके से मिले सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के अलावा दुकानदारों और आम लोगों के बयान को भी विवेचना में साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा। आरोपियों पर गैंगेस्टर लगाया जाएगा और जिन पर पहले से मुकदमे है उन पर रासुका की कार्रवाई होगी। पुलिस ने दो कारें बरामद की हैं, एक अविनाश के रिश्तेदार विनय उर्फ ज्ञानू की है तो दूसरी प्रज्ज्वल की।
रेस्त्रां से सूचना ना आने की जांच में पता चला है कि मैनेजर जाकिब खान खुद इस घटना में शामिल था। उसने ही शुभम पक्ष के लोगों को इस बात की जानकारी दी थी कि प्रणव दूसरे रेस्त्रां पर खाना पैक कराने के लिए गया जिसके बाद उसकी पिटाई की गई थी। पुलिस ने जाकिब को भी इस मुकदमे में नामजद आरोपी बनाया है । इसके साथ ही रेस्त्रां के सीसीटीवी फुटेज को डिलीट किए जाने की बात भी सामने आई है, जिसकी जांच कराई जा रही है।
जितेंद्र ने फायर किया या नहीं, इसकी भी होगी जांच
एसएसपी ने कहा कि घटना वाले दिन एक बात और सामने आई थी कि गोली लगने से पहले जितेंद्र यादव ने तमंचा से फायर किया था और नाल फटने की वजह से उसका हाथ जख्मी हो गया था। इस बिंदु पर भी पुलिस जांच करेगी, क्योंकि उसका आपराधिक इतिहास भी है। इस मामले में इलाज करने वाले डॉक्टर से भी रिपोर्ट मांगी जाएगी।
आर्थिक मददगार और सोशल मीडिया भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस बदमाशों की आर्थिक मदद करने वाले लोगों और फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया पर जुड़े लोगों की भी जांच कर रही है। इस मामले के बाद जिले के सभी थानेदारों को निर्देशित किया गया है कि वे इलाके में इस तरह के मनबढ़ युवकों को चिह्नित कर कार्रवाई करें।
शरणदाता पर करेंगे कड़ी कार्रवाई
एसएसपी ने कहा कि दोनों फरार इनामी बदमाश शुभम सिंह और शुभम सिंह सिंघाड़ा को जिन-जिन लोगों ने भी शरण दी है, उनके पकड़े जाने के बाद पूरी तरह साफ होगा जाएगा। सबके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रॉपर्टी के काम में गुंडई की तो जाएंगे जेल
एसएसपी ने कहा कि जो भी लोग प्रॉपर्टी का काम कर रहे वे सतर्क हो जाएं। किसी को काम करने की मनाही नहीं है, मगर गुंडई करने की कोशिश की तो पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी।
एसएसपी ने की भावुक अपील, बोले-अभिभावक रहें सतर्क
मोहद्दीपुर गोलीकांड में पकड़े गए सभी आरोपियों की उम्र तीस साल से कम है। कई की उम्र तो अभी महज 21 साल या 23 साल ही है। ऐसे में एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने मीडिया के माध्यम से आम लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर ध्यान दें। जांच में पता चला है कि एक आरोपी दारोगा का बेटा है। उसने अपने घर पर कई लोगों को रखा था।
एसएसपी ने कहा कि कोई भी अपने भविष्य का खुद निर्धारण नहीं करता है, बल्कि उसकी आदतें यह निर्धारित करती हैं कि वह भविष्य में क्या करेगा। इसलिए यह घटना अभिभावकों के लिए सीख देने वाली है कि वे बच्चों पर ध्यान दें कि वह कब और कहां जा रहे हैं और क्या कर रहे हैं।