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गोरखपुर महोत्सव : शास्त्रीय नृत्य, भजन और लोकगीतों से सजी सांस्कृतिक संध्या
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गोरखपुर महोत्सव में सबरंग में मुम्बई से आई रविन्द्र खुराना ओडिशा नृत्य प्रस्तुत करती हुई।अमर उज
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- गोरखपुर महोत्सव : गीतांजली शर्मा के लोक नृत्य के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर शनिवार की शाम संगीत, नृत्य और लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर रही। कार्यक्रम की शुरुआत धन्या संगीत विद्यालय से आए कलाकारों ने मनमोहक शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति से की,। गोरखपुर के कलाकार रामदरश शर्मा व उनकी टीम ने मंच संभाला। सबसे पहले गीतांजली शर्मा ने लोक नृत्य किया गया।
रामदरश शर्मा ने बाबा गोरखनाथ की महिमा पर आधारित भजनों से माहौल भक्तिमय कर दिया। बाबा के बगिया में डालके झुलुआ…जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। रामदरश को उनके सांस्कृतिक योगदान के लिए सीडीपीओ ने सम्मानित किया। इसके बाद गोरखपुर की कलाकार सीता त्रिपाठी ने राम अइले जनक फुलवारी में, नयना लड़ गइल सिया सुकुमरिया से... भक्ति गीत प्रस्तुत किया। गायक राजेश सिंह पुवाइया ने बॉलीवुड गीतों के साथ चलो चलें अयोध्या धाम, जहां जन्म लिए श्रीराम....भजन गाकर वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। बृजकिशोर त्रिपाठी ने भोजपुरी विकास गीत मन के अन्हरिया अजोरिया से पूछे... प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में लखनऊ से आई दो टीमों ने समूह गीत प्रस्तुत किए। मुंबई के कलाकारों ने ओडिसी नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर शनिवार की शाम संगीत, नृत्य और लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर रही। कार्यक्रम की शुरुआत धन्या संगीत विद्यालय से आए कलाकारों ने मनमोहक शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति से की,। गोरखपुर के कलाकार रामदरश शर्मा व उनकी टीम ने मंच संभाला। सबसे पहले गीतांजली शर्मा ने लोक नृत्य किया गया।
रामदरश शर्मा ने बाबा गोरखनाथ की महिमा पर आधारित भजनों से माहौल भक्तिमय कर दिया। बाबा के बगिया में डालके झुलुआ…जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। रामदरश को उनके सांस्कृतिक योगदान के लिए सीडीपीओ ने सम्मानित किया। इसके बाद गोरखपुर की कलाकार सीता त्रिपाठी ने राम अइले जनक फुलवारी में, नयना लड़ गइल सिया सुकुमरिया से... भक्ति गीत प्रस्तुत किया। गायक राजेश सिंह पुवाइया ने बॉलीवुड गीतों के साथ चलो चलें अयोध्या धाम, जहां जन्म लिए श्रीराम....भजन गाकर वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। बृजकिशोर त्रिपाठी ने भोजपुरी विकास गीत मन के अन्हरिया अजोरिया से पूछे... प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में लखनऊ से आई दो टीमों ने समूह गीत प्रस्तुत किए। मुंबई के कलाकारों ने ओडिसी नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।
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