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कोरोना संकट: सीएमओ का दावा, तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार
Wed, 22 Dec 2021 11:16 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 22 Dec 2021 11:16 AM IST
सार
गोरखपुर जिले के सरकारी अस्पतालों में कोविड मरीजों के इलाज के लिए 2169 बेड तैयार किए गए हैं। वहीं आईसीयू मरीजों के लिए 999 बेड और पीडियाट्रिक आईसीयू के 28 बेड बनाए गए हैं।
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गोरखपुर जिला अस्पताल में तैयार पीडियाट्रिक आईसीयू।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में कोराना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक और जनवरी-फरवरी में कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। सीएमओ का दावा है कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। मरीजों के इलाज के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जानकारी के अनुसार, कोरोना की पहली और दूसरी लहर से सीख लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस बार बेडों की संख्या बढ़ाकर 2169 कर दी है। इसी तरह अन्य संसाधन भी बढ़ाए गए हैं। सरकारी अस्पतालों में 999 आईसीयू और 1170 सामान्य बेड तैयार किए गए हैं। 28 बेड पीडियाट्रिक आईसीयू के लिए बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एक-दो दिनों में निजी अस्पतालों में भी कोविड मरीजों के लिए बेड आरक्षित कर दिए जाएंगे।
बता दें कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर में कोविड मरीजों को बेड मिलने में बहुत मुश्किलें आईं थीं। दवाओं से लेकर ऑक्सीजन तक की किल्लत थी। इस बार शासन ने पहले ही व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए 2169 बेड तैयार कर दिए गए हैं। इसके अलावा रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) को अलर्ट कर दिया गया है। गांव से लेकर शहर तक की 1464 निगरानी समितियों को सक्रिय कर दिया गया है। जिला अस्पताल के बगल में स्थित कोविड जांच सेंटर पर लोग 24 घंटे कोरोना की एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच करा सकते हैं।
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जानकारी के अनुसार, कोरोना की पहली और दूसरी लहर से सीख लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस बार बेडों की संख्या बढ़ाकर 2169 कर दी है। इसी तरह अन्य संसाधन भी बढ़ाए गए हैं। सरकारी अस्पतालों में 999 आईसीयू और 1170 सामान्य बेड तैयार किए गए हैं। 28 बेड पीडियाट्रिक आईसीयू के लिए बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एक-दो दिनों में निजी अस्पतालों में भी कोविड मरीजों के लिए बेड आरक्षित कर दिए जाएंगे।
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बता दें कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर में कोविड मरीजों को बेड मिलने में बहुत मुश्किलें आईं थीं। दवाओं से लेकर ऑक्सीजन तक की किल्लत थी। इस बार शासन ने पहले ही व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए 2169 बेड तैयार कर दिए गए हैं। इसके अलावा रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) को अलर्ट कर दिया गया है। गांव से लेकर शहर तक की 1464 निगरानी समितियों को सक्रिय कर दिया गया है। जिला अस्पताल के बगल में स्थित कोविड जांच सेंटर पर लोग 24 घंटे कोरोना की एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच करा सकते हैं।
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16 ऑक्सीजन प्लांट तैयार, एक पर चल रहा काम
सीएमओ ने बताया कि ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के जिले के 10 अस्पतालों में 17 ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। 16 प्लांट काम करना शुरू कर चुके हैं। एक प्लांट पर काम चल रहा है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला।
मोबाइल वैन भेजकर कराई जाएगी जांच
सीएमओ ने बताया कि सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों के अलावा निजी अस्पतालों में भी मोबाइल वैन भेजकर कोरोना की जांच कराई जाएगी। अगर कोई पॉजिटिव मिलता है तो उसका इलाज अस्पताल में किया जाएगा। जरूरत के मुताबिक जीनोम सीक्वेसिंग के लिए नमूना लिया जाएगा।इलाज के लिए ये अस्पताल तैयार
सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, टीबी अस्पताल, होम्योपैथिक कॉलेज बड़हलगंज सहित 50-50 बेड के चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तैयार किए गए हैं। इन जगहों पर सामान्य ओपीडी भी चल रही है। मरीज बढ़ने पर इनका इस्तेमाल कोरोना के मरीजों के लिए किया जाएगा।प्रदेश की पहली सबसे बड़ी बीएएसएल थ्री लैब
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में प्रदेश की सबसे बड़ी बॉयोसेफ्टी (बीएएसएल) थ्री लैब तैयार है। ढाई करोड़ की लागत से 2200 स्क्वायर फीट में बनी इस प्रयोगशाला में सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। लैब में कई तरह की जांच की आधुनिक मशीनें भी हैं। इसी लैब में कोरोना वायरस की जांच की जा रही है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज
- फोटो : amar ujala
बीआरडी में बना किट सेंटर
बीआरडी में कोरोना जांच के लिए किट सेंटर बनाया गया है। यहीं से आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज, बस्ती मेडिकल कॉलेज सहित अन्य कॉलेजों को किट जा रही है। यह काम पिछले एक साल से चल रहा है। माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि किट की सप्लाई लगातार जारी है।सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर से पहले स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी हो चुकी है। सरकारी अस्पतालों में बेड तैयार हैं। निजी अस्पतालों में बेडों के लिए जल्द आईएमए और नर्सिंग होम एसोसिएशन से वार्ता की जाएगी। ऑक्सीजन के 16 प्लांट शुरू कर दिए गए हैं। एक प्लांट पर काम चल रहा है।