फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur city air becomes more poisonous due to diesel auto smoke in Gorakhpur

गोरखपुर में प्रदूषण: डीजल ऑटो के धुएं से और जहरीली हुई शहर की हवा, ट्रैफिक पुलिस बन जाती है अनजान

Wed, 08 Nov 2023 12:34 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 08 Nov 2023 12:34 PM IST
सार

गोरखपुर शहर में सबसे ज्यादा धूल पैडलेगंज से लेकर नौसड़ तक सिक्सलेन रोड पर उड़ रही है। टीपी नगर से देवरिया बाईपास तिराहा से आगे तक फ्लाईओवर बन रहा है। यहां वाहनों के आने-जाने पर खूब धूल उड़ रही है। यातायात पुलिसकर्मी ने बताया कि प्रदूषण के कारण मास्क पहनना पड़ रहा है।

विज्ञापन
Gorakhpur city air becomes more poisonous due to diesel auto smoke in Gorakhpur
गोरखपुर में छाई धुंध। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर शहर में बीते कई दिनों से धुंध (स्मॉग) के चपेट में है। निर्माण कार्यों से उड़ रही धूल तो वजह है ही, वाहनों का धुआं इस धुंध की चादर को और काली बना रहा है। हवा को और ज्यादा जहरीला कर रहा है। अंकुश के दावों की हकीकत की एक बानगी यह है कि शहर में डीजल ऑटो के प्रवेश पर प्रतिबंध है, बावजूद इसके ऐसे दो हजार वाहन चौराहों पर बेरोकटोक सवारियां बैठा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस भी अनजान बन जाती है।

विज्ञापन


शहर में मंगलवार को एक्यूआई का स्तर 224 दर्ज किया गया, जो सेहत के लिए बहुत खतरनाक है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने प्रदूषण के कारकों पर अंकुश के उपाय नहीं किए तो आने वाले दिनों में स्थिति विकट हो सकती है।
विज्ञापन


दोपहर एक बजे शास्त्री चौक पर करीब 10 की संख्या में डीजल ऑटो खड़े थे। चालक ऑटो में सवारियां बैठा रहे थे। वहां होमगार्ड और ट्रैफिक पुलिस भी मौजूद थी। दोपहर डेढ़ बजे आंबेडकर चौक पर मंडलायुक्त कार्यालय के आसपास आठ ऑटो खड़ा मिले। यहां यातायात पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह दोपहर दो बजे धर्मशाला ऑटो स्टैंड पर सीएनजी ऑटो की तुलना में डीजल ऑटो की संख्या ज्यादा नजर आई। यहां पुलिस के सामने चालक धर्मशाला रेलवे अंडरपास के नीचे ऑटो को खड़ाकर सवारियां भर रहे थे। शाम चार बजे मोहद्दीपुर चौराहे पर भी डीजल ऑटो में चालक सवारियां भरते देखे गए। इनमें ज्यादातर ऑटो वाले इंजन बंद भी नहीं करते। अगर इनके पास खड़ा हो जाएं तो काले धुएं से दम घुटने लगेगा।

इसे भी पढ़ें: जीडीए लांच करेगा ग्रीन वुड योजना, थ्री-फोर बीएचके के बनेंगे 482 फ्लैट

Trending Videos

बचने के लिए बदल लिया ऑटो का रंग

Gorakhpur city air becomes more poisonous due to diesel auto smoke in Gorakhpur
गोरखपुर में जाम। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर शहर में चलने वाले सीएनजी ऑटो का रंग हरा है। ऐसे में जिम्मेदारों को चकमा देने के लिए डीजल ऑटो चालकों ने अपनी ऑटो के रंग ही बदल दिया है। डीजल ऑटो काले रंग के होते हैं, लेकिन कई डीजल ऑटो चालकों ने सीएनजी ऑटो की तरह दिखाने के लिए अपने ऑटो का रंग बदलकर हरा करा लिया है।

उड़ रही धूल, अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गए हैं भूल
शहर में सबसे ज्यादा धूल पैडलेगंज से लेकर नौसड़ तक सिक्सलेन रोड पर उड़ रही है। टीपी नगर से देवरिया बाईपास तिराहा से आगे तक फ्लाईओवर बन रहा है। यहां मंगलवार की दोपहर 02.30 बजे वाहनों के आने-जाने पर खूब धूल उड़ रही है। टीपीनगर चौराहे पर मौजूद यातायात पुलिसकर्मी ने बताया कि प्रदूषण के कारण मास्क पहनना पड़ रहा है। इससे आगे जाने पर फलमंडी के पास दोनों ओर मिट्टी का ढेर लगा हुआ था। यहां से वाहनों के गुजरने पर धूल उड़ती रही।

इसे भी पढ़ें: अब गोमतीनगर में ब्लॉक के चलते प्रभावित रहेंगी ट्रेनें, इनका बदला रूट

तारामंडल क्षेत्र में धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव

Gorakhpur city air becomes more poisonous due to diesel auto smoke in Gorakhpur
गोरखपुर में प्रदूषण के कारण मास्क लगाए पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला।

तारामंडल क्षेत्र में नया सवेरा से नई फोरलेन सड़क देवरिया बाईपास रोड तक और जीएसटी ऑफिस तक फोरलेन सड़क बन रही है। दोपहर 03.05 बजे इस रोड पर अंबेडकर पार्क से आगे सड़क की धूल को रोकने के लिए टैंकर से पानी का छिड़काव किया जा रहा था। टैंकर चला रहे चालक ने बताया कि धूल को रोकने लिए ठेकेदार की ओर से पानी गिरवाया जा रहा है। हालांकि देवरिया बाईपास फोरलेन रोड पर जंगल सिकरी तक निर्माण कार्य के दौरान प्रदूषण रोकने का कोई इंतजाम नहीं नजर आया।

एआरटीओ प्रशासन अरुण कुमार ने कहा कि डीजल ऑटो शहर में पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अगर शहर में ये कहीं भी चलते मिले तो इन्हें सीज कर दिया जाएगा। दिवाली बाद अभियान चलाकर जांच की जाएगी। डीजल ऑटो चलते पाए गए तो सीज किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: दरवाजे पर बैठे बुजुर्ग पर चढ़ाई कार, तेज रफ्तार पिकअप ने बच्ची को रौंदा; दोनों की मौत

डीजल इंजन से निकला काला धुआं ज्यादा खतरनाक

Gorakhpur city air becomes more poisonous due to diesel auto smoke in Gorakhpur
गोरखपुर शहर के अंदर डीजल वाला ऑटो। - फोटो : अमर उजाला।
पर्यावरणविद् प्रो. गोविंद पांडेय ने बताया कि डीजल से चलने वाले वाहनों से नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर ऑक्साइड का उत्सर्जन होता है। डीजल इंजन से निकलने वाले धुएं को काला, नीला और सफेद तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है। काला धुआं ईंधन के जलने से निकलता है। सफेद धुआं अधजले ईंधन और ठंडे इंजन से निकलता है। काला धुआं ही अत्यधिक प्रदूषणकारी कण व गैसों का उत्सर्जन करता है।

चेस्ट फिजिशियन डॉ. ऋषभ गोयल ने कहा कि धूल व धुएं के कण शरीर को हर प्रकार से नुकसान पहुंचाते हैं। इसकी एलर्जी की वजह से कुछ लोगों को सर्दी-जुकाम हो जाता है, जो बार-बार परेशान करता है। धुआं फेफड़े को भी प्रभावित करता है। कोविड काल में मास्क पहनने के चलते एलर्जी के मामलों में कमी आई थी, लेकिन अब फिर लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे दिक्कत हो रही है।

इसे भी पढ़ें: नदी किनारे बनने लगीं वेदियां, घाट की जमीन कब्जाने वालों पर होगी कार्रवाई

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल ने कहा कि प्रदूषण हृदय को भी प्रभावित करता है। दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में कई हृदय रोगी ऐसे हैं जो किसी न किसी प्रकार के प्रदूषण के चलते ही बीमार हुए हैं। आप स्वयं महसूस करिए कि अधिक धुआं वाली जगह पर जाने पर दम घुटने लगता है, तो वहीं धूल के कणों से खुजली होना सामान्य बात है। प्रदूषण हर तरह से शरीर को नुकसान पहुंचाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed