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गोरखपुर: 58 शिक्षकों को कोविड ड्यूटी से गायब रहने पर अल्टीमेटम, कार्यभार न संभाला तो होगी सख्त कार्रवाई
Tue, 11 May 2021 07:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 11 May 2021 07:06 PM IST
सार
इंटीग्रेटेड कोविड कमांड व कंट्रोल सेंटर में लगाई गई है ड्यूटी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 58 शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षामित्रों को इंटीग्रेटेड कोविड कमांड व कंट्रोल सेंटर ड्यूटी से गायब रहना भारी पड़ सकता है। जिला प्रशासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इन्हें आखिरी अल्टीमेटम जारी करते हुए जल्द कार्य पर लौटने का निर्देश दिया है। अन्यथा उन्हें न केवल अनुशासनात्मक कार्यवाही झेलने पड़ेगी, बल्कि मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भी प्रेषित कर दी जाएगी।
कोरोना महामारी के चलते डीएम के निर्देश पर कई शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की ड्यूटी आपदा प्रबंधन अधिनियम-56 के अंतर्गत दोपहर दो बजे से रात 10 बजे तक इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर में लगाई गई है। जहां इन्हें होम आइसोलेशन मरीजों को सहायता देने, कांटेक्ट ट्रेसिंग और डाटा फीडिंग का कार्य करना है, मगर 58 लोग लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं।
कई दफा इसे लेकर चेतावनी दी गई है, मगर कोई भी कार्य करने को तैयार नहीं हुआ है। इसके बाद जिला प्रशासन ने इनकी सूची तैयार कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रेषित किया है। बीएसए बीएन सिंह ने कहा कि संबंधित विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारियों को सूची प्रेषित कर, इन्हें काम पर भेजने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके बाद भी शिक्षक कार्य करने को तैयार नहीं होते हैं तो विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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कोरोना महामारी के चलते डीएम के निर्देश पर कई शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की ड्यूटी आपदा प्रबंधन अधिनियम-56 के अंतर्गत दोपहर दो बजे से रात 10 बजे तक इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर में लगाई गई है। जहां इन्हें होम आइसोलेशन मरीजों को सहायता देने, कांटेक्ट ट्रेसिंग और डाटा फीडिंग का कार्य करना है, मगर 58 लोग लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं।
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कई दफा इसे लेकर चेतावनी दी गई है, मगर कोई भी कार्य करने को तैयार नहीं हुआ है। इसके बाद जिला प्रशासन ने इनकी सूची तैयार कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रेषित किया है। बीएसए बीएन सिंह ने कहा कि संबंधित विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारियों को सूची प्रेषित कर, इन्हें काम पर भेजने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके बाद भी शिक्षक कार्य करने को तैयार नहीं होते हैं तो विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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ड्यूटी से पहले शिक्षकों का वैक्सीनेशन कराने की मांग
जंगल कौड़िया और खजनी ब्लॉक के ही सर्वाधिक शिक्षक गायब ज्यादातर गायब रहने वाले शिक्षकों में सर्वाधिक 9-9 शिक्षक जंगल कौड़िया और खजनी ब्लॉक के हैं। जबकि, बेलघाट, गगहा और गोला से चार-चार, बड़हलगंज से दो, उरुवा और पाली से तीन, बांसगांव और कौड़ीराम से दो-दो शिक्षकों, अनुदेशक और शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाई गई है। ये लोग भी ड्यूटी से गायब चल रहे हैं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने कोविड कंट्रोल रूम में ड्यूटी लगाने से पहले शिक्षकों का वैक्सीनेशन कराने की मांग की है। बीएसए को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से जिलाध्यक्ष राजेश धर दूबे एवं जिला मंत्री श्रीधर मिश्रा ने कहा कि चुनाव ड्यूटी से पूर्व यदि शिक्षकों का भी वैक्सीनेशन कराया गया होता तो जिले के 48 शिक्षकों को जान न गंवानी पड़ती। उन्होंने कहा कि सैकड़ों शिक्षक अब भी विभिन्न जगहों पर इलाज कराते हुए, जीवन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नेताओं ने उपरोक्त परिस्थितियों को संज्ञान में रखते हुए कोविड कंट्रोल रूम की ड्यूटी कराने से पहले शिक्षकों का वैक्सीनेशन कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में संघ के उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र ओझा भी शामिल रहे।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने कोविड कंट्रोल रूम में ड्यूटी लगाने से पहले शिक्षकों का वैक्सीनेशन कराने की मांग की है। बीएसए को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से जिलाध्यक्ष राजेश धर दूबे एवं जिला मंत्री श्रीधर मिश्रा ने कहा कि चुनाव ड्यूटी से पूर्व यदि शिक्षकों का भी वैक्सीनेशन कराया गया होता तो जिले के 48 शिक्षकों को जान न गंवानी पड़ती। उन्होंने कहा कि सैकड़ों शिक्षक अब भी विभिन्न जगहों पर इलाज कराते हुए, जीवन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नेताओं ने उपरोक्त परिस्थितियों को संज्ञान में रखते हुए कोविड कंट्रोल रूम की ड्यूटी कराने से पहले शिक्षकों का वैक्सीनेशन कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में संघ के उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र ओझा भी शामिल रहे।