{"_id":"615197378ebc3e4acd316913","slug":"gorakhpur-boxer-govind-sahni-won-from-state-to-national-and-international-competition","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपलब्धि: गोरखपुर के लाल के पंच से धूल चाट रहे बॉक्सर, स्टेट से लेकर नेशनल स्पर्धा तक चमक बिखेर रहा है गोविंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपलब्धि: गोरखपुर के लाल के पंच से धूल चाट रहे बॉक्सर, स्टेट से लेकर नेशनल स्पर्धा तक चमक बिखेर रहा है गोविंद
Mon, 27 Sep 2021 03:34 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 27 Sep 2021 03:34 PM IST
सार
सर्बिया में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए किया क्वालिफाई। हाल ही में कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की सीनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोविंद ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है।
विज्ञापन
गोविंद साहनी को सम्मानित करते समाजवादी पार्टी के तिजेंद्र निषाद व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बाबा गोरखनाथ की माटी में प्रतिभावान खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं हैं। अवसर मिलने पर यहां की प्रतिभाओं ने विदेशों तक प्रतिभा की चमक बिखेरी है। गोरखपुर शहर से ही बॉक्सिंग की शुरुआत करने वाले गोविंद साहनी ने अपने पंच से बड़े-बड़े दिग्गजों की धूल चटाई हैं। बात चाहे स्टेट लेवल, नेशनल या विदेशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की हो गोविंद ने अपनी प्रतिभा से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
हाल ही में कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की सीनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोविंद ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है। इस प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन सर्बिया में 24 अक्तूबर से छह नवंबर तक आयोजित होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए हुआ है। गोरखनाथ ग्रीनसिटी के समीप बनकटवा गांव के रहने वाले गोविंद के पिता संत राज साहनी एक किसान हैं।
गोविंद का रूझान खेल के प्रति बड़े भाई सुनील और अनिल साहनी को देखकर हुआ। मगर घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से दोनों ही भाइयों ने खेल को छोड़कर नौकरी करनी शुरू कर दी। छोटे भाई गोविंद को सपना कामयाब हो इसलिए उसे हर संभव मदद की। गोविंद ने फिनलैंड, पोलैंड, रशिया के साथ भारत में आयोजित अंतराष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भी पदक हासिल किया है।
विज्ञापन
रीजनल स्टेडियम से सीखा बॉक्सिंग का ककहरा
वर्ष 2008 से प्रैक्टिस की शुरुआत करने वाले गोविंद ने बॉक्सिंग का ककहरा रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम से सीखा है। वर्ष 2012-15 तक मेरठ स्पोर्ट्स हॉस्टल में चयन हुआ। उसके बाद 2018-19 में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में रहकर प्रशिक्षण हासिल किया।
वर्ष 2011-2017 तक राज्यस्तरीय बॉक्सिंग में हर बार पदक
वर्ष 2011-17 तक आयोजित राज्यस्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोविंद साहनी ने हर बार पदक हासिल किया है। वे स्कूल स्टेट और ओपेन स्टेट में तकरीबन 15 पदक हासिल कर चुके हैं। इसके साथ ही चार बार राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में पदक हासिल किया है।
विज्ञापन
हाल ही में कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की सीनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोविंद ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है। इस प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन सर्बिया में 24 अक्तूबर से छह नवंबर तक आयोजित होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए हुआ है। गोरखनाथ ग्रीनसिटी के समीप बनकटवा गांव के रहने वाले गोविंद के पिता संत राज साहनी एक किसान हैं।
विज्ञापन
गोविंद का रूझान खेल के प्रति बड़े भाई सुनील और अनिल साहनी को देखकर हुआ। मगर घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से दोनों ही भाइयों ने खेल को छोड़कर नौकरी करनी शुरू कर दी। छोटे भाई गोविंद को सपना कामयाब हो इसलिए उसे हर संभव मदद की। गोविंद ने फिनलैंड, पोलैंड, रशिया के साथ भारत में आयोजित अंतराष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भी पदक हासिल किया है।
विज्ञापन
रीजनल स्टेडियम से सीखा बॉक्सिंग का ककहरा
वर्ष 2008 से प्रैक्टिस की शुरुआत करने वाले गोविंद ने बॉक्सिंग का ककहरा रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम से सीखा है। वर्ष 2012-15 तक मेरठ स्पोर्ट्स हॉस्टल में चयन हुआ। उसके बाद 2018-19 में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में रहकर प्रशिक्षण हासिल किया।
वर्ष 2011-2017 तक राज्यस्तरीय बॉक्सिंग में हर बार पदक
वर्ष 2011-17 तक आयोजित राज्यस्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोविंद साहनी ने हर बार पदक हासिल किया है। वे स्कूल स्टेट और ओपेन स्टेट में तकरीबन 15 पदक हासिल कर चुके हैं। इसके साथ ही चार बार राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में पदक हासिल किया है।